एकेटीयू में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिग एण्ड रिसर्च पर कोर्स शुरू

लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि में सोमवार को विवि के अकादमिक भवन में 1० दिवसीय शोध प्रविधि का कोर्स नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिग एण्ड रिसर्च की शुरूआत हुई। कोलकाता के संयुक्त तत्वाधान में शुरू हुए इस कोर्स का उद्घाटन सत्र का शुभारम्भ विवि के कुलपति प्रो विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता हुआ। इस मौके पर विवि के डीन पीजीएसआर प्रो. केवी आर्य एवं एनआईटीटीटीआर से आये प्रो. समीरन भी शािमल रहे।
4० छात्र-छात्राओं मिला अवसर, दो होंगी परीक्षाएं
कोर्सवर्क में प्राप्त आवेदनों के क्रम में 4० छात्र-छात्राओं को चयनित कर प्रतिभाग करने का अवसर प्रदान किया गया है। कोर्सवर्क के दौरान शोध प्रविधि के विषय में विस्तार से जानकरी प्रदान की जाएगी। साथ ही साथ दो परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी, जिन्हें उतीर्ण करना अनिवार्य होगा। दोनों परीक्षाओं को उतीर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
एकेटीयू की पहल से शोध प्रक्रिया होती है बेहतर समझ
इस मौके पर सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने कहा कि शोध की गुणवत्ता के लिए विवि ने इस तरह के कोर्स की पहल की है। ऐसे में हैम्शोधार्थियों के लिए शोध प्रविधि का कोर्स शोध प्रक्रिया की बेहतर समझ पैदा करता है, यही कारण है कि यूजीसी जैसी संस्थाओं ने पीएचडी में शोध प्रविधि का कोर्स करना अनिवार्य कर रखा है।
सभी मुख्य ऑपिक्स पर होगी चर्चा
इस मौके पर उपस्थित एनआईटीटीटीआर के प्रो. समीरन मंडल ने कहा कि एकेटीयू के साथ संयुक्त रूप से शोध प्रविधि का कोर्स संचालित करना बेहतर अनुभव रहा है। कोर्स के दौरान शोध प्रविधि से सम्बंधित सभी मुख्य टॉपिक्स पर चर्चा की जाएगी। साथ ही एक शोध प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण भी करवाया जाएगा।
शोधार्थियों की एक स्थान पर उपलब्धता आवश्यक
डिज़ाइन इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो वीरेंद्र पाठक ने कहा कि वर्तमान में इंजीनियरिग एवं मैनेजमेंट के क्षेत्र में गुणवत्तापरक शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए शोधार्थियों की एक स्थान पर उपलब्धता आवश्यक हो रही है। इस तरह के कोर्स से विवि के पीएचडी में पंजीकृत छात्र-छात्राएं एकत्र होकर सीधे विशेषज्ञों से संवाद स्थापित कर अपनी शोध समस्याओं पर मंथन कर सकेंगे।                                                                                                                 समय की मांग है कि शोध संस्थान संयुक्त रूप से शोध कार्यों के लिए आगे आए
डीन पीजीएसआर प्रो. केवी ने कहा कि समय की मांग है कि शोध संस्थान संयुक्त रूप से शोध कार्यों के लिए आगे आए, जिससे उपलब्ध स्त्रोतों का सही से उपयोग हो सके। उक्त अवधारणा को मूर्तरूप प्रदान करने के लिए एकेटीयू ने पिछले वर्ष से एनआईटीटीटीआर के संयुक्त तत्वाधान में शोध प्रविधि के कोर्सवर्क के संचालन की परंपरा शुरू की है। पिछले वर्ष3० अभ्यर्थियों को कोर्स के लिए चयनित किया गया है, जिन्हें 1० दिन के इस कोर्स में प्रतिभाग के उपरांत सर्टिफिकेट प्रदान किया गया था।

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