पाकिस्तान और उसकी सेना का चेहरा हुआ बेनकाब, नगरोटा में मारे गये आंतकियों की पाकिस्तानी ने रेंजर्स ने करायी थी घुसपैठ

न्यूज डेस्क। भारत से हर बार मुंह की खाने के बाद भी अपनी कायराना हरकतों से पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान उसकी आर्मी का घटिया चेहरा एक बार फिर सामने आया है। भारत में आतंकियों को घुसाने के लिए पाकिस्तान कोई न कोई तिकड़म भिड़ाता रहता है। कल यानी 19 नवंबर की जम्मू कश्मीर के नगरोटा में भारतीय सेना के जवानों ने जिन चार आंतकियों को ढेर किया था उन जवानों को पाकिस्तानी रेंजर्स ने भारतीय सीमा में प्रवेश कराया था। इस बात का बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की साजिश का पर्दाफाश होने के बाद इमरान सरकार ने अपना पल्ला झाड़ते हुए आंतकियों को जम्मू कश्मीर का निवासी बताया है ताकि उसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जवाब न देना पड़े। हमेशा की तरह पाकिस्तान ने इस बार भी एनकाउंटर को फर्जी बताया है। प्रतिष्ठित समाचार वेबसाइट एबीपी न्यूज के मुताबिक आतंकियों ने पाकिस्तान के शकरगढ़ से जम्मू में घुसपैठ किया था। शकरगढ़ वह इलाका है जहां पाकिस्तानी रेंजर्स का मुख्यालय है।
सेना का मुख्यालय जिस इलाके में होता है वहां कड़ी चौकसी होती है, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात होते हैं। इसलिए ये बात पुख्ता है कि चारों आतंकियों की घुसपैठ का सुरक्षित रास्ता पाकिस्तानी रेंजर्स ने ही चुना था। इसलिए ये आतंकी भारतीय सेना की नजर से बचने में कामयाब हुए।

एबीपी न्यूज के मुताबिक रेंजर्स और आतंकियों की मिलीभगत की बात हथियारों के जखीरे से भी साबित होती है। आतंकियों को इतनी बड़ी संख्या में हथियार कोई सेना ही मुहिया करा सकती है. इन हथियारों के जखीरे में 6 एके-56, 5 एके-47, एक अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, तीन पिस्टल, 30 चीइनीज बम, 120 बारूद बरामद किया गया। पाकिस्तान की साजिश का पर्दाफाश होने के बाद इमरान सरकार ने अभी से ही पल्ला झाड़ना शुरू कर दिया है। दुनिया को जवाब न देना पड़े। इसलिए पाकिस्तान ने मारे गए आतंकियों को कश्मीरी बताना शुरू कर दिया है।