Defense Expo: सेना के शौर्य के प्रदर्शन के बीच हुआ युद्ध का एहसास, डिफेंस एक्सपो में पहले दिन देश की तीनो सेनाओं ने दिखाया शक्ति प्रदर्शन

लखनऊ। राजधानी में डिफेंस एक्सपो का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्घाटन किया। इस दौरान सेना के जवानों ने अपनी शक्ति का पुरजोर प्रदर्शन किया। भारतीय सेना के इस प्रदर्शन को यूपी की राजधानी लखनऊ से पूरी दुनिया ने देखा। इस दौरान तीनों सेनों के हथियारों की प्रदर्शनी भी लगायी गयी जिसमें, थल सेना के हथियारों में पिनाक मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, धनुष तोप, इंटीग्रेटेड मल्टीफंक्शन साइट, स्मॉल आ र्स एडवांस्ड होलोग्राफिक साइट, आई सेफ लेजर, नाइट विजन डिवाइसेज, बॉर्डर सर्विलांस सिस्टम, लेजर ऑर्डिनेंस डिस्पोजल सिस्टम, लेजर डैजलर्स, ऑप्टिकल टारगेट लोकेटर और एक्सप्लोसिव डिटेक्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। वहीं, फाइटर जेट्स सुखोई 30 एमकेआई, जगुआर फाइटर प्लेन, चिनूक और चीता हेलीकॉप्टर भी लखनऊ एयरपोर्ट और बक्शी का तालाब एयरपोर्ट से उड़ान भरी।
बोइंग सी 17 विश्व का सबसे बड़ा मालवाहक विमान
जंग का मैदान हो या सुदूर आपदा प्रभावित इलाकों में सहायता पहुंचानी हो इंडियन एयरफोर्स का यह विमान हर जगह अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय वायुसेना का बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर विश्व के सबसे बड़े मालवाहक विमानों में से एक है। इसने भारतीय वायुसेना की ताकत काफी बढ़ा दी है। इसकी लंबाई 174 फीट, चौड़ाई 170 फीट, ऊंचाई 55 फीट, 3500 फीट लंबी हवाई पट्टी पर उतरने की क्षमता। इमर्जेंसी में यह 1500 फीट की पट्टी पर भी उतर सकता है। एक बार में 42 हजार किमी तक की उड़ान भर सकता है। 150 से अधिक जवानों को एक साथ ले जाने की क्षमता। तीन हेलिकॉप्टरों या दो ट्रकों को एयरलिफट करने की भी है इसकी ताकत। करीब 80 टन वजन ढो सकता है। इसमें उड़ान के दौरान ही ईंधन भरने की क्षमता है। अमेरिका का ये विमान डिफेंस एक्सपो में प्रदर्शित किया गया है। सेना के अधिकारियों ने बताया कि यह विमान चार इंजनों से लैस है। इसमें एक मिसाइल चेतावनी प्रणाली, एक काउंटर मेजर डिस्पेंसिंग सिस्टम आदि शामिल हैं। इसके अलावा लैंडिंग में परेशानी होने की स्थिति में इसमें रिवर्स गियर भी दिया गया है। अमेरिका में निर्मित इस विमान को अमेरिकी वायुसेना के लिए मैकडोनेल डगलस ने अस्सी-नब्बे के दशक में विकसित किया। 15 सितंबर 1991 को इसने पहली उड़ान भरी। जनवरी 1995 में इसे पेश किया गया। अमेरिका के अलावा ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कतर, सयुंक्त अरब अमीरात आदि देश भी इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
अपाचे हेलीकॉप्टर उड़ा सकता है दुश्मन के परखच्चे
दो पायलट वाला ये हेलीकॉप्टर को भारत ने अमेरिका से खरीदा है। 16 फुट ऊंचे और 18 फुट चौड़े हेलीकॉप्टर की अधिकतम र तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा है। ये बार में पौने तीन घंटे तक उड़ सकता है। 16 एंटी टैंक मिसाइल से लैस ये हेलीकॉप्टर दुश्मन के परखच्चे उड़ा सकता है। साथ ही हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल से एक बार में 30 एमएम की 1200 गोलियां चलाई जा सकती हैं। अपाचे के अलावा चिनुक ने भी लाई पास्ट में उड़ान भरी। ओसामा को धरासाई करने वाले इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है। अमेरिकी कमांडोज ने पाकिस्तान में घुसकर ओसामा बिन लादेन को मारने में इसी हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया था।
