मनरेगा श्रमिकों का भुगतान लटकाने वाले अफसरों की खैर नहीं, वेतन से होगी कटौती

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लखनऊ (ब्यूरो)। मनरेगा मजदूरों के पारिश्रमिक के समय से भुगतान के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मुकम्मल व्यवस्था की है और भुगतान में अनावश्यक लेट लतीफी करने पर जिम्मेदार अफसरों के वेतन से कटौती कर उन्हें क्षतिपूर्ति दी जाएगी। सरकार ने पारिश्रमिक भुगतान में लेटलतीफी करने के जिम्मेदार अफसरों के वेतन से जितनी अवधि का मनरेगा मजदूरों के पारिश्रमिक भुगतान में विलंब हुआ है 0.05 प्रतिशत प्रतिदिन के हिसाब से उनके वेतन से कटौती करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि मनरेगा श्रमिकों को उनके पारिश्रमिक का भुगतान समय से हो सके इसके लिए सरकार ने इस स्कीम की धारा 32 (1) में संशोधन को मंजूरी दी है इसके तहत अब यदि किसी मनरेगा श्रमिक को उसके निर्धारित अवधि में किए गए कार्य के पारिश्रमिक भुगतान में यदि विलंब होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अफसरों की होगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने तय किया है कि मनरेगा श्रमिकों को साल में कम से कम 100 दिन रोजगार की गारंटी रहेगी और कार्य अवधि के 15 दिन में यदि भुगतान नहीं होता है तो जिम्मेदार अफसरों के वेतन से कटौती कर उनका पारिश्रमिक दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मनरेगा श्रमिकों को प्रतिदिन रूपये 182 का भुगतान किया जा रहा है।