यूपी में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या हुई 805, 13 की मौत

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न्यूज डेस्क। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए यूपी में लॉकडाउन का सख्ती से पालन होने के बाद भी लगातार मरीजों की संख्या संख्या बढ़ रही है। बता दें कि कोरोना संक्रमित मरीजों की यहां संख्या 805 हो चुकी है जबकि मरने वालों की संख्या 13 हो गयी है। गुरुवार को 82 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। इन बढ़ते पॉजिटिव केस के बड़े जिम्मेदार तब्लीगी जमात से लौटे लोग तथा उनके सम्पर्क में आने वाले लोग माने जा रहे हैं। वहीं संक्रमित लोगों में अब तक कुल 471 लोग तब्लीगी जमात के पाए गए हैं। गुरूवार को 43 नए जमातियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। कोरोना टेस्टिंग के लिए अब तक कुल 21,384 सैम्पल भेजे जा चुके हैं जिसमें 20,374 की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई करीब 205 मामले ऐसे हैं जिनकी जांच रिपोर्ट आनी बाकी है।

                   13 अप्रैल तक थी 550 मरीजों की संख्या

यूपी में 550 कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या, सरकार सख्त, जानकारी छिपायी तो होगी कार्रवाई, अफसरों की भी जिम्मेदारी तय

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 550 हो चुकी है, ऐसे में प्रदेश सरकार ने सख्ती से अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय कर दी है। वहीं प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमण की चपेट में हैं और वह जानकारी छुपा रहा है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये और उसकी रिपोर्ट भी शासन को दी जाये। प्रदेश सरकार की ओर से ये भी चेतावनी जारी की गयी है कि अगर कहीं पर भी अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जायेगी।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने सोमवार को लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण को छुपाने एवं जानबूझकर न बताने वाले लोगों को चिन्हित कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। जिला अधिकारियों और एसएसपी को निर्देश दिये गये हैं कि ग्रामीण स्तर पर सघन चेकिंग करा लें ताकि कहीं कोई कोरोना संक्रमित छुपा ना रहे, कहीं पर कोरोना संक्रमित छुपे हुए पाये जाते है तो जिला और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हाॅटस्पाट वाले क्षेत्रों के सेनेटाईजेशन एवं डोर स्टेप डिलीवरी पर विशेष ध्यान दिया जाने के निर्देश दिये हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कोरोना जांच हेतु टेस्टिंग लैब को और मजबूत करते हुए टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिये है। इसके अतिरिक्त टेलीमेडिसिन के माध्यम से टेलीकन्सल्टेन्सी पर विशेष बल दिये जाने के निर्देश दिये हैं।

15 जिलों में 133 कोरोना हाॅटस्पाॅट
यूपी के 15 जिलों में अब तक 133 कोरोना हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इन हॉटस्पॉट्स में 10.50 लाख की आबादी रह रही है। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में डोर टू डोर सामानों की डिलिवरी हो रही है।
प्रदेश में दर्ज हुई 15378 एफआईआर
उन्होंने बताया कि कालाबाजारी को लेकर अब तक प्रदेश में 15378 एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही राज्य में 931 वेंटिलेटर की व्यवस्था की गई है जबकि 576 कोरोना संदिग्धों को आइसोलेशन में रखा गया है। पूरे प्रदेश में 8084 लोग क्वॉरंटीन किए गए हैं। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि यूपी में सबसे अधिक कोरोना के पॉजिटिव मामले आगरा (104) जिले में हैं।
केजीएमयू की शनिवार की जांच रिपोर्ट में आगरा के 12 नये केस सामने आए। ये सभी आगरा के ही अलगकृअलग अस्पतालों में भर्ती हैं। अवनीश अवस्थी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 41 जनपदों में कोरोना वायरस का संक्रमण पहुंच चुका है। कोरोना टेस्टिंग के लिए अब तक कुल 10,559 सैम्पल भेजे गए है, जिनमें 10,012 की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है। कोरोना प्रभावित देशों से अब तक कुल 68610 लोग उत्तर प्रदेश वापस लौटे हैं।
अब तक राज्य में 6 मौंते
प्रदेश के 9 जनपदों से 45 लोग कोरोना से रिकवर होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। राज्य में कोरोना से अब तक छह मौतें हुई हैं। मेरठ, बस्ती, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और बुलन्दशहर जिले में एककृएक लोगों की मौत कोरोना वायरस से हुई है।
लोगों को लगातार किया जा रहा जागरूक
प्रदेश सरकार ने लोगो ंको कोविड 19 के संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करने के लिए कई कदम उठाये हैं। लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जरूरत के सभी सामान भी लोगों को तक पहुंचाये जा रहे हैं। होम डिलविरी की भी व्यवस्था की गयी है। पुलिस जवान दिन रात चैराहों पर मुस्तैद हैं।

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