देश के कई बैंको का आपस में होगा विलय, सरकार का बड़ा फैसला

बिजनेस डेस्क नई दिल्ली। भारत की कई बैंकों का आपस में जल्द ही विलय होने जा रहा है। ऐसे में देश भर में कुल 12 ही सरकारी बैंक बचेंगे। इस बात की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala sitharaman)ने किया है। वित्त मंत्री ने बैंको के विलय की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने जो फैसले पूर्व में लिए थे उन पर अमल होना शुरू हो चुका है।
किस बैंक में किसका होगा विलय
-यूनाइटेड बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और पंजाब नेशनल बैंक
-केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक
-यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक
-इंडियऩ बैंक और इलाहाबाद बैंक
एनबीएफसी कंपनियों के लिए आंशिक ऋण गारंटी योजना लागू
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala sitharaman) ने कहा कि एनबीएफसी कंपनियों के लिए आंशिक ऋण गारंटी योजना लागू. 3,300 करोड़ रुपये का पूंजी समर्थन दिया गया है और 30,000 करोड़ रुपये देने की तैयारी है। बैंकों के वाणिज्यिक फैसलों में सरकार का कोई दखल नहीं है।
स्विफ्ट संदेशों को कोर बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया
बैंको में धोखाधड़ी रोकने के लिये स्विफ्ट संदेशों को कोर बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल फंसा कर्ज (एनपीए) दिसंबर 2018 के अंत में 8.65 लाख करोड़ रुपये से घटकर 7.9 लाख करोड़ रुपये रह गया है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सुधार से लाभ दिखने लगा है क्योंकि 2019-20 की पहली तिमाही में उनमें 14 बैंकों ने मुनाफा दर्ज किया है।
विलय से बढ़ेगी कर्ज देने की क्षमता
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों में नये विलय की बात करते हुए कहा कि बड़े बैंकों से कर्ज देने की क्षमता बढ़ती है। पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक के विलय से ये देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बनेगा।

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