यूपी पहुंचा पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों का बवाल, केजीएमयू समेत कई अस्पतालों के डॉक्टर रहे हड़ताल पर

न्यज डेस्क। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की पिटाई से गुस्से की आग यूपी तक पहुंच गयी और सोमवार को केजीएमयू समेत कई अस्पतालों में डॉक्टर हड़ताल रहे तो वहीं मरीज हाल से बेहाल रहे। केजीएमयू में जूनियर डॉक्टरों ने नारेबाजी करते हुए ओपीडी के दरवाजे बंद कर लिए। इस दौरान कई अधिकारी ओपीडी में बंधक बना लिया गया। केजीएमयू में इमरजेंसी ऑपरेशन टाल दिया गया।
पीजीआई में नहीं हो सके आपरेशन
पीजीआई में भी हड़ताल के चलते मरीज परेशान रहे। 32 मरीजों के ऑपरेशन टल गए सिर्फ 4 मरीजों को ऑपरेशन थिएटर में लिया गया है। नर्सिंग होम एसोसिएशन के महासचिव डॉ. अनूप अग्रवाल ने बताया कि करीब 256 अस्पताल पंजीकृत हैं। इन अस्पतालों में रोजाना हजारों मरीजों की ओपीडी होती है। ओपीडी का संचालन नहीं होगा। 300 से ज्यादा ऑपरेशन नहीं होंगे।
डॉक्टरों में काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर पश्चिम बंगाल और पूरे भारत मे बढ़ रहे हमलों के विरोध में चिकित्सक हड़ताल पर हैं। उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवायें पूरी तरह से चरमरा गई हैं। इसका सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। लखनऊ में मेडिकल यूनिवर्सिटी के साथ ही आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज, मेरठ व प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज में भी काम ठप रहा। सीनियर के साथ जूनियर डॉक्टर्स काली पट्टी पहनकर अपना विरोध जता रहे है।वहीं एसजीपीजीआई , केजीएमयू और लोहिया संस्थान में जूनियर डॉक्टर के कार्य बहिष्‍कार करने पर मरीज परेशान रहे।
ठप रहे जांचे, मरीजों की रही जबरदस्त भीड़
लोहिया अस्पताल, बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु और रानीलक्ष्मीबाई संयुक्त अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ी। 2600 मरीजों के ऑपरेशन टल गए और एक लाख से अधिक मरीज डॉक्टरों को बगैर दिखाए ही लौट गए। पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी जांचें भी ठप रहीं।
निजी अस्पतालों में भी रहा बुरा हाल
राजधानी के निजी अस्पतालों में भी मरीजों का बुरा हाल रहा। फातिमा, विवेकानंद पॉलीक्लीनिक, चरक हॉस्पिटल समेत कई बड़े अस्पतालों की ओपीडी बंद रही। सुबह आठ बजे से शुरू होने वाली ओपीडी में हजारों की संख्या में लोग वापस हुए।
कई जिलों में दिखा हड़ताल का असर
गोरखपुर, अलीगढ़, अयोध्या, झांसी, बरेली, मुरादाबाद के मेडिकल कॉलेजों में हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। डॉक्टर्स के कार्य बहिष्कार के कारण मरीज से लेकर उनके परिजन अस्पताल में दर-दर भटकते नजर आये। प्रयागराज में भी सभी सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर्स भी लगातार तीसरे दिन भी कामकाज ठप्प किये हुए है और तालाबंदी कर पूरी तरह हड़ताल पर हैं।