सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अभिभावकों के बीच होगा संवाद, हर वर्ष मनाया जायेगा वार्षिकोत्सव

-सभी जिलो के डीएम और बीएसए को अपर मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश
लखनऊ। राजधानी समेत प्रदेश भर में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर संचालित प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में अब फिर से शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद शुरू होगा। निजी स्कूलों की तर्ज पर नियमित बैठक शिक्षकों को अभिभावकों साथ करनी होगी। इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष वार्षिकोत्सव मनाया जायेगा। ये व्यवस्था प्रदेश भर के स्कूलों के लिए लागू होगी। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव बेसिक रेणुका कुमार की ओर से भी जिलों के जिलाधिकारियों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश भी जारी कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि अध्यापकों और अभिभावकों की नियमित बैठक करने से छात्र-छात्राओं के अधिगम स्तर व्यवहार संबंधी रिपोर्ट प्रगति अन्य क्रिया क्लाप के बारे में विस्तार से चर्चा हो सकेगी। इसके साथ ही सभी छात्र-छात्राओं को स्कूल की ओर से मिलने वाली निशुल्क किताबें और यूनिफॉर्म और स्वेटर और जूते मोजे के बारे में जानकारी भी हो सकेगी। गौरलतब है कि इस बात की शिकायत हमेशा रही है कि पिछले काई सालों से सरकारी स्कूलो में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच मीटिंग नहीं होती थी, जिसके चलते अभिभावक सरकारी शिक्षा व उसमें मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी वंचित रहते थे। लेकिन अपर मुख्य सचिव शासन रेणुकार की ओर से जारी इस आदेश के बाद स्कूलों में एक परिवर्तन आने की उम्मीद जगी है।

त्रैमासिक बैठक हर सोमवार के दिन करनी होगी

शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बैठक का समय त्रैमासिक रखा गया है जिसमें सोमवार का दिन निर्धारित गया है, यदि कभी सोमवार को छुट्टïी पड़ जाती है तो ये बैठक अगले कार्य दिवस में आयोजित की जायेगी। बैठक का समय प्रात: 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। बैठक के दौरान शिक्षक बच्चों से जुड़ी तमाम जिम्मेदारी के बारे में अभिभावकों को बतायेंगे, इस बीच अभिभावकों की बात को भी समझना होगा। इसके साथ ही बच्चों का रीडिंग स्किल बढ़े इसके लिए अभिभावकों की ओर से घर पर बच्चों को पढऩे के लिए प्रेरित करने के लिए कहा जायेगा। बच्चों को यदि कोई पढऩे में समस्या आ रही है तो उस बारे में भी अभिभावकों शिक्षकों को बता सकेंगे। इस संबंध में प्रधानाध्यापकों की भी जिम्मेदारी तय की गयी है कि वह बच्चों के माध्यम से अभिभावकों के पास बैठक के लिए दो दिन पहले सूचना भेजेंगे। ये सूचना बच्चों के नोटबुक के माध्यम से भेजनी होगी।

बैठक में शामिल रहेगा ये एजेंडा

-छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के बारे में जानकारी दी जायेगी।
-छात्रों की प्रगति रिपोर्ट के साथ उनके व्यवहार पर भी चर्चा होगी।
-अभिभावकों को दीक्षा लर्निंग कोर्सों के बारे में जानकारी दी जायेगी।
-विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों के बारे में चर्चा की जायेगी।
-अभिभावकों को बच्चे के चिकित्सीय परीक्षण की जानकारी दी जायेगी।
-बच्चों को मिलने वाली निशुल्क चीजों के बारे में बताया जायेगा।
-अभिभावकों से शैक्षिक वातावरण गुणवत्ता के बारे में भी जानकारी ली जायेगी।
-बच्चों को घर पर पढऩे के लिए अभिभावकों को प्रेरित किया जायेगा।

हर साल फरवरी माह में होगा वार्षिकोत्सव

सभी स्कूलों में हर साल फरवरी माह में वार्षिकोत्सव आयोजित करना होगा। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने बताया कि निजी स्कूलों की तर्ज पर स्कूलों में वार्षिकोत्सव आयोजित किया जायेगा। इससे बच्चों का उत्साहवर्धन के साथ-साथ उनकी प्रतिभा की भी पहचान की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि वार्षिकोत्सव की एक सप्ताह पहले तैयारी शुरू की जायेगी, जिसमें क्षेत्र के सम्मानित गणों को भी बुलाया जायेगा। महोत्सव में शामिल होने अभिभावकों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने बताया कि बच्चे वार्षिकोत्सव में यदि कोई कार्यक्रम प्रस्तुत करना चाहते हैं तो इसके लिए शिक्षकों को उनका मनोबल बढ़ाते हुए प्रेरित करना होगा और तैयारी भी करानी होगी। उन्होंने कहा अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को मुख्य अतिथि के हाथों पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया जायेगा।