मिशन शक्ति की शक्ति का प्रदर्शन
स्वदेशी निर्मित उपग्रह रोधी ए सैट हथियार प्रणाली को हिडफेंस एक्सपो में देखकर भारतीयों का सीना चौड़ा हुआ तो दुश्मनों के पसीने छूट गए होंगे। भारतीय सेना में इसे मिशन-शक्ति के नाम से जानते हैं। इसके जरिए अंतरिक्ष में जीवित उपग्रह को पूर्व-निर्धारित लक्ष्य साधकर नष्ट किया जा सकता है। यह तकनीक अब तक सिर्फ अमेरिका, रूस, चीन के पास है। ये भारत को मिसाइल के खतरों को भी बचा सकता है।
धनुष ने दी सलामी
धनुष बंदूक भी डिफेंस एक्सपो में का हिस्सा बनी। 155 एमएम 45 कैलिबर की धनुष गन प्रणाली एक टोन्ड हॉवित्जर है जिसे ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया है। स्वचालित इस बंदूक से 36.5 किमी की अधिकतम रेंज का निशाना साधने की क्षमता है। इसे स्वदेशी बोफोर्स कहा जाता है। इसका विकास जबलपुर के ऑर्डिनेस फैक्ट्री बोर्ड ने किया है। इसकी मारक क्षमता 38 किलोमीटर तक है। एक तोप एक घंटे में 42 राउंड फायर कर सकने में सक्षम है।
उपग्रह भेदी हथियार शक्ति का प्रदर्शन
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ के दस्ते में ऐंटी सैटलाइट मिसाइल मिशन शक्ति का प्रदर्शन किया गया। भारत का पहला उपग्रह भेदी अभियान मिशन शक्तिए विरोधी उपग्रहों को मार गिराने की देश की क्षमता का प्रदर्शन करता है। ऐंटी सैटलाइट मिसाइल के अंदर बारूद नहीं होता। इसे काइनैटिक किल वेपन भी बोलते हैं। सामान्य मिसाइल के टिप पर वॉरहेड लगाते हैं। लक्ष्य पर टकराने के बाद ब्लास्ट होता है। जबकि ऐंटी सैटलाइट मिसाइल काइनैटिक किल मैकेनिज्म पर काम करती है। इसके वॉरहेड पर एक मेटल स्ट्रिप होता है। सैटलाइट के ऊपर मेटल का गोला गिर जाता है और वह उसे गिरा देता है।
अमेरिका का सबसे नया विमान, मेक इन इंडिया के तहत बनाएगा
लखनऊ। अमेरिका का सबसे आधुनिक और नया लड़ाकू विमान एफ. 35 भारत के राजधानी में चल रहे डिफेंस एक्सपो में बुधवार को नजर आया। अमेरिका का एफ 35 लड़ाकू विमानस्टेल्थ तकनीक से लैस, दुश्मन के रडार को भनक लगे बिना हमला करने की क्षमता रखता है। चीन और पाकिस्तान के पास इसकी टक्कर की कोई तकनीक नहीं है। यह अमेरिका की लॉकहीड मार्टिन की ओर से बनाया गया पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है जिसे दुनिया का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान कहा जाता है। यह स्टेल्थ तकनीक से लैस है और दुश्मन के इलाके में बिना भनक लगे हमला कर सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मेक इंन इंडिया के तहत भारत में इसे भारत के साथ मिलकर बनाए जाने की संभावना है। इस पर वार्ता चल रही है। जुलाई 2015 में अमेरिका सेनाओं में सेवा देना शुरु करने वाला एफ. 35 अमेरिका का सबसे नया लड़ाकू विमान है जिसे दिग्गज हथियार निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने बनाया है। यह एक पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है। यह विमान अपने वर्टिकल लैंड और टेकऑफ की काबिलियत के लिए खास तौर पर जाना जाता है। इसका मतलब यह विमान किसी हेलीकॉप्टर की तरह एक जगह पर हवा में ठहर सकता है और बिना रनवे के लैंड और बहुत छोटी जगह में टेकऑफ भी कर सकता है।
