प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जल्द सुधरेगी दिशा और दशा, सरकार उठाने जा रही कई कदम

-बेसिक शिक्षा मंत्री ने प्रेस कान्फ्रेंस में दी जानकारी कहा जल्द होने जा रहे हैं कई बड़े बदलाव
-शिक्षकों के ट्रांसफर की ट्रॉसफर पालसी भी होगी सरल
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर संचालित प्रदेश भर के प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों की दशा सुधरेगी। जल्द ही बड़े स्तर पर कई बदलाव होने जा रहे हैं। इसमें स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की उपस्थित से लेकर मध्यान्ह भोजन व्यवस्था और शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया भी सरल होगी। जिसमें महिला शिक्षकों को वरीयता दी जायेगी। ये जानकारी बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश कुमार द्विवेदी ने दी है। डा. द्विवेदी मंगलवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय स्थित एससीईआरटी भवन में पत्रकारों से वार्ता के दौरान बताया कि एजुकेशन की क्वालिटी सुधरे इसके लिए एक निदेशालय का सृजन करने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि असिस्टेंट डायरेक्टर के लेकर कैडर को लेकर विभाग में एक बड़ी समस्या है संवर्ग विभाजन करेंगे जो कि प्राथमिक और माध्यमिक दोनो विभाग में लागू होगा।
मृतक आश्रितों को मिलेगी नियुक्ति
बेसिक शिक्षा मंत्री  ने बताया कि मृतक अश्रितों की विभाग नियुक्ति करेगा। लेकिन जो नियम होंगे उसमें मुख्य रूप से नियुक्ति टाइम अगर आश्रित योग्य हैं और टीईटी पास है तो उसे शिक्षक के रूप में नियुक्त कर लिया जायेगा। गौरतलब है कि प्रदेश में अभी तक कई शिक्षकों की सडक़ दुर्घटना में मौत हो गयी तो कई की गंभीर बीमारी के चलते मौत हो गयी। अभी तक मृतक शिक्षकों के आश्रित को नौकरी का कोई विकल्प नहीं होता था। यहां तक शिक्षक की मृत्यु के बाद परिजनों को कोई सहायता राशि भी नहीं मिलती थी। एक लंबे समय से शिक्षकों की मांग रही है कि मृतक आश्रित को नौकरी दी जानी चाहिए।
मिडे डे मिल की हर महीने होगी समीक्षा
डा. द्विवेदी ने बताया कि स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के तहत परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर हर महीने समीक्षा की जायेगी। उन्होंने बताया कि सचल दलों का जो गठन होने जा रहा है वह स्कूलों की गुणवत्ता के साथ-साथ मध्यान्ह भोजन की भी गुणवत्ता को दखेंगे।
यूनीफार्म की खरीद के लिए बनेगा अलग निगम
उन्होंने स्कूलों में दी जाने वाले निशुल्क यूनिफार्म, स्कूल बैग, जूता-मोजा व स्वेटर आदि की खरीद के लिए अलग से निगम बनाने का ऐलान भी किया। उन्होंने कहा कि निदेशक, बीएसए से लेकर विद्यालय प्रबंध समिति तक पूरे वर्ष किसी न किसी चीज की खरीद में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में पढ़ाई की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। इसके लिए अलग से निगम बनने से अधिकारी व शिक्षक पढ़ाई पर ध्यान दे पाएंगे।
बीएसए तैनाती के लिए होगी व्यवस्था
सतीश द्विवेदी ने साफ किया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी की तैनाती के लिए भी एक पारदर्शी व्यवस्था की जाएगी। उन्हीं योग्य अधिकारियों को बीएसए के पद पर तैनाती दी जाएगी जो उत्साही हों और नये तरीके से काम करने वाले हों। इसके लिए आवेदन मांगे जाएंगे और उनके रिकार्ड की जांच-परख होगी। 100 ऐसे अधिकारियों का बैंक तैयार किया जाएगा और जहां जरूरत होगी उन्हें तुरंत तैनाती दी जाएगी।
मार्च तक होंगे तबादले, बदलेगी प्रक्रिया
बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षकों के अन्तर्जनपदीय तबादले की प्रक्रिया मार्च तक पूरी कर ली जायेगी। इसके लिए अक्टूबर नवंबर से तैयारियां शुरू हो जायेंगी। इसमें महिला शिक्षकों को वरीयता दी जायेगी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए एक स्थान पर तीन साल की सीमा लागू नहीं की जायेगी। इसके लिए एक साल की सीमा ही तय की जायेगी। वहीं जो फौजियों की पत्नी का तबादला उनकी प्राथमिकता के आधार पर किया जायेगा। वहीं दिव्यांगों को भी वरीयता दी जायेगी। उन्होंने कहा कि अपनी ग्राम पंचायत में शिक्षक पोस्टिंग नहीं पायेंगे।
स्थापित होगा मीडिया सेल
बेसिक शिक्षा मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि जल्द ही मीडिया सेल की भी स्थापना की जायेगी। इस मीडिया सेल के माध्यम से बेसिक शिक्षा परिषद में होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। साथ ही आदेश निर्देश के बारे में भी जानकारी मिलना आसान होगी। इसके अतिरिक्त इस सेल के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी मिल सकेगी।

