विद्यार्थी जीवन से अच्छा कोई और समय नहीं बीबीएयू में आयोजित हुआ जेंडर सेंसेटाइजेशन

लखनऊ। बाबा साहेब केन्द्रीय विश्वविद्यालय बीबीएयू में बेसिक फैसेलिटीज ऑफ वूमेन कमिटी की ओर से पिछले चार दिनों से आयोजित जेंडर सेंसेटाइजेशन’ (लिंग संवेदीकरण) कार्यक्रम का समापन शनिवार को हो गया। इस मौके पर लैंगिक समानता विषय पर चर्चा करते हुए प्रो. शुभीनी सर्राफ़ ने कहा जेंडर समावेश से महिलाओं को भी देश के विकास में बराबर अवसर दिये जा सकते हैं। महिला एवं पुरुष दोनों ही एक दूसरे के बराबर है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होने कहा की लैंगिक समानता की समझ बहुत ही आधारभूत है। इसकी नींव डालने का विद्यार्थी जीवन से अच्छा कोई और समय नहीं हो सकता। प्रोफ़. शुभीनी ने अपने वक्तव्य में ज़ोर देते हुए कहा की विद्यार्थियों को ये समझना होगा की महिलाओं से सदव्याहवार रखा जाए और ठीक उसी तरह अच्छा आचरण भी किया जाए।
प्रो. दीपा द्विवेदी ने छात्रों के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करते हुए कहा की एक सभ्य समाज की कल्पना केवल तब ही साकार हो सकती है जब महिलाओं को समाज में उनकी सम्मानित जगह मिले, और ये केवल लैंगिक समानता से ही संभव है। उन्होने कहा कि यदि पुरुष और महिला अपनी अपनी जिम्मेदारियों को बाँट लें तो समाज में एक अच्छा माहौल बन सकता है7
चर्चा में प्रोफ़.सुदर्शन वर्मा ने ‘जाती तथा लैंगिक’ विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए और साथ ही छात्रों के प्रश्नों के उत्तर दे कर उनकी शंकाओं का समाधान भी किया। इस चार दिवसीय कार्यक्रम का संयोजन प्रो. शिल्पी वर्मा की ओर से किया गया। कार्यक्रम के चौथे और अंतिम चरण में समन्वयक संगीता चौहान, आयोजन समिति की सदस्य प्रो. सुदर्शन वर्मा, प्रो. दीपा द्विवेदी, डॉ. प्रीति राय, डॉ. नमिता जैसल, डॉ. मोनिका, डॉ. लता बाजपई , छात्रावास के वार्डन डॉ. रणजीत, डॉ. जीवन और डॉ. सुदीप्ता छात्रावास में उपस्थित रहे।

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