कभी हेडमॉस्टर को तमाचा तो कभी एसडीआइ पर हमला, अब हो सका ये विद्यालय कब्जेदारों से मुक्त

इसी स्‍कूल में था अैवध कब्‍जा
  • विधायक नीरज बोरा ने लिया था संज्ञान, बीएसए ने भी दिखायी सख्ती
  • – नगर निगम की मदद से पुलिस सुरक्षा में विद्यालय की जमीन पर बने अवैध मकानों को ढहाया गया।

लखनऊ। राजधानी के भारतेंदु हरिश्चन्द्र वार्ड में स्थित प्राथमिक विद्यालय का करीब 3० साल पुराना इतिहास शनिवार को बदल गया। विद्यालय की जमीन पर बने अव्ौध मकान और कमरों को जहां ध्वस्त कर दिया गया है वहीं बिल्डर और भू-माफियाओं को भी नगर निगम और शिक्षा विभाग ने अपनी शक्ति का एहसास करा दिया। आये दिन आराजक तत्वो का शिकार हो चुके शिक्षक भी इस कार्रवाई से खुश है लेकिन उनकी मांग है जल्द ही विद्यालय की बाउंड्रीवाल हो जाये तो बच्चों को एक शांतपूर्ण माहौल में पढ़ाई करने का मौका मिल सके। शनिवार को ये कार्रवाई एसीएम अनिल श्रीवास्तव, तहसीलदार नगर निगम देश दीपक, बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी, खंड शिक्षा अधिकारी राम नारायण यादव, पार्षद रुपाली गुप्ता और मड़ियांव पुलिस की मौजूदगी में हुई।
कथित किसान नेताओं की सह पर हुआ था कब्जा
दरअसल भारतेंदू हश्चिन्द्र वार्ड में स्थित प्राथमिक विद्यालय में अवैध कब्जे का दर्द करीब 3० साल पुराना है। यहां लोगों ने विद्यालय की जमीन पर ही अपने कमरे बनाकर रहना शुरू कर दिया था। बताया जा रहा था कि ये सारा ख्ोल कुछ कथित किसान नेताओं और बिल्डर व भू-माफियाओं की सह पर हो रहा था। इस में पूर्व प्रधानाचार्यों ने कई बार अपने विभाग को पत्र भी लिखा लेकिन शिक्षा विभाग काोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा था। बताया जाता है अवैध कब्जेदारों के पीछे कुछ राजनितिक लोगों की भी सह थी। लेकिन भाजपा विधायक नीरज बोरा के संज्ञान में मामला आने के बाद ये कार्रवाई संभव हो सकी।
प्रधानाचार्य मनोज शुक्ला पर हुआ था हमला
अवैध कब्जेदारों और आराजक तत्वों का विरोध करने पर पूर्व प्रधानाचार्य मनोज शुक्ला पर हमला हुआ था। ये घटना 21 दिसंबर 2०15 की है मनोज शुक्ला ने लिखित शिकायत बीएसए और मड़ियांव पुलिस से की थी लेकिन उस समय पुलिस कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा सकी थी।
नगर शिक्षा अधिकारी रही पकंज गुप्ता पर भी हुआ था हमला
करीब 2००8 नगर शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात रहीं महिला अधिकारी पंकज गुप्ता ने विद्यालय की बांउड्री निर्माण कराने के लिए निरीक्षण करने आयी थी। तब भी कुछ दबंगों ने उन पर हमला किया था। मजबूरी में उन्हें बिना निरीक्षण के ही भागना पड़ा था। और बाउंड्री निर्माण के लिए आया पैसा भी वापस चला गया था। लेकिन उस समय भी काोई कार्रवाई के लिए हिम्मत नहीं जुटा पाया था।
राजधानी के और भी विद्यालयों पर है भू-माफियाओं की नजर
राजधानी में तमाम ऐसे परिषदीय विद्यालय हैं जिनकी जमीनों की कीमत आसमान छू रही है, जिसमें कई विद्यालय ऐसे हैं जहां लोगों ने कब्जा कर लिया तो कई विद्यालयों की जमीनों पर बिल्डर और भू-माफियों की नजर है। लेकिन इन माफियाओं के शिक्षा विभाग भी बेबस है। क्योंकि उसके पास तत्काल प्रभाव से काोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। लेकिन शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम ने करीब 3० साल पुराने इतिहास को ही पलट दिया। और भारतेंदु हरिश्चन्द्र वार्ड में स्थित प्राथमिक विद्यालय को कब्जे से मुक्त कर दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

eight + 4 =