अंग्रेजी माध्यम सरकारी स्कूलों के शिक्षको को मिलेगा प्रशिक्षण, डॉयट संस्थानों में होगी ये सुविधा, मंत्री ने बैठक में दिए कई अहम आदेश

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वहीं अंग्रेजी माध्यम के सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए कार्ययोजना तैयार कर उन्हे विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि क्वालिटी एजुकेशन बच्चों को मिल सके। बात बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कही। डा. द्विवेदी सोमवार को निशातगंज स्थित एनसीईआरटी सभागार में शिक्षा विभाग से जुड़े सभी उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक में उन्होंने कहा कि शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (डायट) के भवनों में पुरूष एवं महिला शौचालय की अलग-अलग बेहतर ढंग से व्यवस्था होनी चाहिए, और उनकी साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखा जायें, सभी जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थानों में एक समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर महिला छात्रावास की व्यवस्था की जायें। जिन चार डायट्स में सेवापूर्व शिक्षक प्रशिक्षण गतिमान नहीं है, उनकी मान्यता प्राप्त करने हेतु सम्यवक कार्यवाही की जाए तथा इन संस्थानों में शैक्षिक क्रियाकलापों तथा सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित रूप से संचालित होने के सम्बन्ध में कार्ययोजना तैयार करा ली जाए। इस मौके पर मंत्री ने शिक्षकों की कहानियों के संकलन ‘कथा मंदाकिनी’ का विमोचन किया। बैठक में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार, महानिदेशक बेसिक शिक्षा विजय किरन आनन्द, निदेशक एससीईआरटी संजय सिन्हा के साथ कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पांच जिलों में स्थापित होंगे डॉयट प्रशिक्षण संस्थान
बैठक के दौरान मंत्री उन जिलों के बारे में भी जानकारी ली जहां पर अभी तक डॉयट प्रशिक्षण संस्थान नहीं थे। बता दें कि अमेठी, कासगंज, गाजियाबाद, शामली एवं सम्भल वह जिले हैं जहां केन्द्र सरकार से स्थापना की हरी झंडी मिल चुकी है। इस पर मंत्री ने आदेश दिए कि राज्य सरकार/भारत सरकार के मध्य सम्यक समन्वय करते हुए शीघ्र डायट स्थापित किये जाएं।
डा. द्विवेदी ने आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान से अंग्रेजी माध्यम के विद्यालयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु एक कार्ययोजना भी तैयार करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार राज्य हिन्दी संस्थान से हिन्दी एवं संस्कृत भाषा के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं सेमिनार आदि आयोजित करने के निर्देश दिये हैं।
जल्द तैयार होगी खाली सीटों वाले स्कूलों की सूची
सरकारी विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के तबादले से पहले सभी जिलों के स्कूलों में शिक्षकों के खाली पड़े पदों की सूची तैयार की जायेगी। साथ ही स्कूलों में शिक्षक और छात्रों की संख्या अनुपात का भी ब्योरा जुटाया जायेगा। ताकि किस जिले में कितने शिक्षकों की आवश्यता है उसके हिसाब से तबादले की प्रक्रिया शुरू हो सके। बेसिक शिक्षा मंत्री की बैठक में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि तबादले की प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता रहे इसलिए इस पूरा ध्यान देने की तैयारी चल रही है। वहीं देर रात तबादला नीति भी जारी कर दी गयी है।
जिलों में शैक्षिक स्थिति का आकलन करने के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने राज्य शिक्षा संस्थान, प्रयागराज को आंकाक्षी जनपदों की शैक्षिक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिये हैं। इसके तहत स्कूलों प्रदान की जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता का भी पता लगाना होगा। मंत्रीं ने कहा कि परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की भी विज्ञान एवं गणित की जनपद स्तरीय, मण्डल स्तरीय, राज्य स्तरीय विज्ञान प्रतियोगिता, प्रदर्शनी में सहभागिता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान की ओर से छात्रों की शैक्षिक आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए दृश्य-श्रव्य सामग्री का विकास दरें तथा सभी सम्बन्धित स्टेकहोल्डर्स के लिए उपलब्ध कराना होगा।
ये भी दिए गये निर्देश
-सुरक्षा और संरक्षा के प्रति जागरुक करने के कदम उठाये जाये
-एक वर्ष के कार्यों एवं शैक्षिक कार्यक्रमों की कार्ययोजना तैयार की जाये
-आरटीई के परिपे्रक्ष्य में एससीईआरटी के कार्यों का ब्योरा तैयार हो
-एससीईआरटी द्वारा राज्य स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में चयनित शिक्षकों पाठयोजना का संकलन किया जाये

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