कृषि यंत्रों के लिए किसानों के खाते में एक माह में भेजा जाये पैसा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही

-योजना क्रियान्वयन की प्रक्रिया का सरलीकरण करें जिससे किसान आसानी से योजनाओं का लाभ उठा सकें
लखनऊ। कृषि यंत्रों की खरीद के लिए सरकार की ओर से दिया जाने अनुदान एक माह के भीतर किसानों के खाते में भेजना होगा, किसी भी किसान को समस्या न होने पाये इसके लिए अधिकारी अपनी सभी तैयारियां पूरी कर लें। ये आदेश कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि अधिकारियों को गुरूवार को दिए। कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में कृषि विभाग में संचालित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। कृषि मंत्री को बताया गया कि प्रदेश के प्रत्येक सहकारी समिति तथा गन्ना समितियों पर 5-5 लाख रूपये के कृषि यंत्र उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इस पर श्री शाही ने निर्देश दिये कि यंत्रों के सुचारू रूप से संचालन के लिये इन स्थलों पर कम से कम 55 एचपी के ट्रैक्टर भी उपलब्ध कराये जायें। इसके अतिरिक्त कृषि विज्ञान केन्द्रों पर भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गये कृषि यंत्रों को चलाने के लिये ट्रैक्टर की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाय।
श्री शाही को बताया गया कि प्रदेश में उर्वरक की कहीं कोई कमी नहीं है। यूरिया की अतिरिक्त उपलब्धता भी सुनिश्चित करायी जा रही है। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि जिलों में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिये लगातार कार्यवाही की जाये। इस अवसर पर यूपी एग्रो की समीक्षा करते हुये शाही ने कहा कि यू0पी0 एग्रो अपने कार्यक्षेत्र में विस्तार करे। साथ ही एक प्रबंध तंत्र का गठन किया जाये, जिसमें जनप्रतिनिधि को भी शामिल करें, ताकि उनके अनुभव और ज्ञान का उपयोग करते हुये यूपी एग्रो को सक्षम स्वरूप प्रदान किया जा सके।
इस अवसर पर अपर कृषि निदेशक, राम शब्द जैसवारा एवं वीपी सिंह, वित्त नियंत्रक, रमेश चन्द्र राय तथा संयुक्त निदेशक (ब्यूरो)आनन्द त्रिपाठी सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
दो लाख कूषि यंत्रों के वितरण का है लक्ष्य
कृषि वर्तमान रबी मौसम में किसानों को सभी प्रकार के बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाये। साथ ही उनके द्वारा प्राप्त किये गये बीजों एवं क्रय किये गये कृषि यंत्रों से सम्बन्धित अनुदान भी एक माह के अंदर उनके खातों में प्रेषित कर दिया जाये। इस वर्ष प्रदेश में अनुदान पर 2 लाख कृषि यंत्रों के वितरण के लक्ष्य के सापेक्ष क्रय पूर्ति पर निर्देश देते हुये कहा कि अभियान चलाकर वितरण कराया जाय। इसके अतिरिक्त योजना क्रियान्वयन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाये, ताकि किसान सहज रूप से योजनाओं का लाभ उठा सकें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Time limit is exhausted. Please reload the CAPTCHA.