यूपी बोर्ड परीक्षा केन्द्रों के निर्धारण में सेटिंग करने वाले सफल, धरा रह गया शासनादेश

सरकार डाल-डाल तो सेटिंग करने वाले पात-पात यूपी बोर्ड परीक्षा केन्द्रों में फिर ख्ोल
लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा 2०18 के लिए राजधानी समेत पूरे प्रदेश भर में परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण शासनादेश के दरकिनार करते हुए कर दिया गया। हर साल की तरह इस बार भी केन्द्रों के निर्धारण में मनमाने केन्द्र बनवाने के लिए सेटिंग करने वाले सफल हो चुके हैं। प्र्रस्तावित परीक्षा केन्द्रों की सची जारी होने के बाद पता चलता है कि किस तरह से ख्ोल किया गया है। प्रदेश में 191० राजकीय विद्यालयों में 377 तथा 4531 अशासकीय विद्यालयों में से 3437 केंद्र बनाए गए जबकि 179०1 में से 4243 वित्त विहीन विद्यालयों को केंद्र बनाया गया।

वित्त विहीन विद्यालय हमेशा से नकल किए लिए बदनाम रहे हैं। इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पास कराने की गारंटी के साथ ही परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। ऐसे में सरकार ने इस बार वित्त विहीन के बजाए राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने पर अधिक ध्यान देने के लिए कहा है। पहली बार ऑनलाइन परीक्षा केंद्र तय करने की व्यवस्था लागू की गई। जानकारों की माने तो डीआईओएस कार्यालय और यूपी बोर्ड के अफसर वित्त विहीन विद्यालयों को केंद्र बनवाने के पक्ष में रहे, क्योंकि काफी वित्त विहीन विद्यालय बड़े नेताओं और शिक्षा विभाग के अफसरों के हैं या वे किसी न किसी माध्यम से इन विद्यालयों से जुड़े हैं। अफसरों ने सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं न होने का हवाला देकर ज्यादातर राजकीय और अशासकीय विद्यालयों को पहले ही बाहर कर दिया।

शासनादेश के अनुसार ही केन्द्र न बनाने के मामले में जांच की जायेगी। अगर इसमेें किसी भी जिले में डीआईओएस की लापरवाही मिलेगी तो सख्त कार्रवाई की जायेगी। बोर्ड परीक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
नीना श्रीवास्तव सचिव यूपी बोर्ड

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

five + 4 =