भ्र्ष्टाचार पर यूपी में कड़ा प्रहार, सात पीपीएस बैठाये गये घर, जानिए अब तक कितनो पर कार्रवाई कर चुकी है सरकार

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न्यूज डेस्क। यूपी में योगी सरकार के दस्तक देने के बाद से अब तक कई विभागीय अधिकारियों को घर बैठा दिया गया है। भ्रष्टïाचार की जद में आये ये इन अधिकारियों से सरकार किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं है। यही कारण है कि गुरूवार भी फिर सात पीपीएस अफसरों को जबरन रिटायर करके घर पर बैठा दिया गया। इस संबंध में डीजीपी ओपी सिंह की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया। प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई से अन्य विभागों में भी हडक़ंप मचा हुआ है। डीजीपी ओपी सिंह ने अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्त दे दी है। स्क्रीनिंग कमेटी ने भ्रष्टाचार और अक्षमता के आरोपों के आधार पर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की संस्तुति की थी। जानकारी के मुताबिक सरकारी सेवाओं में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रान्तीय सेवा संवर्ग के सात पुलिस उपाधीक्षकों (जिनकी उम्र 31-03-2019 को 50 वर्ष अथवा इससे अधिक थी) को अनिवार्य सेवानिवृत्त दे दी गई है।

इन अफसरों को मिली सेवानिवृत्त

  • -15वीं वाहिनी पीएसी आगरा के सहायक सेनानायक अरुण कुमार
  • – अयोध्या में तैनात पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार राना
  • – आगरा के पुलिस उपाधीक्षक नरेंद्र सिंह राना
  • – 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी के सहायक सेनानायक रतन कुमार यादव
  • – 27वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर के सहायक सेनानायक तेजवीर सिंह यादव
  • – मुरादाबाद के मण्डलाधिकारी संतोष कुमार सिंह
  • – 30वीं वाहिनी पीएसी गोण्डा के सहायक सेनानायक तनवीर अहमद खां
अफसरों पर ये है आरोप
बताया जा रहा है इन अधिकारियों पर जो भ्रष्टïाचार के आरोप है वह बेहद ही गंभीर हैं। अफसरों के विरुद्ध लघु दंड, वृहद दंड, अर्थदंड, परिनिन्दा, सत्यनिष्ठा अप्रमाणित किए जाने, वेतनवृद्धि रोके जाने और वेतनमान निम्न स्तर पर किए जाने जैसी कार्रवाई पूर्व में ही हो चुकी हैं। इसके साथ ही इन अफसरों की उम्र 31 मार्च 2019 को 50 वर्ष या इससे अधिक हो चुकी थी।

दो वर्षों पर 200 अधिकारियों पर चला योगी सरकार का हंटर

सरकार भ्रष्टïाचार से समसौता करने को बिल्कुल मूड में नहीं है। पिछले दो साल आकड़ों पर नजर डालें तो मौजूदा सरकार ने जैसे एक् शन लिए हैं वैसे एक्शन किसी ने सोचा भी नहीं होगा। अभी तक सरकार ने अलग-अलग विभागों के 200 से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों को जबरन रिटायर किया है। इन दो वर्षों में सरकार ने 400 से ज्यादा अफसरों, कर्मचारियों को निलंबन और डिमोशन भी किया गया है। जानकारों को कहना है कि अफसर यदि नहीं सुधरे तो ये आकड़ा अभी और बढ़ता ही जायेगा।
अभी तक इन विभागों के अधिकारी कर्मचारी आये कार्रवाई की जद में
  • -ऊर्जा विभाग में 169 अधिकारी
  • -गृह विभाग के 51 अधिकारी
  • -ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के 37 अधिकारी
  • -राजस्व विभाग के 36 अधिकारी
  • -बेसिक शिक्षा के 26 अधिकारी
  • – पंचायतीराज के 25 अधिकारी
  • -पीडब्ल्यूडी के 18 अधिकारी
  • – लेबर डिपार्टमेंट के 16 अधिकारी
  • – संस्थागत वित्त विभाग के 16 अधिकारी
  • – कामर्शियल टैक्स के 16 अधिकारी
  • -इंटरटेनमेंट टैक्स डिपार्टमेंट के 16 अधिकारी
  • -ग्राम्य विकास के 15 अधिकारी
  • – वन विभाग के 11 अधिकारी

posted by-Ravi Gupta

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