प्रेरणा ऐप के विरोध में शिक्षक, लेकिन अधिकारियों का दावा सुधरेगी व्यवस्था, जानिए क्या है ऐप में खास

लखनऊ। एक लंबे समय बाद बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने का बीड़ा योगी सरकार ने उठाया है, सरकार के निर्देश पर अधिकारी व्यवस्था को मजबूत करने में जुट गये हैं, यही कारण है कि दिन रात मेहनत के बाद जिन अधिकारियों ने प्रेरणा ऐप जैसी व्यवस्था को तैयार कराया, उसी के लाचिंग के बाद शिक्षक विरोध में उतरे हैं। 4 सितंबर को प्रेरणा ऐप की लाचिंग सीएम योगी ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठïान में की थी। लेकिन तब से लगातार इस ऐप का विरोध हो रहा है। हालांकि इस ऐप से शिक्षक अपनी समस्याएं भी सीधे अधिकारियों और शासन स्तर तक पहुंचा सकेंगे। लेकिन प्रेरणा ऐप पर शिक्षक अपनी सेल्फी के साथ उपस्थिति नहीं दर्ज करवाना चाहते हैं। इस संबंध शिक्षक नेताओं ने प्रेरणा ऐप न डाउनलोड करने की भी अपील की है, तो कुछ शिक्षक संघठनों ने सरकार से अन्य मूलभूत सुविधाएं लागू करने की मांग की है, यहां तक कुछ शिक्षक नेताओं की मांग है कि इसको शिक्षकों पर ही कयों थोपा जा रहा है सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर क्यों नहीं लागू किया जा रहा है। हालांकि प्रेरणा ऐप की व्यवस्था भले ही शिक्षकों को कठिन दिखायी पड़ रही है। लेकिन इसका सारा श्रेय विशेष सचिव व मिड डे मील के निदेशक विजय किरण आनंद को जाता है। सीएम ने भी निदेशक विजय किरण आंनद की मंच से प्रशंसा की है।
तीन बार सेल्फी के विरोध में शिक्षक
हालांकि अभी प्रेरणा ऐप का पूरी तरह से प्रयोग नहीं शुरू हुआ है लेकिन दिन में तीन बार 3 सेल्फी के नियम से शिक्षक नाराज हो रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से तैयारी यह है कि बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के मकसद से इसके अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की अब मासिक समीक्षा होगी। शिक्षक नेता डा. आरपी मिश्रा कहते है कि जब मंत्री, विधायक, डीएम, सांसद समेत कई ऊंचे पदों पर कार्य कर रहे हैं लोग सेल्फी लेकर हाजिरी नहीं दे रहे हैं तो हमसे क्यों कहा जा रहा है। सरकार का कहना है कि कई शिक्षक पढ़ाने में लापरवाही बरतते हैं ऐसे में यह नियम जरूरी है।
इस तरह से है मॉनीटरिंग की तैयारी
18 सदस्यीय जिला अनुश्रवण समिति गठित, जिला सचिव होंगे बीएसए शासन ने हर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति गठित की है। जिसके सदस्य सचिव जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी होंगे। केेंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में सुधार को मापने के लिए परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स प्रणाली विकसित की है। इसके तहत लर्निंग आउटकम, स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं समेत 70 संकेतक निर्धारित किए गए हैं। समिति की यह जिम्मेदारी होगी कि वह महीने में एक बार बैठक कर जिले में बेसिक शिक्षा के कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा करे।
इस तरह से भी काम करेगी समिति
  • -समिति विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय भुगतान की स्थिति पर भी नजर रखेगी।
  • -समिति शारदा पोर्टल के आधार पर आउट ऑफ स्कूल बच्चों का स्कूलों में नामांकन और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की समीक्षा भी करेगी।
    समिति इस बात की पड़ताल भी की जाएगी कि कितने स्कूलों में किन-किन कारणों से खाना नहीं बना।

    -समिति परिषदीय सकूलों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए चलाये जा रहे ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों को अवस्थापना सुविधाओं से लैस करने के लिए कार्यवाही भी करेगी।

