उद्धव ठाकरे बने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, तीनों पार्टियों के छह कैबिनेट मंत्रियों ने भी ली शपथ, कमान संभालते ही गिनायी प्राथमिकता

न्यूज डेस्क। महाराष्ट में अब उद्धव ठाकरे ने सीएम पद की सपथ ले ली है, उनके साथ तीन पार्टियों के 6 कैबिनेट मंत्रियों ने भी सपथ ली है। मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित सपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। उद्धव ठाकरे शिवसेना परिवार के पहले ऐसे व्यक्ति हैं जो मुख्यमंत्री बने हैं। सपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी नहीं आ सके। उन्होंने शिवसेना के इस सपथ ग्रहण समारोह से दूरी बना कर रखी, हालांकि राहुल गांधी और सोनिया गांधी की चिठ्ठी आयी। महाराष्‍ट्र में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की ‘महा विकास अघाड़ी‘ के नेता के रूप में उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उद्धव ठाकरे के साथ-साथ तीनों पार्टियों के छह नेताओं ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली है। बता दे कि शिवसेना के कोटे से एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई, एनसीपी के कोटे से जयंत पाटिल और छगन भुजबल, कांग्रेस के कोटे से बालासाहेब थोराट और नितिन राउत शामिल हैं। शपथ ग्रहण समारोह में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, पूर्व मुख्यमंत्री दवेंद्र फडणवीस, रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी, राज ठाकरे, सुप्रिया सुले, कांग्रेस के अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन भी मौजूद थे. बता दें कि तीनों पार्टियों के गठबंधन को ‘महाराष्ट्र विकास अघाड़ी‘ नाम दिया गया है।तीनों दलों के बीच कई दौर की बैठकों के बाद यह तय किया गया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे होंगे और सिर्फ एक ही डिप्टी सीएम होगा वह भी उा. इसके अलावा कांग्रेस को स्पीकर का पद दिया जाएगा. हालांकि अभी तक डिप्टी सीएम और स्पीकर का नाम तय नहीं हो पाया है ।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्धव ठाकरे को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि वे महाराष्ट्र के उज्जवल भविष्य के लिए काम करेंगे.
उद्धव सरकार का ‘एक्शन प्लान‘ तैयार
  • -किसानों का कर्ज माफ किया जायेगा
  • -क्षत्रपति साहू जी महाराज किलों के लिए 30 करोड़ मंजूर
  • -धर्मनिरपेक्ष और विकास की बात की गई।
  • -मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की जाएगी
  • -एक रुपये में इलाज वाले क्लीनिक खोले जाएंगे
  • -राज्य के हर शख्स का स्वास्थ्य बीमा होगा
  • – युवाओं को बिना किसी ब्याज के एजुकेशन लोन मिलेगा
  • – और सरकार में खाली पदों को तुरंत भरा जाएगा
  • – इसके अलावा राज्य में निवेश बढ़ाने की हर संभव कोशिश की जाएगी
  • – आईटी में निवेश बढ़ाने के लिए नीतियों में भी सुधार किया जाएगा
  • – झुग्गी में रहने वालों को 500 फीट जमीन मुफ्त मिलेगी।
कांग्रेस के शिखर नेतृत्व ने उद्धव ठाकरे के शपथ से बनाई दूरी, पत्र के जरिए भेजी शुभकामनाएं
न्यूज डेस्क। शिवसेना के साथ सत्ता की साझेदार बनने के बावजूद कांग्रेस का शिखर नेतृत्व उद्धव ठाकरे के शपथ समारोह से दूर रहा। शिवसेना से अचानक दोस्ती को लेकर हिचकिचाहट ही रही कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह ने उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र की कमान संभालने का शुभकामना पत्र तो भेजा मगर शिवाजी पार्क के सत्तारोहण जलसे में तीनों शामिल नहीं हुए। हालांकि सोनिया ने उद्धव को भेजे शुभकामना पत्र में यह कहकर गठबंधन के फैसले को सही ठहराया कि बेहद असाधारण परिस्थितियों में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना को साथ आना पड़ा है। इसीलिए उम्मीद है कि इन हालातों में तीनों दलों की नई सरकार महाराष्ट्र की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेगी। उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के शिखर नेतृत्व को शपथ में बुलाने के लिए अपने विधायक बेटे आदित्य को खुद सोनिया, मनमोहन और राहुल को आमंत्रित करने के लिए गुरूवार को दिल्ली भेजा था। सोनिया गांधी ने उद्धव से कहा कि आदित्य ने गुरूवार को न्यौता दिया था मगर वे शपथ में आने में असमर्थ हैं और इसके लिए उन्हें खेद है। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष ने असमर्थता की वजह की कोई चर्चा नहीं की है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर उद्धव को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा है कि देश का राजनीतिक वातावरण जहरीला हो गया है। अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और किसान परेशान हैं। ऐसे में कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना ने साझा न्यूनतम कार्यक्रम तय किया है और उन्हें विश्वास है कि तीनों पार्टियां इस वादे को पूरी भावना के साथ कार्यान्वित करेंगी। सोनिया ने यह भी कहा है कि महाराष्ट्र की जनता गठबंधन से समावेशी, जवाबदेह और पारदर्शी शासन की उम्मीद करती है और हम सभी का सामूहिक प्रयास इसे पूरा करने पर केंद्रित होना चाहिए।
पूर्व पीएम मनमोहन ने भी लिखा उद्धव को पत्र
मनमोहन ने उद्धव को शुभकामना भेजते हुए उनके मुख्यमंत्री के रुप में शपथ लेने को एक ऐतिहासिक कार्यक्रम बताया। वहीं राहुल गांधी ने भी शपथ में शामिल नहीं होने पर खेद जताते हुए उद्धव को नई सियासी जिम्मेदारी संभालने को लेकर शुभकामना पत्र भेजा।

यूपी से मनीषा श्रीवास्तव की रिपोर्ट

 

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