मां के जैसा प्यार देंगे शिक्षक, नियमित पढ़ने आयेंगे बच्चे, बेसिक शिक्षा विभाग के सीएसआर कॉन्क्लेव में बोली राज्यपाल

लखनऊ। शिक्षक और विद्यालय में बच्चों को मां जैसा प्यार देंगे तो बच्चे नियमित पढ़ने आयेंगे। इससे बच्चों का आत्मबल बढ़ेगा, और पढ़ने में मन भी लगेगा। ये बात राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहीं। श्रीमती पटेल डॉ राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित सीएसआर कॉन्क्लेव के समापन के मौके पर शिक्षकों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिये प्राथमिक शिक्षा एक मजबूत नींव के समान है। बच्चे देश के भविष्य के निर्माता है। उन्होंने कहा शिक्षकों से कहा कि आप जितने प्रबुद्ध और सशक्त होंगे, देश उतना ही अधिक शक्तिशाली होगा। यह तभी सम्भव है जब बुनियादी शिक्षा सुदृढ़ होगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार, विशेष सचिव डीपी सिंह, निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेन्द्र विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में अध्यापक, बच्चे और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
अध्यापक दें बच्चों को गुणवत्तपूर्ण शिक्षा
राज्यपाल ने कहा कि अध्यापक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें। स्कूलों में सद्वाक्य लिखें जिसे बच्चे पढ़े और उसे आत्मसात करें। अध्यापक बच्चों को संस्कार वाली शिक्षा दें, जिससे बालक-बालिकाओं में चरित्र की सुदृढ़ नींव पड़े। संस्कारहीन शिक्षा निरर्थक है। राज्यपाल ने कहा कि इसके साथ ही अध्यापकों को बच्चों में सेवाभाव से कार्य करने के संस्कार विकसित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को अक्षर ज्ञान देते समय अर्थ भरे नाम सिखायें।
प्रेरक प्रदेश बनाने में सभी को निभानी होगी भूमिका
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2022 तक ‘प्रेरक प्रदेश’ बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में सभी लोग अपनी सक्रिय भूमिका निभायें। उन्होंने कहा कि प्रदेश को प्रेरक प्रदेश की राह में आगे ले जाने में सीएसआर का बहुत बड़ा योगदान होगा। राज्यपाल ने इस अवसर पर मीना मंच के माध्यम से बेहतर प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं (पावर एंजिल) को ‘मीना प्रेरक पुरस्कार’ तथा सीएसआर कम्पनियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। राज्यपाल ने समारोह में मासिक पत्रिका ‘प्रेरणा’ का विमोचन किया। इससे पहले राज्यपाल ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
गुणात्मक शिक्षा, सरकार का प्रयास-डॉ द्विवेदी
इस मौके पर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों में इस प्रकार की गुणात्मक शिक्षा दी जाये, जिससे ये स्कूल उच्च वर्ग के लोगों की भी पहली पसन्द बनें। उन्होंने कहा बेसिक शिक्षा हमारे देश के भविष्य का नीव है। उन्होंने कहा ऐसा पहली बार हो रहा है जबकि सरकार ने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता में लिया है।
समय से पहुचेंगे बच्चे तो शिक्षकों का भी सुधरेगा समय
राज्यपाल ने इस दौरान कहा बच्चे भी समय से स्कूल पहुंचे इसको लेकर अभिभावकों की एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे समय से स्कूल पहुंचेंगे तो शिक्षकों का समय से पहुंचना ही होगा। उन्होंने कहा शिक्षक जितना मन से बच्चों को पढ़ायेंगे उतना ही बच्चों का भविष्य मजबूत होगा।
क्षय और अनीमिया से मुक्त होगा यूपी
राज्यपाल ने कहा कि अपना यूपी टीबी और अनिमिया से मुक्त हो इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग को साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि चिकित्साधिकारियों की जिम्मेदारी है कि उनके यहां जो भी ऐसे बच्चे आते हैं उनका इलाज तो करें ही साथ ही पास के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से भी बच्चों के बारे में बतायें।

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