शिक्षा व्यवस्था में नहीं चलेगी लापरवाही, मंत्री की अधिकारियों को दो टूक, दूर होंगी स्कूलों की समस्याएं

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्रदेश भर के जूनियर और प्राथमिक विद्यालयों की दिशा और दशा सुधारने के लिए सरकार की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहेे हैं, ऐसी स्थिति में ध्यान रखना होगा कि स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो इसके लिए शिक्षकों की उपस्थिति शत प्रतिशत सुनिश्चित की जानी चाहिए, कहीं पर भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। ये बात बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डा. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कही। डा. द्विवेदी सोमवार को बोसिक शिक्षा निदेशालय में महानिदेशक और विजय किरण आनंद और निदेशक डा. सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह के साथ शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की समस्या को लेकर चर्चा रहे थे। उन्होंने इस दौरान अधिकारियों को आदेश दिए कि जिस किसी विद्यालय में मूलभूत सुविधा की कमी है उसको तत्काल दूर किया जाये, उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में मौजूद सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में ब्लैक-बोर्ड, बालक-बालिका के लिए शौचालय, स्वच्छ पेयजल सुविधा, फर्नीचर, विद्युतीकरण, चहारदीवारी आदिकार्य ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ योजनान्तर्गत प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है। इसी प्रकार नगर क्षेत्र के विद्यालयों को भी मूलभूत सुविधाओं से संतृप्त कराया जा रहा है।
स्कूलों में होगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती
मंत्री ने कहा कि सभी विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, शिक्षकों के अवकाश सुविधा, विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर कराये जाने, शिक्षकों के अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण आदि के सम्बन्ध में बेहतर व्यवस्था बनाये जाने हेतु सतत् प्रयास करते हुए कार्यवाही करायी जा रही है।
शिक्षकों की मांगो पर होगा विचार
बैठक में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों द्वारा 1 अप्रैल, 2005 से पूर्व लागू पुरानी पेन्शन व्यवस्था बहाल किये जाने, अध्यापकों की पदोन्नति, विद्यालयों में मूलभूत सुविधा, विद्यालय मे ंलिपिक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति, प्रेरणा एप प्रणाली, विद्यालयों का संविलियन, शिक्षकों का अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण, वेतन विसंगति, एसीपी एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अध्यापकों के अवकाश, आवासीय सुविधा सहित अन्य बिन्दुओं पर विचार करने का आश्वासन दिया गया।

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