सरकारी स्कूलों में प्रतिदिन कराना होगा योग और खेलकूद

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में योग और खेलकूद का आयेजन कराना होगा। इस संबंध में मंगलवार को अपर सचिव बेसिक रेणुका कुमार ने बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह को पत्र जारी कर निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए तथा उनकी अधिगम वृद्धि के लिए प्रात:कालीन सत्र में प्रार्थना के समय प्रतिदिन 15 मिनट योगाभ्यास कराया जाय। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अन्तिम वादन में खेल-कूद गतिविधियां अनिवार्य रूप से सम्पन्न करायी जाय। उन्होंने विद्यालय की दैनिक समय सारिणी में इन दोनों गतिविधियों को अनिवार्य रूप से शामिल किये जाने के निर्देश दिए हैं। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि शैक्षिक गतिविधियों के साथ-साथ शारीरिक व्यायाम तथा योग क्रियाकलापों के अभ्यास से बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव होता है। बच्चों का शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहने की स्थिति में उनके शैक्षिक अधिगम स्तर में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि शैक्षिक गतिविधियों में उनकी अधिक सक्रियता बनी रहती है। भारत सरकार के ‘‘खेलो इंडिया’’ अभियान को व्यापक रूप से अमल करने के लिए भी यह कदम सार्थक होगा।

प्रदेश स्तर पर चार सदस्यीय उडऩ दस्ते तैयार

-सभी दस्ते सरकारी स्कूलों का मंडल स्तर पर करेंगे निरीक्षण, बीएसए को भी देंगे रिपोर्ट
लखनऊ। प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने समग्र शिक्षा की योजनाओं का जनपद स्तर पर क्रियान्वित कराए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के सफल एवं सुचारु ढंग से क्रियान्वयन के सघन अनुश्रवण किए जाने के लिए मंडल स्तर पर 4 सदस्यीय उडऩदस्ता का गठन किया है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार द्वारा समस्त मंडलीय  सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक एवं समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस उडऩदस्ता में मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक के निर्देशन में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी, जिला समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान, जिला समन्वयक मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव ने बताया कि इस उडऩदस्ता द्वारा प्राथमिक विद्यालयों एवं दो उच्च प्राथमिक विद्यालयोंएवं एक कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह  उडऩदस्ता एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंप के निरीक्षण सहित ब्लॉक संसाधन केंद्र का भी निरीक्षण करेगा। इस उडऩ दस्ता द्वारा ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत अवस्थापना सुविधाओं का भी निरीक्षण किया जाएगा। रेणुका कुमार ने कहां कि उडऩदस्ता राज्य परियोजना कार्यालय से दिए गए निर्देशों के अनुसार माह के प्रत्येक पक्ष में मंडल के किसी जनपद का निरीक्षण करेगा। निरीक्षण के उपरांत उडऩदस्ता से संबंधित मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक द्वारा अपने सदस्यों के साथ किए गए निरीक्षण की आख्या संबंधित जनपद के जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला शिक्षा परियोजना समिति, शिक्षा निदेशक एवं उत्तर प्रदेश, राज्य परियोजना निदेशक तथा संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी प्रतिलिपि संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक व कस्तूरबा गांधी विद्यालय की वार्डन को भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में पाई गई कमियों का निराकरण 15 दिन के भीतर संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालय के वार्डन द्वारा किया जाएगा। जिन कमियों का निराकरण जनपद स्तर से किया जाना है उन बिंदुओं पर संबंधित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कार्यवाही निर्धारित समय में कराई जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा उडऩदस्ता के द्वारा किए गए निरीक्षण में पाई गई कमियों का समयान्तर्गत निराकरण कराते हुए सम्यक आख्या जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला शिक्षा परियोजना समिति को तथा राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

11 − 4 =