सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंधक पर छेड़छाड़ का आरोप, शिक्षिका ने विधानभवन के सामने किया आत्मदाह का प्रयाास

लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप पीडि़ता को न्याय न मिलने पर सीएम आवास के सामने जान देने की कोशिश किए जाने का मामला शांत भी नहीं हुआ कि मंगलवार को एक शिक्षिका ने सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य विनोद अवस्थी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए विधानभवन के सामने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। पीडि़ता का कहना है कि तालकटोरा, कैसरबाग व वजीरगंज पुलिस ने आरोपित को बचाने के लिए मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पुलिस का कहना है कि कि इस मामले को ऐसा साक्ष्य नहीं मिला, जिससे की आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। वहीं मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने पीडि़ता को न्याय मिलने का आश्वासन, लेकिन उसकी दर्द भरी चीख यही बयां कर रही थी कि अपनी फरियाद लेकर कई बार पुलिस के पास गई, लेकिन उसे इंसाफ नहीं मिल सका। मौके पर पहुंची पुलिस उसे किसी तरह कपड़ कर थाने लाई, लेकिन वह बस एक ही बात कहती रही कि इंस्पेक्टर कैसरबाग डीके उपाध्याय के अलावा तालकटोरा व वजीरगंज पुलिस ने अदालत बनकर पूरे मामले को खारिज कर फाइलों में दफन कर दिया। पीडि़त टीचर रश्मि विश्वकर्मा का कहना है कि बीते 7 जुलाई 2016 को तालकटोरा थाने में 354 की धारा में पुलिस ने प्रधानाचार्य विनोद अवस्थी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि इस मामले में तालकटोरा पुलिस ने आरोपित को बचाने के अंतिम रिपोर्ट लगा दी। आरोप है कि उल्टा आरोपित की तरफ से मारपीट का फर्जी मुकदमा दर्ज किया था। पीडि़त का आरोप है उसके साथ सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य विनोद अवस्थी ने छेडख़ानी की और लगातार प्रताडि़त किया। वही पीडि़ता का आरोप है कैसरबाग पुलिस ने मामला दर्ज किया मगर कार्यवाही नाम पर कुछ नही किया उल्टे पीडि़ता पर ही सा झौते का दबाव बनाया। पीडि़ता को फिलहाल मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने पकड़ा और उससे पूछताछ की जा रही है ।

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