IGNOU के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों मिली डिग्री और सम्मान, समीक्षा अधिकारी सीमा गुप्ता भी सम्मानित

-इंदिरा गांधी राष्टीय मुक्त विश्वविद्यालय ने मनाया तैतीसवां दीक्षांत समारोह
-थारू समाज के किसानों की बेटियों ने भी लहराया परचम
लखनऊ। इंदिरा गांधी राष्टीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) का तैतीसवां दीक्षांत समारोह सोमवार को मनाया गया। इस मौके पर लखनऊ रीजनल सेंटर पर 496 छात्र-छात्राओं को डिग्री के साथ सम्मानित किया गया। इग्नू ने लखनऊ और दिल्ली समेत 56 रीजनल सेंटरों पर एक साथ दीक्षांत समारोह मनाया। दिल्ली में मुख्य अतिथि के रूप में जहां मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन कर रहे थे, वहीं लखनऊ में डाॅ राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुबीर के भटनागर ने छात्र-छात्राओं को उत्सावर्धन किया। इस मौके पर परास्नातक और स्नातक स्तर के व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गयी। इस मौके पर एसिड अटैक का शिकार हुई रूपाली और अंशु को भी फूड न्यूटेशन का सार्टिफिकेट प्रदान किया गया। इस दौरान उस टीम को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने गणतन्त्र दिवस – 26 जनवरी को विधानसभा के सामने आयोजित गणतन्त्र दिवस परेड में शामिल इग्नू की झांकी में विशेष प्रस्तुति दी थी। इस झांकी के माध्यम से इग्नू के थारू जनजाति के विद्यार्थियों ने अपनी संस्कृति का प्रदर्शन किया साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा उनके शैक्षणिक उत्थान किए किये गये प्रयासों को भी दर्शाया।
जिनकी पढ़ाई छूटी उनको आगे बढ़ा रहा विश्वविद्यालय-डाॅ मनोरमा
इस मौके पर इग्नू की क्षेत्रिय निदेशक डाॅ मनोरमा सिंह ने बताया कि यह विश्वविद्यालय पिछले काफी समय से उन लोगों को शिक्षित कर रहा है जिनकी किसी कारण से पढ़ाई छूट गयी है, यह वह अपनी आर्थिक स्थिति के कारणों से पढ़ाई नहीं कर पाये थे। उन्होंने बताया कि यह शिक्षण संस्थान समाज में अपराध का रास्ता अपना चुके बच्चों को भी शिक्षित कर रहा है। उन्होंने बताया कि जेल में शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से विश्वविद्यालय सुविधा विहीन एवं शिक्षा से वंचित लोगों को शिक्षा द्वारा विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। उन्होनें बताया कि पिछले अकादमिक सत्र में 87 वर्षीय लक्ष्मी श्रीवास्तव ने विश्वविद्यालय में नामांकन कराया तथा उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा का श्रोत बनी, जिनकी पढ़ाई किन्ही कारणोंवश छूट गयी थी।
शिक्षा के प्रति जागरूकता के लिए सीमा को मिला सम्मान
इस मौके पर शिक्षा के क्षेत्र में तमाम अभियान चलाकर लोगों को शिक्षा का महात्व बताने में जुटी सचिवालय की समीक्षा अधिकारी सीमा गुप्ता को भी सम्मानित किया गया। सीमा को इस मौके पर वाइस चांसलर प्रोफेसर सुबीर के भटनागर ने अपने हाथों से सम्मानित किया।
मलिन बस्ती के बच्चों को शिक्षित करने का उठाया बीड़ा
इग्नू के सहायक क्षेत्रिय निदेशक डाॅ. कीर्ति विक्रम सिंह ने बताया कि विगत वर्षाें में क्षेत्रीय केन्द्र द्वारा किये गये नवाचारों एवं समाज के सुविधाहीन वर्गों के शैक्षणिक उत्थान लिए प्रयास करता रहा है। उन्होनें बताया कि पिछले अकादमिक सत्र में क्षेत्रीय केन्द द्वारा मलिन बस्ती में निवास कर रहें लोगों व थारू जनजाति के व्यक्तियों एवं एसिड अटैक पीड़ितों एवं बृजवासी समुदाय एवं सपेरों को शिक्षा प्रदान करने एवं कौशल उन्नयन करने का बीड़ा उठाया है।
छात्र अपने ज्ञान से राष्ट के उत्थान का करें प्रयास-प्रो. सुबीर
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डाॅ राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुबीर के भटनागर, जो छात्र डिग्री प्राप्त कर चुके हैं उनको अब अपने ज्ञान का इस्तेमाल समाज के उत्थान के लिए करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इग्नू समाज के लोगों को आगे बढ़ने में अच्छा अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होनें इग्नू द्वारा सुविधाहीन, शिक्षा से वंचित लोगों को शिक्षा द्वारा विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होनें उपाधि धारकों को जीवन में अनुशासित एवं चरित्रवान बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

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