सरदार पटेल की 144वीं जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि , बोले उन्होंने देश की एकता के लिए किया काम

न्यूज डेस्क। भारत में लौहपुरूष सरदार बल्लभ भाई पटेल का आज जन्म दिन है। पूरा देश आज उनके योगदान को याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी भी गुजरात ने के केवडय़िा में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर एकता दिवस परेड को भी सलामी दी।
सरदार पटेल की 144 वीं जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत की विविधता, एकता, कई भाषाएं, कई बोली ही हमारी शान है। पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने देश की एकता के लिए काम किया। उनकी प्रतिमा एकता का एक प्रतीक है।
दीवार के रूप में काम कर रहा था अनुच्छेद 370
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अनुच्छेद 370 एक दीवार की तरह से काम कर रहा था, ये यहां के युवाओं के लिए बहुत बड़ा बाधक था। कश्मीर के युवाओं को अब आगे बढऩे का मौका मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि 370 पर अस्थाई दीवार बना दी गई थी, जिसने कश्मीर में आतंक और अलगाववाद को जन्म दिया। पीएम ने कहा कि आज सरदार साहब को मैं हिसाब दे रहा हूं, आपका जो सपना अधूरा था, उसे पूरा कर दिया है। 370 की दीवार ढहा दी गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कश्मीर का मसला सरदार पटेल के पास होता तो इतना विवाद नहीं होता।
370 ने ले ली 40 हजार लोगों की जान
पीएम मोदी ने कहा मुझे इस बात क दुख है कि इसी धारा 370 की वजह से आंतकियों ने अपना यहां वर्चस्व कायम रखा और 40 हजार निर्दोश लोगों की जाने चली गयी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, जल्द ही कश्मीर विकास की रफ्तार पकड़ सकेगा।
पांच अगस्त का फैसला सरदार को समर्पित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त के फैसले को सरदार पटेल को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि आज से जम्मू कश्मीर और लद्दाख नए भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। अब कश्मीर में नए युग की शुरुआत होगी।
सरदार पटेल ने देश के लिए दिया ये योगदान
-सरदार पटेल का जन्म 1875 में हुआ।
-गुजरात के नाडियाड में उनका जन्म हुआ।
-वह भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे।
-उन्होंने देश की 564 रियासतों को एकता के सूत्र में बांधा
-1917 से 1924 तक अहमदनगर के पहले भारतीय निगम आयुक्त के रूप में सेवा दी।
-1924 से 1928 तक वह इसके निर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष भी रहे।
-भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सर्विस की नींव रखी।
-1991 में वह भारत रत्न से सम्मानित हुए।
-15 दिसंबर, 1950 को 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए।

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