खोते बचपन की यादें ताजा कर गयी समीक्षा अधिकारी विपिन कुमार की पेटिंग

लखनऊ। वह भी क्या बचपन था, न कोई टेंशन थी न कोई ख्वाहिश थी फिर भी हम खुश थे, न जाति का पता था, न मजहब का, वह भी क्या बचपन था। जो अब दोबारा नहीं मिलेगा। कुछ इन्ही यादों को समेटे खोता बचपन नाम की बनी पेटिंग लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। ललित कला अकादमी क्षेत्रिय केन्द्र अलीगंज में लगी इस पेटिंग समीक्षा अधिकारी मेडिकल विपिन कुमार ने तैयार किया है। शनिवार को इस पेटिंग को देखते समीक्षा अधिकारी सीमा गुप्ता, शक्ति एजुकेशन वेलेफेयर एसोसिएशन (सेवा) की उपाध्यक्ष अमृता वर्मा, वरिष्ठ लेखिका अभिलाषा चैधरी को विपिन कुमार ने पेटिंग के महात्व को बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने अपनी ओर से तैयार की गयी पेटिंग चाइल्ड हुड, रियलस्टिक, व अंडर वाॅटर के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने खोता बचपन पेटिंग के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये पेटिंग हमे अपने बचपन की याद दिलाती है साथ ही एक गरीबी कि स्थिति में बचपन कैसे बीतता है उसकी कहानी भी बयां करती है।

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