जो नैक से करायें मूल्यांकन विश्वविद्यालय उन्हीं को दे मान्यता, शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं-डा. दिनेश शर्मा

लखनऊ। अब प्रदेश के विश्वविद्यालय उन्हीं महाविद्यालयों को संबद्घता व मान्यता प्रदान कर सकेंगे जो नैक से मूल्यांकन करायेंगे। जो नैक से मूल्यांकन नहीं करायेंगे उनको मान्यता नहीं दिए जाने का आदेश प्रदेश के डिप्टी सीएम व उच्च शिक्षा मंत्री डा. दिनेश शर्मा ने दिए हैं। गुरूवार को योजना भवन में बैठक कर रहे डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि हम शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन विश्वविद्यालयों एवं उनसे संबद्ध राजकीय महाविद्यालयों एवं अशासकीय महाविद्यालयों का नैक मूल्यांकन हो चुका है वह बधाई के पात्र हैं। लेकिन जिन्होंने नैक मूल्यांकन नहीं कराया है वह वह मूल्यांकन कराने की तैयारी करें, क्योंकि नैक मूल्यांकन न होने से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है। उप मुख्यमंत्री शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् से तथा आगामी परीक्षाओं को शुचितापूर्ण ढंग से सम्पादित कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में योजना भवन के कक्ष में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नैक संस्था से उच्च शिक्षण संस्थाओं के । ग्रेड में मूल्यांकन प्राप्त करने के लिए अति आवश्यक है कि शिक्षण संस्थाएं नैक द्वारा निर्धारित मूल्यांकन मापदंड के आधार पर तैयारी करके उच्चतम ग्रेड प्राप्त करने के प्रयास करें।
अभी तक मूल्यांकन न कराने वाले संस्थानों से मांगा जवाब
इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री ने ऐसे विश्वविद्यालयों से जिन्होंने अभी तक एक बार भी नैक मूल्यांकन नहीं कराया है उसका कारण पूछा और मूल्यांकन ना कराए जाने को चिंताजनक बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे समस्त विश्वविद्यालय जिन्होंने एक बार भी मूल्यांकन नहीं कराया है वे जल्द से जल्द नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दें। उन्होंने कहा कि समस्त विश्वविद्यालय अपने संबद्ध समस्त राजकीय महाविद्यालयों एवं अशासकीय महाविद्यालयों का भी नैक मूल्यांकन कराया जाना सुनिश्चित करें।
19 में आठ विश्वविद्यालयों का हुआ मूल्यांकन
इस मौके पर मुख्य सचिव आरके तिवारी ने उप मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के 19 राज्य विश्वविद्यालयों में से आठ विश्वद्यिालय नैक संस्था से मूल्यांकित हैं, जिनमें एक विश्वविद्यालय ए ग्रेड में, 6 बी ग्रेड में, 1 सी ग्रेड में मूल्यांकित हैं। इस प्रकार 11 राज्य विश्वविद्यालय नैक से मूल्यांकित होने हैं, जिन्हें इस दिशा में त्वरित कार्यवाही की जानी अपेक्षित है। प्रदेश में 159 राजकीय महाविद्यालय है, जिनमें से 33 महाविद्यालय बी ग्रेड में, 7 सी ग्रेड में मूल्यांकित हैं।
126 महाविद्यालयों पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत
कार्यशाला में प्रस्तुत रिपोर्ट में डिप्टी सीएम को बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में 126 का नैक मूल्यांकन होना बाकी है। जिसमें इन पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जरूरत है। बताया जा रहा है कि इन महाविद्यालयों के प्रबंधकों की ओर से नैक को लेकर कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है।
331 सहायता प्राप्त आशासकीय महाविद्यालय में 85 का हुआ मूल्यांकन
331 सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में से 85 नैक मूल्यांकित हैं, जिनमें 13 ए ग्रेड में, 56 बी ग्रेड में तथा 16 सी ग्रेड में मूल्यांकित हैं तथा शेष 246 महाविद्यालय को नैक मूल्यांकन के लिए तत्काल प्रक्रिया प्रारम्भ कर देनी चाहिए। जो महाविद्यालय सी ग्रेड में मूल्यांकित हैं उन्हें ए ग्रेड में मूल्यांकन हेतु सार्थक प्रयास किये जाने की आवश्यकता है। 27 निजी विश्वविद्यालयों में से 08 नैक मूल्यांकित हैं, इनमें 03 ए ग्रेड में तथा 5 बी ग्रेड में मूल्यांकित हैं।
19 निजी विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई की जरूरत
राजधानी समेत प्रदेश में 19 निजी विश्वविद्यालयों को भी ए ग्रेड में मूल्यांकन हेतु कार्यवाही करने की आवश्यकता है। प्रदेश में 6531 स्वावित्तपोषित महाविद्यालयों के सापेक्ष 306 महाविद्यालय नैक से मूल्यांकित हैं, जिनमें से 35 ए ग्रेड में, 241 बी ग्रेड एवं 30 सी ग्रेड में मूल्यांकित हैं। इस प्रकार जो शेष स्ववित्तपोषित उच्च शिक्षण संस्थायें हैं, उन्हें अपनी गुणवत्ता प्रमाणित करने के लिए नैक से मूल्यांकन के लिये निरन्त प्रयास करते रहना चाहिए।
शुरू हुई नैक मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया
नैक एडवाइजर, डॉ के. रमा ने इस अवसर पर कहा कि सभी विश्वविद्यालयों के लिए नैक मूल्यांकन कराना अनिवार्य है। इससे भयभीत होने की जरूरत नहीं है। नैक मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। पूरी तैयारी के साथ नैक मूल्यांकन प्रपत्र ऑनलाइन प्रस्तुत किया जाए। नैक कराने के लिए 7 मापदंडों का निर्धारण किया गया है उसी के हिसाब से पूरी तैयारी की जाए। नैक संस्था से उच्च शिक्षण संस्थाओं के। मूल्यांकन प्राप्त करने के लिये अतिआवश्यक है।

Posted By-Ravi Gupta

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