अपनी जीप की टक्कर से सीएम का हेलीकाप्टर व मंच तोड़ने वाले राजा को 35 साल बाद मिला न्याय, 11 पुलिस ​कर्मियों को उम्र कैद

न्यूज डेस्क। एक राजा और उसकी हत्या, उसके बाद अदालत में केस, 25 जज बदले, और फिर बीत गये पूरे 35 साल, मामला जयपुर कोर्ट में चल रहा था। अब इस केस में 35 साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। इसमें एक डीएसपी समेत 11 पुलिस कर्मियों को सजा हुई है। हालांकि इस केस में 18 पुलिस कर्मियों को आरोपी बनाया गया था। इस केस में 61 गवाह अब तक अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए, जबकि 17 गवाह बचाव पक्ष ने प्रस्तुत किए। और 1700 से अधिक तारीखों पर अब तक हुई सुनवाई।

राजा मान सिंह पर ये था आरेाप

20 फरवरी, 1985 को राजा मान सिंह ने जोंगा जीप से टक्कर मार मुख्यमंत्री की सभा मंच व हेलीकाप्टर को क्षतिग्रस्त कर दिया था, 21 फरवरी, 1985 को पुलिस के साथ आमने-सामने की फायरिंग में राजा मान सिंह व दो अन्य की मौत हो गई। इस मामले में सीबीआइ ने एफआर लगा दी थी। 17 सौ से अधिक तारीखें भी मुकदमे में पड़ी, जबकि अनुमान के मुताबिक इस केस में जो आरोपी पुलिस ​कर्मी थे उनकी सुरक्षा में करोड़ो रूपए खर्च हो चुका है। 35 साल बाद इस बहुचर्चित मामले में हत्‍या के दोषी करार हुए पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। राजपरिवार की तरफ से विजय सिंह, गिरेंद्र कौर, कृष्णेंद्र कौर दीपा, दुष्यंत सिंह, गौरी सिंह, दीपराज सिंह कोर्ट में मौजूद रहे। साथ ही राजस्‍थान सरकार मुठभेड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा भी देगी।

इनको हुई सजा

-तत्कालीन सीओ डीग कान सिंह भाटी
-तत्कालीन एसएचओ डीग वीरेंद्र सिंह
-तत्कालीन कॉन्स्टेबल सुखराम
-तत्कालीन हैड कांस्टेबल आरएसी ई कंपनी छठवीं बटालियन जीवनराम
-तत्कालीन हेड कॉन्स्टेबल आरएसी बी कंपनी छठवीं बटालियन
-तत्कालीन कॉन्स्टेबल आरएसी ई कंपनी छठवीं बटालियन
-तत्कालीन कॉन्स्टेबल आरएसी ई कंपनी छठवीं बटालियन
-तत्कालीन कॉन्स्टेबल आरएसी ई कंपनी छठवीं बटालियन
-तत्कालीन कॉन्स्टेबल आरएसी ई कंपनी छठवीं बटालियन
-तत्कालीन कॉन्स्टेबल आरएसी ई कंपनी छठवीं बटालियन
-इंस्पेक्टर/ सेकंड एसपी ऑफिस रवि शेखर मिश्रा

इनके खिलाफ नहीं मिले सुबूत

-क्राइम असिस्टेंट संबद्ध इंस्पेक्टर एसपी कार्यालय कान सिंह
-तत्कालीन हेड कॉन्स्टेबल पुलिस लाइन हरी किशन
-थाना डीग के तत्कालीन कॉन्स्टेबल गोविंद प्रसाद
-तत्कालीन एएसआइ थाना डीग सीताराम
-तत्कालीन कॉन्स्टेबल थाना डीग नेकीराम
—तत्कालीन कॉन्स्टेबल थाना डीग कुलदीप सिह

घटनाक्रम एक नजर में

—20 फरवरी, 1985 की घटना
— राजा मान सिंह ने अपनी जीप की टक्कर से सीएम का मंच तोड़ा
— हेलीकाप्टर भी तोड दिया, अफरातफरी मची
—पुलिस ने केस दर्ज किया, राजा की तलाश शुरू हुई
—21 फरवरी, 1985 को पुलिस और राजा व उनके साथी आमने सामने आये
—फायरिंग हुई पुलिस की जवाबी कार्रवाई में राजा मान सिंह व एक अन्य मारा गया
—22 फरवरी, 1985 को राजा मान सिंह के अंतिम संस्कार पुलिस की मौजूदगी में हुआ
—इस दिन भी आगजनी व तोड़फोड़ हुई। इसमें तीन की मौत हुई
—28 फरवरी 1985 को सीबीआइ जांच के लिए नोटीफिकेशन हुआ।
—17 जुलाई 1985 को सीबीआइ ने जयपुर सीबीआइ चार्जशीट दाखिल की
—1990 में मुकदमा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राजस्थान से मथुरा कोर्ट में भेजा गया
—21 जुलाई, 2020 को 11 आरोपितों को हत्याकांड में दोषी ठहराया गया।
—तीन आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया गया।
—22 जुलाई, 2020 को सभी दोषी अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

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