12 दिसंबर को निजी आईटीआई संस्थानों में लटकेगा ताला, हड़ताल पर जायेंगे प्रबंधक

लखनऊ। लखनऊ समेत प्रदेश भर के निजी आईटीआई संस्थानों में 12 दिसंबर को ताला लटकेगा, कॉलेज प्रबंधकों ने प्रदेश सरकार को हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। कॉलेज प्रबंधकों का कहना है कि सरकार उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं है, किसी भी समस्या के बारे में यदि शासन को अवगत कराया जाता है तो उसे नजर अंदाज किया जाता है। इसं सबंध में प्राइवेट आईटीआई वेलफेयर एसोसिएशन ने स्थानीय प्रशासन पर शोषण एवं मनमानी का आरोप लगाते हुए 12 दिसम्बर से प्रदेष व्यापी हड़ताल का निर्णय लिया है। प्रदेश में निजी क्षेत्र की लगभग तीन हजार आईटीआई है। जिनमें पांच लाख बच्चों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्राइवेट आईटीआई वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष उमेश मिश्रा प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि इस सम्बंध में मंत्री व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास उ.प्र. कपिल देव अग्रवाल को ज्ञापन सौपा जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अत्यंत महत्वकांक्षी स्किल इण्डिया परियोजना के संदर्भ में काम कर रही निजी क्षेत्र की आईटीआई के प्रति सरकार की मानसिकता ठीक नही है। उन्होंने बताया कि निजी आईटीआई की अपै्रल से अब तक भारत सरकार एवं राज्य सरकार के संयुक्त जॉच टीम द्वारा कुछ छह जॉचे हो गई। वर्तमान में प्रत्येक आईटीआई की कुछ चार जॉचे एक साथ कराने का फरमान जारी है। जो अनवरत चल रही है। उन्होंने प्रश्न किया कि जॉच अधिकारी स्वंय दोषी है फिर दोषी व्यक्तियों से जॉच क्या निष्पक्षता पूर्वक हो जाएगी या फिर निजी आईटीआई प्रबंधन का शोषण किया जाएगा। वहीं महासचिव डी.के. द्विवेदी ने प्रेस क्लब में वार्ता के दौरान पत्रकारों से कहा कि अपूर्ण रिजल्ट, जांच एवं छात्रवृत्ति के संदर्भ में यदि हमारी मांगे नही मानी जाती तो हम 12 दिसंबर से हड़ताल पर चले जायेंगे ।
विभाग की लापरवाही से जारी हुआ गलत परिणाम
महासचिव ने बताया कि अभी कुछ दिनों पूर्व एनसीवीटी द्वारा सेमेस्टर सिस्टम के रिजल्ट घोषित किये गए थे जिसमें 22 जनपदों के कुल 12000 प्रशिक्षार्थियों के ट्रेड थ्योरी एवं वर्कशाप कैलकुलेशन तथा साइंस के अंक जीरो दृष्टव्य हो रहे थे, एनसीवीटी, डीजीटी एवं परिषद में छानबीन एवं वार्ता के बाद यह बात सामने आई कि 22 जनपदों में नोडल प्रधानाचार्यो ने गलत ओएमआर शीट बांट कर केयरलेस परीक्षा संपादित कराई जिससे रिजल्ट जीरो आया उससे विभाग के कारगुजारियों से प्रभावित सभी अभिभावक एवं छात्र उद्वेलित एवं दुखी है। अभी एनुअल परीक्षा परिणाम आने बाकी है किंतु जांच करने पर यह बताया गया है कि उसमे भी कुल 12 जनपदों के 90000 प्रशिक्षार्थियों के रिजल्ट भी जीरो आने की संभावना है क्योंकि उपरोक्त गलतियां वहां भी दोहराई गई है। उन्होने बताया कि 28 नवंबर को प्रमुख सचिव द्वारा प्रशानिक अधिकारियों के साथ विभागीय अधिकारियों संग जांच करके रिपोर्ट मांगी गई है। जिसके चलते उत्तर प्रदेष के सभी आई टी आई संचालको को परेशान किया जा रहा है।
राजकीय आईटीआई भी नहीं पूरे करते हैं मानक
ऐसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि हर जगह रुपयों की मांग की जाती है। जो प्रबंधक नही देता उसके खिलाफ वही प्रधानाचार्य अपने ऊपर के अधिकारियों को विपरीत रिपोर्ट प्रेषित करते है और बच्चों को फेल भी कर देते है। उनका कहना है कि शासनादेश में सिर्फ निजी आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक के जांच की बात कही गई है जबकि यदि जांच हो रही है तो राजकीय आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक की भी होनी चाहिए । प्रदेश में संचालित राजकीय आई टी आई भी मानक के अनुरूप नही संचालित हो रहे है एक ही बिल्डिंग में कई कई आई टी आई संचालित हो रहे है राजकीय आई टी आई के प्रधानाचार्यो ने फर्जी कागजात लगाकर एनसीवीटी की मान्यता ले रखी है फिर जांच निजी की जाती है।

एसोसिएशन ने शासन पर लगाये ये आरोप

  • -जांच के नाम पर अधिकारी करते हैं शोषण
  • -मानक पूरे होने के बाद भी बताये जाते हैं तमाम काूनन
  • -मोटी रकम देकर बच जाते हैं जिनके मानक नहीं पूरे हैं वह
  • -बोलने पर संस्था को डीएफिलियेट करने की दी जाती है धमकी
  • -परीक्षा के दौरान प्रति छात्र के हिसाब से होती है रकम की डिमांड
  • -प्रयोगात्मक हो थ्योरी हो या सेंटर बनाने ने नाम पर होती है रकम वसूली
  • -प्रैक्टिकल नम्बर पोर्टल पर चढ़ाने का समय भी मांगे जाते हैं पैसे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

five × 1 =