एक समान पाठ्यक्रम से दूर होगी सामाजिक विषमता, सीएसआर में कॉन्क्लेव मुख्यमंत्री ने दिखायी एलईडी वैन को हरी झंडी

लखनऊ। सीएसआर कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा सामाजिक विषमता को दूर करने के लिए शिक्षण संस्थानों में एक समान पाठ्यक्रम लागू करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है। इसके लिए सभी जिलों के अधिकारियों को आदेश निर्देश भी जारी कर दिए गये है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बुनियादी शिक्षा में सुधार एवं समग्र विकास तथा ‘ऑपरेशन कायाकल्प‘ से संबंधित जानकारियों के प्रचार-प्रसार के लिए एलईडी वैन को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। डॉ. राम मनोहर लोहिया लॉ यूनिवर्सिटी के सभागार में आयोजित इस कॉन्क्लेव में मौजूद हजारो शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में हमारी सरकार ने जो भी बेसिक शिक्षा के लिए किया है उसका निचोड़ इस सेमिनार के माध्यम से सामने आ रहा है। प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े एक लाख 58 हजार विद्यालयों के बुनियादी विकास की दृष्टि से ऑपरेशन कायाकल्प योजना को शुरू की गई थी। https://youtu.be/QZVghOx-cH8 ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत पिछले तीन वर्ष के दौरान सरकार अब तक 92 हजार विद्यालयों को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा चुके हैं, जिनका बहुत पहले ध्यान दिया जाना चाहिए था। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा व बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश चंद्र द्विवेदी के अलावा नीति आयोग के सलाहकार आलोक कुमार, गूगल व माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों के आला अधिकारी भी उपस्थित थे।
शिक्षकों को मिला सम्मान
मिशन प्रेरणा‘ में लर्निंग आउटकम और सपोर्टिव सुपरविजन की व्यवस्था की गई है। इस जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाले शिक्षाग्रहियों को मुख्यमंत्री ने सम्‍मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार और सीएसआर कॉन्क्लेव के उद्घाटन कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षा से अनुराग रखने वाले महानुभाव व शिक्षा जगत के भाइयों-बहनों को मैं बेसिक शिक्षा परिषद को इस कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
प्राॅक्सी शिक्षक व्यवस्था हुई समाप्त
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब प्रदेश की कमान हमने मुख्यमंत्री के रूप में संभाली तो ग्रामीण क्षेत्रों के बहुत सारे स्कूलों में प्राॅक्सी शिक्षक व्यवस्था लागू थी। उन्होंने कहा इस व्यवस्था को हमने पूर्ण रूपे समाप्त किया। उन्होंने कहा कि जब असल शिक्षक स्कूल जाने लगेगा और बच्चों को पढ़ाने लगेगा तो बच्चा अपने आप ही तैयार हो जाएगा, लेकिन शिक्षक ही स्कूल नहीं जाएगा तो शिक्षा व्यवस्था कैसे सुधरेगी। एक शिक्षक को सर्वज्ञ होना चाहिए। हमारी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षकों की ऐसी श्रृंखला होनी चाहिए, जिससे वे अपने सामने आने वाली चुनौतियों से भागने की बजाए उनसे जूझने के लिए तैयार हो सकें।
भाजपा सरकार ने लिया शिक्षा को प्राथमिकता में
इससे पहले कॉन्क्लेव संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि यूपी में भाजपा की सरकार बनने के शिक्षा प्रथमिकता में आई। सरकार ने विद्यालयों के इन्फ्रास्टक्चर और शिक्षकों की कमी को दूर किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक वह श्रेष्ठ है जो अनवरत एक विद्यार्थी की भावना से कार्य करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शिक्षा शामिल है इसलिए लगातार बड़े परिवर्तन हो रहे हैं। उन्होंने इस दौरान मुख्यमंत्री को भी धन्यवाद देते हुए कहा मैं उनका अभारी हूं कि उन्होंने योग्यता के अनुसार विभाग देकर मुझे शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का मौका दिया।

