पढिए-श्रीदेवी को क्यों मिला राजकीय सम्मान, कौन तय करता है यह सम्मान, पहला सम्मान किसे मिला था? 

न्यूज डेस्क। मशहूर बालीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ बुधवार को किया गया। लेकिन ये सम्मान किसे मिलना चाहिए और इस सम्मान को तय कौन करता है। बता रहा है आपको इंडिया न्यूज टाइम्स डॉट इन

बीते शनिवार को अंतिम सांस के साथ दुनिया को अलविदा कह गयी श्रीदेवी के बारे में जिसने भी सुना वह हैरान रह गया। श्रीदेवी के मौत ने पूरे बालीवुड को हिलाकर रख दिया। श्री देवी भारत के साथ विदेशों में भी अपनी एक अलग पहचान रखती थी। वहीं जब मंगलवार रात मुंबई लोखंडवाला स्थित ग्रीन एकर्स में श्रीदेवी का शव पहुंचा तो बुधवार को उनकी अंतिम विदाई की तैयारी शुरू हुई।
उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा गया था। लोगों ने सोचा भी नहीं था उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा। बुधवार को जब उनके शव को आम लोगों समेत कई और मशहूर लोगों ने देखा तो श्रीदेवी के शव पर लिपटा तिरंगा सभी का ध्यान खीच रहा था।

       राज्य और केन्द्र सरकार तय करती है राजकीय सम्मान
दरअलस राजकीय सम्मान राज्य या केन्द्र सरकार तय करती है। लेकिन उससे पहले व्यक्ति का पद भी देखा जाता है। जब किसी को राजकीय सम्मान मिलता है तो उसका सारा बंदोबस्त राज्य सरकार ही करती है। लेकिन इससे पहले सरकार एक बैठक करती है। बैठक में राजकीय सम्मान तय किया जाता है। उकसे बाद राज्य के डीजीपी को सरकार की ओर से पत्र जारी किया जाता है। जिसमें आगे की व्यवस्था पुलिस करती है। जिसमें राजकीय सम्मान पाने वाले व्यक्ति के शव को तिरंगे में लपेटा जाता है फिर उसको बंदूकों से पुलिस सलामी देती है। श्रीदेवी के पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ ऐसा ही किया गया।

                पहले इन्हें मिलता था राजकीय सम्मान
हालांकि एक समय ऐसा भी था जब राजकीय सम्मान पाने वालों में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री व दूसरे संवैधानिक पदों रह चुके लोगों को ही दिया जाता था। लेकिन बाद में ये फैसला बदल दिया गया। जिसमें कहा गया कि राज्य सरकार तय कर सकती है जिसे राजकीय सम्मान दिया जा रहा है उसका कद क्या है।

                  सरकार इन्हे भी देती है राजकीय सम्मान
वैसे तो सरकार राजकीय सम्मान मौजूदा समय में ऐसे लोगों को भी देती है जो साहित्य के क्ष्ोत्र में काम करने वाले हो या फिर कानून और विज्ञान के साथ सिनेमा जैसे क्ष्ोत्रों में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। ऐसे क्षेत्रों में जो अहम किरदार निभाते हैं सरकार उनकों सम्मान देती है। इसके अलावा देश हित में अपने प्राण देने वालों को भी सरकार ये सम्मान देती है उसमें पुलिस से लेकर सेना के जवान भी शामिल होते हैं।

           राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को मिला था पहला सम्मान

जानकार बताते हैं पहला राजकीय सम्मान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भारत में दिया गया था। जानकारों का यह भी कहना है कि इसके बाद भारत के पहले प्रधानमंत्री प. जवाहर लाल नेहरु और इंदिरा गांधी भी राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गयी थी।

पूरे भारत समेत देश विदेश में भी श्रीदेवी के अभिनय का बजता था डंका
श्रीदेवी एक ऐसी अभिनेत्री रही हैं जिनके अभिनय का भारत का क्या देश विदेश में भी डंका बजता था। श्रीदेवी के अभिनय को विदेशों में भी सराहा गया।

श्रीदेवी ने इन फिल्‍मोें में किया काम

जैसे को तैसा (1973)
जूली (1975)
सोलहवां साल (1978)
हिम्मतवाला (1983)
जस्टिस चौधरी (1983)
जानी दोस्त (1983)
कलाकार (1983)
सदमा (1983)
अक्लमंद (1984)
इन्कलाब (1984)
जाग उठा इंसान (1984)
नया कदम (1984)
मकसद (1984)
तोहफा (1984)
बलिदान (1985)
मास्टर जी (1985)
सरफ़रोश (1985)
आखिरी रास्ता (1986)
भगवान दादा (1986)
धर्म अधिकारी (1986)
घर संसार (1986)
नगीना (1986)
कर्मा (1986)
सुहागन (1986)
सल्तनत (1986)
औलाद (1987)
हिम्मत और मेहनत (1987)
नज़राना (1987)
मजाल (1987)
जोशीले (1987)
जवाब हम देंगे (1987)
मिस्टर इंडिया (1987)
शेरनी (1988)
राम अवतार (1988)
वक़्त की आवाज़ (1988)
सोने पे सुहागा (1988)
चालबाज़ (1989)
चांदनी (1989)
गुरु (1989)
गैर कानूनी (1989)
निगाहें (1989)
बंजारन (1991)
फ़रिश्ते (1991)
पत्थर के इंसान (1991)
लम्हे (1991)
खुदा गवाह (1992)
हीर राँझा (1992)
चन्द्रमुखी (1993)
गुमराह (1993)
गुरुदेव (1993)
रूप की रानी चोरों का राजा(1993)
चाँद का टुकड़ा (1994)
लाडला (1994)
आर्मी (1996)
मि. बेचारा (1996)
कौन सच्चा कौन झूठा (1997)
जुदाई (1997)
मेरी बीबी का जवाब नहीं(2००4)
मि. इंडिया 2 (2००7)

फिल्मों का नाम और सन का इनपुट विकिपीडिया से