कृषि विभाग, समेेत कई विभागों को नीदरलैंड के राजदूत ने दी ये सलाह

 

-राजदूत की बात सुनने के बाद कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिह समेत कई विभाग के अधिकारियों ने गिनायी उपलब्धियां

लखनऊ। प्रदेश में किसानों की दिशा और दशा भले ही किसी से छिपी नहीं है। लेकिन किसानों का अब और अधिक भला कैसे हो इसके लिए नीदरलैंड के राजदूत ने कृषि उत्पादन आयुक्त को सलाह दी है। मंगलवार को विभिन्न कंपनियों और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर हरे नीदरलैंड के राजदूत अल्फोन्सुस स्तुलाएंगा ने कहा है कि नीदरलैंड डेरी, आलू, टमाटर और गन्ना सेक्टर में आधुनिक तकनीकी के माध्यम से सहयोग देकर किसानों की आमदनी बढ़ाने में उत्तर प्रदेश का सहयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में प्रसंस्करण की तकनीक अपनाकर कम सिचाई के साधन एवं लागत से कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। श्री अल्फोन्सुस आज बहुखण्डी भवन में प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिह से 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल के साथ उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाये जाने से सम्बंधित विभिन्न रणनीति पर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जनसंख्या के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा राज्य है। यहां विकास के लिए सभी आवश्यक संभावनाएं मौजूद है। नीदरलैण्ड के तकनीकी विशेषज्ञ सहयोग देकर उत्पादन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। राजदूत ने कहा कि भारत में शुरु किए गए स्वच्छता अभियान एक नई पहल है। नीदरलैण्ड इस कार्यक्रम में भी योगदान देने लिए इच्छुक है। उन्होंने कहा कि दुग्ध, मछली, कुक्कुट और आलू उत्पादन में प्रसंस्करण की असीमित संभावनाएं हैं। किसानों की आमदनी दोगुना करने में इनका बड़ा योगदान हो सकता है। नीदरलैण्ड एक छोटा सा देश है लेकिन प्रसंस्करण इकाईयों के माध्यम से कृषि सेक्टर को लाभकारी बनाया है। नीदरलैण्ड की कम्पनियां कृषि सेक्टर खासतौर से आलू व गन्ना उत्पादन के सही तरीके की जानकारी देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकती हैं।
पांच वर्षों में किसानो की आमदनी दोगुना करने पर जोर-कृषि उत्पादन आयुक्त
नीदरलैंड के राजदूत की सलाह सुनने के बाद बैठक में शामिल कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिह ने प्रतिनिधि मण्डल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश जनसंख्या की दृष्टि से देश का बड़ा राज्य है। यहां की दो तिहाई जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। देश की प्रगति में उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। उत्तर प्रदेश को देश का सर्वाधिक विकसित प्रदेश बनाने के लिए अगले 5 वर्षों में किसानों की आमदनी दुगना करने के लिए कृषि सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने किसानों की आमदनी बढ़ाने में नीदरलैण्ड के राजदूत एवं प्रतिनिधि मण्डल में शामिल विभिन्न कम्पनियों के प्रतिनिधियों से डेयरी, गन्ना, आलू आदि क्षेत्रों में सहयोग एवं सुझाव की अपेक्षा की।                कृषि विभाग उत्पादन बढ़ाने पर दे रहा जोर
इस मौके पर उपस्थित प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कृषि विभाग कृषि शोध केन्द्रों और कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से कृषि सेक्टर में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रहा है। प्रमुख सचिव पशुपालन सुधीर एम. बोबड़े ने बताया कि डेरी और पोल्ट्री के क्षेत्र में दोनों देश एक दूसरे के सहयोग से उत्पादन की सम्भावनाएं तलाशेंगे। आयुक्त एवं प्रमुख सचिव गन्ना संजय भूसरेड्डी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गन्ने की पैदावार बहुत ज्यादा होती है। गन्ना सेक्टर में नीदरलैण्ड सहयोग एवं सुझाव दे सकता है। जबकि निदेशक उद्यान सी.पी. जोशी ने बताया कि विश्व के कुल आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश का दो प्रतिशत योगदान है। उन्होंने कहा कि आंवला, आम, केला का निर्यात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नीदरलैण्ड जिस प्रकार का आलू चाहे उत्तर प्रदेश के किसान उस तरह के आलू पैदा करने में सक्षम हैं। पशुपालन निदेशक डा. चरण सिह यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 5 करोड़ पशुधन है। लगभग 25 लाख अण्डें प्रतिदिन उत्पादित किए जाते हैं। पशुओं में उत्पादन क्षमता बनाए रखने तथा विभिन्न रोगों से सुरक्षित करने हेतु लगभग 4 करोड़ पशुओं को टीकाकरण किया गया है। नीदरलैण्ड डेरी सेक्टर में सहयोग प्रदान कर सकता है।
बड़े पैमाने पर बनाये जा रहे हैं शौचालय
नीदरलैंड के राजदूत को जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव पंचायती राज चंचल कुमार तिवारी ने बताया कि पंचायती राज विभाग गांव के विकास से सीधे जुड़ा हुआ है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत उत्तर प्रदेश को ओडीएफ से मुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर शौचालय बनाए जा रहे हैं। पंचायती राज विभाग ग्रामीण क्षेत्र के आधे से अधिक आबादी को कवर कर रहा है।                                बैठक में ये लोग हुए शामिल
राजदूत के साथ आये प्रतिनिधि मण्डल में नीदरलैण्ड के उप राजदूत डोमिनिक कुहलिग के अलावा आनरेरी कन्सूल नीदरलैण्ड शरद थडानी वरिष्ठ इकनोमिक एवं कामर्शिल वरिष्ठ सलाहकार माया आचार्य डिप्टी काउसिलर एग्रीकल्चर आनन्दन कृष्णन, पीयूएम डा. लीयन हुसैन, शताद्रु चटोपाध्याय, डायरेक्टर कोपर्ट बायोलॉजिकल सिस्टम उदय नारायान भाट, निदेशक एवं आफिस प्रतिनिधि किरेमिको बीवी फूड प्रोसेसिग इक्यूपमेंट भावना विश्वनाथ, मावीटेक ग्रुप के सुजीत कुमार तथा निदेश सनलाइट फ्यूल सुनील सिघल जैसे विशेषज्ञ शामिल थे।

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