मर्यादा पुरूषोत्तम राम और मोहम्मद साहब ने दिया मानवता का पैगाम, अरबी फारसी विवि में बोले एमपी के राज्यपाल लालजी टंडन

लखनऊ। मर्यादा पुरषोत्तम राम एवं मुहम्मद साहब के मानवता के लिए किये गए कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मुहम्मद साहब ही ऐसे अवतार थे जिन्होने बहुत बड़ी कुरीतियों को समाप्त कराया और बहुत बड़े समाज सुधारक और भगवान के असली पैगाम को सब तक पहुॅचाया। ये बात एमपी के राज्यपाल लालजी टंडन ने कही। श्री टंडन बतौर मुख्य अतिथि ख्वाजा मोनुद्दीन उर्दू अरबी फारसी विश्वविद्यालय में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कह कि विश्वविद्यालय के छात्रों को अपनी भाषाओं में सीमित न रहकर दुनिया के अन्य विकसित देशों की तरह भारत को मज़बूत करने का संकल्प लेना चाहिये। विश्वविद्यालय में अवध की मर्यादा और लखनऊ की तहजीब पर संगोष्ठïी का आयोजन किया गया था, इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. माहरुख मिर्जा ने कहा की यह विश्वविद्यालय लखनऊ की गंगा जमुनी तहज़ीब को बनाये रखने के लिये लगातार प्रयास करते हुये भारत में भाईचारा और अमन का पैगाम भी दे रहा है कि भगवान एक हैं और हम सब उसके बन्दे हैं। उन्होंने यह भी कहा की प्रधानमंत्री के सफल निर्देशन में देश ही नहीं बल्कि विश्व से जल्द ही दहशतगर्दी समाप्त हो जायेगी और वसुदेव कुटूम्बकम वास्तव में हो जायेगा। कुलपति ने कहा कि यहॉ की मिट्टी की खूसुसियत है कि अपने आप से ज्यादा दूसरों को ज्यादा अहमीयत देते हैं। यहॉ लखनऊ और अवध की ज़मीन का ताल्लुक मज़लूमियत से है। उन्होंने कहा की योगी जी ने जो कल अपने वकतव्य में कहा था कि कॉलेजों को बनाने वाले तो अच्छे लोग होते हैं परन्तु कॉलेजों पर कब्जा करने वाले समाज के बुरे लोग होते हैं इससे इस बात का संकेत मिलता है कि जल्द ही शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा। उसके उपरान्त कहा कि इसे अवध क्यों कहा जाता है और अवध की क्या मर्यादा है। यह खूंरेजी से पाक धरती है।
बोली और व्यंजन विश्व भर में प्रसिद्
इस मौके पर उपस्थित डॉ. अम्मार रिजवी ने कहा कि लखनऊ के व्यंजन एवं यहां की बोली पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और हमें जाति और मज़हब से परे होकर समाज के विकास में अपना योगदान देना चाहिये। नवाब मीर अब्दुल्लाह ने अपने उद्बोधन में कहा कि लखनऊ की तहजीब इतनी महान है कि यहां बहुत से मन्दिर मुस्लिमों ने बनाए और बहुत सी मस्जिदें एवं इमामबाड़े हिन्दू भाइयों द्वारा बनवाये गये। साथ ही उन्होंने कहा कि अवध की तहज़ीब हमारी विरासत है और हम सबको मिलकर इसे जिन्दा रखना होगा। इस विषय पर अपने विचार रखते हुए प्रदीप कपूर ने विद्यार्थियों को बताया कि आज के समय में सांस्कृतिक मूल्यों को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचना बहुत आवश्यक है।

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