डिफेंस एक्सपो में दिखा तेजस का एडवांस वर्जन मार्क-2
डिफेंस एक्सपो में भी एंटी सैटेलाइट, एसैट मिसाइल स्वदेशी फाइटर जेट एलसी, तेजस और एलसीएच हेलीकॉप्टर ही मु य आकर्षण बने रहे। एशिया की सबसे बड़ी रक्षा प्रदर्शनी में देश-विदेश की करीब एक हजार कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। डीआरडीओ की तरफ से इस बार एंटी सैटेलाइट मिसाइल, एसैट, को दुनिया के सामने प्रदर्शित की गई है। इसके अलावा ब्रह्मोस मिसाइल, अटैग तोप, पिनाका रॉकेट लांचर, अर्जुन टैंक, रूस्तम ड्रोन, सीबीआरएन कैमिकल बायोलोजिकल, रैडियोलोजिकल और न्युक्लिर गियर-सूट, लेजर फैंस इत्यादि मु य आकर्षण है। हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड यानि एचएएल की तरफ से पहली बार डिफेंस एक्सपो के टर्मेक पर एलसीए मार्क 2 फाइटर जेट भी मौजूद रहा।
रशिया की कंपनियों का बोलबाला
हर बार की तरह रशिया की कंपनियों का भी डिफेंस एक्सपो में बोलबाला रहने वाला है। कामोव हेलीकॉप्टर बनाने वाली, रशियन हेलीकॉप्टर्स भी डिफेंस एक्सपो में मौजूद रहे। डिस्पले बोर्ड में रशियन कंपनी की हिस्सेदारी भी लोगों को लुभा रही है। हाल ही में एलएंडटी के साथ मिलकर के 9 वज्र तोप बनाने वाली दक्षिण कोरियाई कंपनी, हेनवा भी डिफेंस एक्सपो में मौजूद है। स्वदेशी कंपनिया जिनपर सभी की इस डेफएक्सपो में निगाहें टिकी हैं वो हैं एलएंडटी, एमकेयू जिसे बुलेटप्रूफ जैकेट, फौजी हेलमेट और नाइट विजन डिवाइस बनाने में महारत हासिल है। भारतफोर्ज और कानपुर की हंस एनर्जी जिसने खास तौर से ऐसे हथियार बनाए हैं जिनमें खास ट्रैकिंग चिप लगी हैं और लूटपाट की स्थिति में लोकेट किया जा सकता है।
इजरायल के साथ मिलकर बमवर्षक ड्रोन बनाएगा भारत
लखनऊ। डिफेंस एक्सपो में इजरायल के ड्रान और बमवर्षक ड्रोन भी दुनिया भर से आए हुए डिफेंस कंपनियों से लेकर सेना की उत्सुकता का केंद्र बने रहे। इजरायल के साथ होने वाली डील के तहत यह ड्रोन देश में बनेंगे और निर्यात भी होंगे। डिफेंस कॉरीडेर में इजरायल बमवर्षक ड्रोन बनाएगा। प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी की पहली इजरायल यात्र पर जिन बमवर्षक ड्रोन को भारत को देने की डील हुई थी। उसे डिफेंस एक्सपो के दौरान मूर्त रूप दिया जाएगा। भारत के साथ मिलकर बमवर्षक ड्रोन बनाने की पार्टनरशिप डील एक्सपो में होगी। एचएएल मेक इन इंडिया तकनीक से एडवांस्ड मानवरहित क बैट एरियल व्हीकल्स यूसीएवी ड्रोन बनाएगा। यह ड्रोन मिसाइल हमले में भी सक्षम है। एचएएल के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह एडवांस्ड मानवरहित कॉ बैट एरियल व्हीकल्स यूसीएवी होगा। एडवांस्ड हेरॉन टीपी मध्यम ऊंचाई व लंबी दूरी तक मार कर सकता है। ड्रोन 36 घंटे तक उड़ान भर सकता है। भारत को ऐसे करीब 100 ड्रोन की जरूरत है। एचएएल ऐसा ड्रोन तैयार कर रहा है। जो सियाचिन व ग्लेशियर जैसे ऊंचाई वाले अग्रिम क्षेत्रों में तैनात जवानों को दवा व राशन सहित जरूरी सामान पहुंचा सके। इस ड्रोन के सेंसर, भार क्षमता व डाटा लिंक के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी सहित कई संस्थानों का सहयोग लिया जा रहा है। इसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 40 किग्रा वजन तक का सामान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है।