प्रेरणा माड्यूल का बेहतर ढंग से लागू होना जरूरी
इस मौके पर उपस्थित नीति आयोग के सलाहकार आलोक कुमार ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और प्रेरणा मॉड्यूल को बेहतर ढंग से लागू करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर भारत को उच्च विकास दर की ओर पहुंचाना है तो तो इसके लिए लगातार बहुत मेहतन करना होगा। साथ ही स्कूलों में स्कूलिंग तो हमने बहुत कर ली आज देश के अधिकांश बच्चे स्कूल पहुंच चुके हैं, लेकिन अब लर्निंग की आवश्यकता है।
109 कंपनियों के सहयोग से आयेगा बदलाव
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का आभार बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सतीश चंद्र द्विवेदी ने किया। इससे पहले उन्होंने बताया कि इस कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी कॉन्क्लेव में 109 कंपनियां प्रतिभाग कर रही हैं और यह बेसिक शिक्षा के स्कूलों की सूरत बदलने के लिए 114 करोड़ रुपये खर्च करेंगी। सीएम ने 350 कस्तूरबा गांधी विद्यालय जिन्हें उच्चकृत कर इंटरमीडिएट कॉलेज बनाया जा रहा है, उन्होंने कहा मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों का शिलान्यास कर दिया है। स्कूलों 788 करोड़ का बजट खर्च किया जा रहा है।
विद्यालयों के फर्नीचर के लिए दी पहली विधायक निधि
कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैंने अपनी पहली विधायक निधि गोरखपुर जनपद के विद्यालयों में फर्नीचर कार्य के लिए दे दी थी। लगभग गोरखपुर महानगर के सभी विद्यालयों में फर्नीचर लग चुके हैं। इसी प्रकार से अन्य जनप्रतिनधियों को विद्यालयों के लिए अपनी निधि से पैसा देना चाहिए।
समर्थ और शारदा तकनीकि प्रणाली हुई शुरू
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई समर्थ और शारदा तकनीकि प्रणाली का शुभारम्भ किया। समर्थ तकनीकि प्रणाली दिव्यांग बच्चों की ट्रैकिंग और शैक्षिक समावेशन की व्यवस्था है। वहीं शारदा तकनीकि प्रणाली आउट ऑफ स्कूल के बच्चों का चिन्हिकरण, पंजीकरण और नामांकन के लिए कार्य करेगी।
10 शिक्षाग्रही हुए सम्मानित
मिशन प्रेरणा में लर्निंग आउट कम और सपोर्टिव सुपरविजन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत मुख्यमंत्री योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 शिक्षाग्रहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। जिसमें बरेली के लक्ष्मीकांत शुक्ला, चित्रकूट के संतोष कुमार साहू, हापुड़ के ललित कुमार, बिजनौर के इरशाद अहमद, बहराइच के श्रवण कुमार मिश्रा, विजय कुमार सरोज, यादवेंद्र प्रताप, भानु प्रताप मिश्रा, कल्पना मिश्रा एवं अब्दुल मोमिन शामिल हैं।
शिक्षकों के लिए लांच हुए चार पुस्तकें
इसम मौके पर मुख्यमंत्री ने चार पुस्तिकाओं का विमोचन किया। जिसमें कक्षा एक और दो के बच्चों में भाषा और गणित की बुनियादी समझ विकसित करने के लिए पुस्तिका ‘आधारशिला’, जिन बच्चों की सीखने की क्षमता का स्तर कक्षा के अनुरूप नहीं होता उनके लिए ‘ध्यानाकर्षण’ एवं शिक्षकों की आवश्यकताओं एवं व्यवसायिक विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई पुस्तिका ‘शिक्षण’ संग्रह का विमोचन किया। उन्होंने इस दौरान सभी किताबों को शिक्षकों के लिए भी दिए जाने का आदेश दिया।

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