अब पुराने वाहनों को भी लगाना होगा फास्टैग, तभी टोल प्लाजा कर सकेंगे पास, जानिए कब से लागू हो रहा नियम

न्यूज डेस्क। देश भर के टोल प्लाजा से गुजरने वाले पुराने चार पाहिया वाहनों में भी फास्ट टैग लगाना अनिवार्य होगा नहीं तो टोल प्लाजा से एंट्री मुश्किल होगा। इस संबंध में केन्द्रीय सड़क व परिवहन मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। अभी तक वाहन स्वामी की मर्जी पर डिपेंट करता था कि ​वह फास्ट टैग लगायेगा या नहीं। लेकिन अब सभी लगाना अनिवार्य कर दिया गया हैं।

इस तारीख से होगा लागू
यह नियम एक जनवरी 2021 से लागू किया जा रहा है। ऐसे में एम और एन श्रेणी के सभी पुराने वाहनों को फास्ट टैग लगाना अनिवार्य होगा। अगर कोई गाड़ी एक दिसंबर 2017 से पहले भी बिकी है तो उसके लिए फास्ट टैग अब जरूरी हो गया है। इस काम में तेजी लाने के लिए नये नियम के तहत थर्ड पार्टी बीमा लेने के लिए फास्टैग का ब्योरा भरना जरूरी कर दिया गया है। यह नियम एक अप्रैल 2021 से लागू हो सकता है।

सरकार और वाहन स्वामी दोनो को फायदा
इस नियम के बाद सरकार और वाहन स्वामी दोनो को ही फायदा होगा। दरअसल फास्टेैग आपके खाते से लिंक होता है गाड़ी टोल प्लाजा से गुजरते ही पैसा आटोमेटिक आपके खाते से कट जायेगा। फास्ट टैग से वाहन स्वामी को टोल टैक्स में छूट मिल जायेगी।

समय की होगी बचत
अभी मौजूदा समय में फास्ट टैग लगाना अपनी वाहन स्वामी की इच्छा पर निर्भर करता है। ऐसे में जो फास्टैग लगाकर वाहन चलते हैं उनके लिए टोल प्लाजा पर अलग से लेन की सुविधा ​दी गयी है। लेकिन जो फास्टैग नहीं लगाते हैं उनकी लेन में काफी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में 10 से 15 मिनट तक समय भी ब​र्बाद हो जाता है।

तेजी से गुजर सकेंगे वाहन
ओवर आल गाड़ियों कें अगर फास्टैग लग जाता है तो टोल प्लाजा पर कैश लेन देन का काम खत्म हो जायेगा। सरकार का भी लक्ष्य है कि ​भारत में डिजिटल को बढ़ावा मिले ताकि कामों भी तेजी आये। अभी कैस लेन देन में अमूमन एक वाहन को पास करने में करीब 3 से 4 मिनट का समय लग जाता है।

बड़ी मात्रा में होगी ईधन की होगी बचत
टोल प्लाजा पर जब भीड़ का सामना गाड़ियों को करना पड़ता है तो इस दौरान काफी संख्या में वाहन स्टार्ट मोड में ही खड़े रहते हैं, ऐसे में वाहनों में ईधंन की खपत ज्यादा होती है। यदि चंद सेंकेड में ही टोल प्लाजा क्रास करने का मौका मिल जायेगा तो ईधंन की खपत कम होगी।