ऑटोमेटिक फायर एक्सटिंग्विशर, लखनऊ बेस्ड कंपनी मैदान में
भारत फाइबर्स और कैरल सॉल्यूशन द्वारा मेक इन इंडिया के तहत सेना के उपयोग में आने वाला ऐसा नैनो टेक्नोलॉजी बेस इंसुलेटर पेंट बनाया है जो न केवल 200 डिग्री गर्म ताप का प्रतिरोध करता है बल्कि दो सौ डिग्री शीतलता को भी सतह के पार नहीं जाने देता। इसका उपयोग सैन्य वाहनों, बंकर सहित सेना के उपयोग की अन्य सामग्री में काफी प्रभावी साबित होगा। कंपनी के संचालक विनय अग्रवाल ने बताया कि ऑटोमेटिक फायर एक्सटिंग्विशर और नैनो टैक्नोलॉजी बेस्ड वाटर एंड एयर फिल्टर को भी प्रदर्शनी में उतारा है। यह फिल्टर पेपर एक खास तरह के कपड़े से तैयार किया गया है जो न केवल नदी, झरने, तालाब के पानी को छान कर उसे बैक्टीरिया व वायरस रहित कर पीने योग्य बनाता है बल्कि इसे खिड़कियों पर लगाने से कमरे में शुद्ध हवा भी मिलती है। कपड़े की एक पेपर शीट से पांच सौ लीटर तक पानी छाना जा सकता है। इसे साथ रखने से सेना के जवानों को दूर जंगलए पहाड़ों व अन्य दुर्गम स्थानों पर पानी के भरे डिब्बे व बोतल ढोने की परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी।
डफेंस एक्सपो की शान धनुष और सारंग
लखनऊ। कानपुर की आर्डनेंस फैक्ट्रियों में बनी धनुष और सारंग जैसे तोपें के अलावा कई मशीनगन, पिस्टल जैसे छोटे हथियार भी डिफेंस एक्सपो में मौजूद हैं। मैदान में सैनिकों की जरूरत पूरी करने वाला हर सामान एक्सपो की शान बना है। आर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड ओएफबी की कानपुर में पांच फैक्ट्रियां हैं। इनमें तोप से लेकर हल्के हथियार, पैराशूट, सैनिकों के लिए कपड़े और युद्ध के मैदान में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री का निर्माण किया जाता है। इन्हीं फैक्ट्रियों में धनुष और सारंग तोपों को मेक इन इंडिया के तहत विकसित किया गया है। कई मशीनगनें व आधुनिक रिवाल्वर भी बन रहे हैं। एक्सपो में धनुष और सारंग के अलावा ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कार्बाइन जेवीपीसी, लंबी दूरी तक मार करने वाली निशंक रिवाल्वर, निर्भीक रिवाल्वर, क्रैंपन शूज, से टी शूज और पैराशूट भी प्रदर्शन के लिए रखे गए हैं।
साब मेक इन इंडिया के तहत करेगा निर्माण
साब को डिफेक्सपो इंडिया 2020 का हिस्सा बनने पर गर्व है, जहां उसका रक्षा और सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करना जारी है। डिफेक्सपो 2020 में साब यह प्रदर्शित कर रहा है कि कैसे इसकी उन्नत तकनीक और अभिनव सोच भारत के लिए सशक्त राष्ट्रीय सुरक्षा और एक आत्मनिर्भर औद्योगिक भविष्य के लिए सर्वोत्तम समाधान प्रदान कर सकती है। भारत में लोकल सिस्टम सप्लायर्स के साथ एक ऐरोनॉटिकल इकोसिस्टम बनाने की साब की प्रतिबद्धता कायम है। साब विश्वस्तरीय भारतीय रक्षा उद्योग के विकास को जारी रखने में भागीदार होगा। साब को भारत में डिजाइनए उत्पादनए सपोर्ट और नवाचार के क्षेत्र में सही मायने में प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण और दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग देने के लिए शीर्ष स्थान प्राप्त है।