  • -प्रेरणा ऐप के जरिए स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज की जाएगी।
  • – प्रेरणा ऐप को लेकर शासनादेश जारी कर दिया गया है।
  • -समिति प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की गई सूचना के विश्लेषण के आधार पर शिक्षकों और विद्यालयों की समीक्षा करेगी।
  • -परिषदीय स्कूलों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रों-शिक्षकों की उपस्थिति के साथ बच्चों के शैक्षिक मूल्यांकन के आधार पर स्कूलों की ग्रेडिंग पर भी नजर रखेगी।
  • -समिति समेकित शिक्षा कार्यक्रम के तहत विशिष्ट आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों के लिए जिलों में संचालित एक्सीलरेटेड लर्निंग कैंप के संचालन की समीक्षा करेगी।
    समिति यह भी देखेगी कि समेकित शिक्षा कार्यक्रम के अनुसार कितने बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ा गया है।
  • -समिति बच्चों को सरकार की ओर से दी जाने वाली किताबों, यूनीफॉर्म, जूते-मोजे, स्कूल बैग और स्वेटर का समय से वितरण वितरण और नियमानुसार भुगतान की कार्यवाही करेगी।
इस तरह से देनी होगी सेल्फी
सेल्फी के तरीके पर संशय की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन इस संबंध में अब स्पष्टï कर दिया गया है कि प्रेरणा ऐप और प्रेरणा वेब पोर्टल पर अब प्राइमरी शिक्षकों को दिन में तीन बार, सुबह-दोपहर-शाम को सेल्फी लेनी होगी। सेल्फी कुछ इस तरह की लेनी होगी कि पीछे स्कूल दिखे। दोपहर में बच्चों को मिड डे मील खिलाते हुए सेल्फी लेनी होगी। वहीं स्कूल छुट्टी के बाद छात्रों के साथ एक सेल्फी लेनी होगी। हालांकि शिक्षक इसे मानसिक प्रताडऩा बता रहे हैं।
सेल्फी के साथ लोकेशन भी बतायेगा ऐप
योगी सरकार की ओर से लांच किए गये इस ऐप में सबसे बड़ी खास बात यह भी है कि जो शिक्षक सेल्फी अपलोड करेगा उसकी लोकेशन भी दर्ज हो जायेगी। ऐसे में झूठ बोल पाने की कहीं पर गुंजाइश नहीं होगी। एक ही सेल्फी को दोबारा भेजने पर भी ऐप से पता चल जाएगा। लॉन्च के पहले ही दिन कई जगह इस ऐप के गड़बड़ होने की शिकायतें भी मिली हैं फिर भी काफी लोगों ने इस ऐप के जरिए स्कूल में उपस्थिति की सेल्फी भेजी है। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दावा है कि ये ऐप सारी व्यवस्था सुधार देगा।
हमने टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया है। कई विभागों में टेक्नोलॉजी से बदलाव भी हुआ है। प्रेरणा ऐप भी एक टेक्नोलॉजी है, ये ऐप भ्रष्टïाचार पर कड़ा प्रहार करेगा।
योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री यूपी, प्रेरणा ऐप लाचिंग के दौरान इंदिरा गांधी प्रतिष्ठïान से
प्रेरणा ऐप शिक्षकों की काफी सहायता प्रदान करेगा, शिक्षक अपनी सभी समस्याएं ऑनलाइन दर्ज करवा सकेंगे, उन्हें हर छोटे काम के लिए विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
विजय किरण आनंद मिड डे के निदेशक व विशेष सचिव
हमारी ओर से पूरा प्रयास है कि शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो, मुख्यमंत्री जी के सहयोग से तेजी से प्रयास सफल भी हो रहा है, प्रेरणा ऐप शिक्षकों के लिए एक बड़ा तोहफा है, शिक्षकों को अपने काम के लिए विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
डा. सतीश द्विवेदी बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वंतत्र प्रभार
रिपेार्ट -मनीषा श्रीवास्तव

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