चिन्मयानंद मामले में छात्रा अरेस्ट, रंगदारी मांगने का आरोप, छात्रा के परिवार ने पुलिस पर लगाया बदसलूकी का आरोप

न्यूज डेस्क। बीजेपी नेता चिन्मयानंद पर रेप का आरोप लगाने वाली पीडि़त छात्रा को ही पुलिस ने बुधवार को सुबह गिरफ्तार कर लिया। पीडि़ता को 14 दिन की न्याययिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम पर छात्रा के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने जबरन वसूली मामले में गिरफ्तार किया है। हालांकि छात्रा की गिरफ्तारी को लेकर मंगलवार को ही कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी से राहत की याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी। पीडि़ता को बुधवार सुबह पुलिस उसके घर से उठा ले गई थी।
सूत्रों के मुताबिक 23 वर्षीय युवती अपनी याचिका पर सुनवाई के लिए शाहजहांपुर की एक कोर्ट में जा रही थी, तभी भारी संख्या में मौजूद पुलिसबल ने उसे रास्ते में रोक लिया. इसके बाद उसे जबरन अपने वाहन में बैठा लिया. युवती ने पुलिस के साथ जाने से मना कर दिया, उसने कहा कि उसे याचिका पर सुनवाई के लिए कोर्ट जाना है। इस दौरान वहां पर हंगामा हो गया और वहां मीडिया पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने युवती को कोर्ट जाने दिया।
बता दें, छात्रा के वकील अनूप त्रिवेदी ने पत्रकारों को बताया कि एडीजे सुधीर कुमार की अदालत ने स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाने वाली छात्रा की अग्रिम जमानत याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली। अदालत ने इस मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड 26 सितंबर को तलब किए हैं. त्रिवेदी ने कहा कि यह राहत की बात है कि अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका विचारार्थ स्वीकार कर ली है और सामान्यत ऐसे मामलों में गिरफ्तारी नहीं होती है. इस बीच, छात्रा को अदालत से उसके घर छोडऩे पहुंची एसआईटी ने लडक़ी से उसके घर पर देर शाम तीन घंटे तक पूछताछ की।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ करने वाली टीम में दो महिला अधिकारियों के अलावा सात लोग थे। एसआईटी ने छात्रा से किन बिंदुओं पर पूछताछ की, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। इससे पहले छात्रा ने कल उच्च न्यायालय में प्रार्थना की थी कि उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए. इस पर न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की पीठ ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और कहा था कि लडक़ी अगर राहत चाहती है तो वह उचित पीठ के समक्ष नई याचिका दायर कर सकती है। अदालत ने यह भी कहा था कि पीठ इस मामले में केवल जांच की निगरानी करने के लिए नामित की गई है और गिरफ्तारी के मामले में कोई आदेश पारित करना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इसी मामले को लेकर आज छात्रा ई रिक्शा से अपने भाई और पिता के साथ बैठकर न्यायालय आ रही थी कि तभी एसआईटी को सूचना मिल गई. वहां पहुंची एसआईटी को लडक़ी ने बताया कि वह अदालत में हस्ताक्षर करने जा रही है। इसके बाद एसआईटी उसे लेकर अदालत पहुंची जहां छात्रा ने अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की।

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