इंडिया पवेलियन में दिखा विकास का इंद्रधनुष
वृंदावन योजना में आठ हॉल बनाए गए हैं। भारत की पहली स्वदेशी तोप धनुष पर केंद्रित इंद्रधनुष इंडिया पवेलियन की केंद्रीय थीम है। रक्षा निर्माण क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों और उत्पादों का इसमें शोकेस बना है। 80 भारतीय कंपनियों के 90 से अधिक रक्षा उत्पाद इसमें मौजूद हैं। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ के भी 16 नए रक्षा उत्पाद लांच किए गए हैं। वहीं यूपी पवेलियन में दुनियाभर के रक्षा निवेशकों को यहां की संभावनाओं से परिचित करवाया जा रहा है। डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे, रक्षा निर्माण नीति, यूपी में निवेश के अवसर, पर्यटन से संस्कृति तक की झलक यहां दिखेगी।
आद्योगिक संस्थाओं को प्रधानमंत्री ने दिया सुझाव
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर भारतीय औद्योगिक संस्थाओं के प्रमुख को रक्षा विनिर्माण के लिए एक साझा मंच बनाये जाने की नसीहत भी दी। उन्होंने कहा इस मंच से रक्षा क्षेत्र में प्रोद्योगिकी के विकास और उत्पादन दोनों का लाभ उठाया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने इसरो का जिक्र करते हुए कहा कि पूरी दुनिया के लिए बाहरी अंतरिक्ष में खोज कर रहा है वहीं डीआरडीओ इन संसाधनों को गलत ताकतों से बचाने के लिए एक दीवार बना रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी 21वीं सदी की चर्चा होती है तो स्वाभाविक रूप से भारत की तरफ ध्यान जाता है।
निवेशकों को दिलाया भरोसा
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं सभी निवेशकों को भरोसा दिलाता हूं कि भारत में निवेश करने से उन्हे अच्छा मुनाफा तो मिलेगा और भारत को रक्षा क्षेत्र में बड़ा हब बनाने में उनका योगदान भी रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि निवेशकों के योगदान से युवाओं के रोजगार का रास्ता भी खुलेगा।
डिफेंस एक्सपोःविश्व में भारत की भागीदारी का प्रमाण
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज भारत पूरे विश्व कि निगाहे हैं, क्योंकि विश्व की भागीदारी में अहम योगदान है। देश में इतना बड़ा डिफेंस एक्सपो का आयोजन इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने कहा कि रक्षा व अर्थव्यवस्था की जानकारी रखने वाले जानते हैं कि भारत सिर्फ एक बाजार ही नहीं बल्कि विश्व के लिए एक अवसर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीक का गलत इस्तेमाल और आतंकवाद को देखते हुए दुनिया के तमाम देश अपनी रक्षा तकनीक को आगे बढ़ा रही हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है।
विकसित होंगे 25 रक्षा उत्पाद
प्रधानमंत्री ने कहा अने वाले समय में 25 रक्षा उत्पाद विकसित किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के करीब 25 रक्षा उत्पाद विश्व में एक पहचान स्थापित कर सके। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्षों में डिफेंस के क्षेत्र में तेजी आई है। 2014 के बाद बड़ी संख्या में डिफेंस लाइसेंस विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डिफेंस एक्सपोर्ट को 35 हजार करोड तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
2014 के बाद हुआ बड़ी नीतियों का निर्माण
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद से अब तक बड़े पैमाने पर नीतियों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत सैकड़ों वर्षों तक डिफेंस एक्सपोर्टर रहा है। आजादी के बाद सबसे बड़ी सेना, सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के बावजूद भारत विश्व का सबसे बड़ा हथियारों का आयातक बन गया।
सेना का लाइव डेमो शो देख प्रधानमंत्री हुए रोमांचित
डिफेंस एक्सपो के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वायुसेना के लाइव डेमो को देखा। लाइव डेमो शो के दौरान प्रधानमंत्री वायू सेना की ताकत दिखाने वाले एयर शो को देखकर रोमांचित भी दिखे। प्रधानमंत्री ने कई देशों से आए विशिष्ट राजनयिकों व सैन्य प्रमुखों से भी मुलाकात की।
सेनाओं को मिलेंगे हाइटेक ड्रोन एचएल ने किया करार
लखनऊ। भारतीय सशस्त्र बलों को हाईटेक ड्रोन मिलेगा, जिससे उनको काम करने में और आसानी हो जायेगी। ये ड्रोन सेनाओं तक सामान पहुंचाने में भी कारगर होंगे। इसके लिए हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने मानव रहित यानी ड्रोन के विपणन और विनिर्माण के लिए इजरायल ऐरोस्पेस इंडस्ट्री (आईएआई) तथा डायनामैटिक्स टेक्नोलॉजी लिमिटेड (डीटीएल) के साथ करार किया है। ये ड्रोन भारतीय सशस्त्र सेनाओं और अर्द्धसैनिक बलों जैसे खरीदारों को बेचे जायेंगे। एचएएल के कार्यकारी निदेशक संजीव शुक्ल, आईएआई के उपाध्यक्ष अल अल्फसी तथा डीटीएल के कार्यकारी निदेशक अरविंद मिश्रा ने हस्ताक्षर किये।
गोमती रिवर फ्रंट पर आयोजित हुई प्रतियोगिताएं
गोमती रिवर फ्रंट पर लोगों की प्रतिभागिता बढ़ाने के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की। इसमें ऑब्सटेकल कोर्स, रेफ्लेक्स फायरिंग, एनबीसी सूट, क्विज वगैरह शामिल थे। प्रतियोगितों में विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।
शाम 4ः55 पर दिल्ली के लिए रवाना हुए पीएम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक्सपो स्थल पर युद्ध साजो-समान की वैश्विक प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अन्य देशों से आए विशिष्ट राजनायिकों व सैन्य प्रमुखों से भी मुलाकात किया। इसके बाद वह शाम 4.15 बजे उनका काफिला हैलीपैड को निकलेगा। यहां से एयरपोर्ट पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री का विमान शाम 4.55 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गये।
डिफेंस एक्सपो में दिखेगा यूपी पुलिस का रुतबा
डिफेंस एक्सपो में यूपी पुलिस का भी स्टाल लगाया गया है। यहां पुलिस अपनी तकनीक और ताकत का प्रदर्शन किया। पुलिस के स्टाल पर यूपी-112 आपात सेवा, कुंभ, एटीएस और यूपी कॉप ऐप का प्रदर्शन किया गया है। एडीजी यूपी 100 असीम अरुण ने बताया कि स्टाल पर आने वाले मेहमानों को आपात सेवा 112 की ओर से शुरू की गई विभिन्न योजनाओं की जानकारी मिलेगी। साथ ही यूपी एटीएस के घातक हथियारों का भी प्रदर्शन किया किय
मालदीव के रक्षा मंत्री समेत समेत सभी अतिथियों से मिले राजनाथ
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस एक्सपो से पहले लखनऊ में मालदीव के रक्षा मंत्री मरिया अहमद दीदी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने डिफेंस एक्सपो की शुरुआत से पहले यूके के मंत्रियों से मुलाकात की। राजनाथ ने इस दौरान संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा राज्य मंत्री मोहम्मद अहमद अल बोउर्दी से लखनऊ में डिफेंस एक्सपो के दौरान पर मुलाकात की।
एयूजीवी कार बिना व्यक्ति के बॉर्डर पर कर सकती है निगरानी
लखनऊ। डिफेंस एक्सपो के दौरान रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की शाखा व्हीकल रिसर्च डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (वीआरडीई ) ने एयूजीवी कार का निर्माण किया। जिसकी जानकारी विस्तार से दी गयी। इसकी खासियत यह है कि ये बिना किसी मानव के चलायी जा सकती है। यह वाहन दुश्मनों की रेकी करने में अच्छी तरह से सहायक हो सकता है। वाहन का प्रदर्शन यहां डिफेंस एक्सपो में किया जा रहा है। डीआरडीओ के वीआरडीई विभाग के तकनीक अधिकारी अभिषेक दुबे ने यहां बुधवार को डिफेंस एक्सपो में बताया, एयूजीवी नामक यह कार हर प्रकार की चुनौतियों का सामना कर सकती है।
आंतकियों के कब्जे से 20 मिनट में मुक्त हुआ वृंदावन
वृंदावन के सेक्टर 15 में आंतकियों ने कब्जा कर लिया है, जरा सी असावधानी से किसी की भी जान जा सकती है। ये सूचना मिलते ही सेना ने अपनी तत्काल तत्पर्ता दिखाते हुए मोर्चा संभाल लिया। सेना ने बिना समय गवांए 20 मिनट में ही मुक्त करवा एक्सपो स्थल वृंदावन को मुक्त करवा लिया। सेना ने इस दौरान भयंकर गोलाबारी, ताबड़तोड़ फायरिंग व हवाई हमले कर आंतकियों को ढेर कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने लगाया निशाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अत्याधुनिक हथियारों का मुआयना किया और उनकी बारिकियों को जाना। इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से गन उठाकर निशाना साधा और, इसकी फोटो भी सोशल मीडिया पर वॉयरल हुई। प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीएम योगी आदित्यनाथ और अन्य लोग डिफेंस एक्सपो का मुआयना करते नजर आये।
विदेशी मीडिया ने किया पूरे विश्व में प्रसारण
डिफेंस एक्सपो के दौरान विदेशी मीडिया का भी हुजूम सेना के शौर्य के प्रदर्शन को कवरेज करती नजर आयी। इस दौरान विदेशी मीडिया ने पूरे विश्व में सेना के करतबों को लाइव प्रसारण भी किया। साथ ही डिफेंस एक्सपों में आयोजित अन्य कार्यक्रमों का भी प्रसारण किया गया।
लखनऊ के लोगों ने गोमती तट पर देखा वायु सेना का प्रदर्शन
वहीं दूसरी ओर वायू सेना के करतब को देखने के लिए राजधानी की जनता भी भारी संख्या में जुटी। यहां पर लोगों ने लाइव शो भी देखा। कार्यक्रमों के दौरान उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया गया जिनके पास आधार कार्ड या अन्य कोई आइडी थी जो उसकी पहचान को निर्धारित करती हो।
यूपी पुलिस भी सुरक्षा में मुस्तैद
डिफेंस एक्सपो को लेकर सेना के साथ यूपी पुलिस भी सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रही है। डिफेंस के पहले दिन शहर के सभी प्रमुख चौक चौराहों पर पुलिस के जवान और अधिकारी मुस्तैद नजर आये। इस दौरान पुलिस ने यातायात व्यवस्था को संभालने में भी अहम भूमिका निभायी।

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