मैनपुरी के 80 शिक्षक होंगे बर्खास्त, जांच में फर्जी मिली थी डिग्री

लखनऊ। मैनपुरी में तैनात 80 शिक्षकों पर कभी भी बर्खास्तगी की गाज गिर सकती है। एसआईटी की जांच में इन शिक्षकों के बीएड सर्टिफिकेट फर्जी मिले थे। वहीं दो शिक्षकों को तत्काल बर्खास्त करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। ये दोनो शिक्षक बहराइच से तबादला करवाकर मैनपुरी पहुंचे थे। सभी शिक्षकों ने बीएड के सर्टिफिकेट आगरा विश्वविद्यालय से ही हासिल किए हैं। एसआईटी ने जांच में पाया था कि इन शिक्षकों की इनके सार्टिफिकेट फर्जी हैं। जिला बहराइच से मैनपुरी स्थानांतरण होकर आए एक शिक्षक और एक शिक्षिका को कार्यमुक्त करने के लिए बीएसए बहराइच ने बीएसए मैनपुरी को पत्र भी भेज दिया है। ऐसे मे इनका कार्यमुक्त होना तय है। बीएसए बहराइच ने बहराइच से मैनपुरी स्थानांतरण होकर आए शिक्षक वीरबहादुर सिंह और शिक्षिका रीना कुमारी की सेवाएं समाप्त करते हुए बीएसए मैनपुरी को कार्यमुक्त करने के लिए पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि एसआईटी ने अपनी जांच में इन शिक्षकों को फर्जी पाया है। जिसे देखते हुए इनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं मैनपुरी से ही शिक्षक बनने वाले 80 शिक्षक ऐसे हैं जिनकी बीएड की डिग्री एसआईटी ने फर्जी मानी है। इन शिक्षकों पर कभी भी गाज गिर सकती है। एसआईटी कभी भी जनपद पहुंचकर इनकी बर्खास्तगी के लिए बीएसए को पत्र सौंप सकती है।
फर्जी मान लिए गये हैं लेकिन वेतन जारी है
एसआईटी की जांच में फर्जी मिले सार्टिफिकेट पर नौकरी करने वाले शिक्षकों को वेतन पिछले 6 माह से जारी है। एसआईटी की रिपोर्ट में देरी के चलते इन शिक्षको का वेतन नहीं रोका जा सका। वहंी बेसिक शिक्षा अधिकारी बिना किसी लिखित रिपोर्ट के कार्रवाई करने के तैयार नहीं है। मैनपुरी में भले ही 80 शिक्षकों की बात हो रही है, वैसे तो प्रदेश के कई अन्य जनपदों में तो हजारों में शिक्षक ऐसे हैं जिनके डाक्यमेटों में दिक्कत है लेकिन फिर भी नौैकरी चल रही है और वेतन मिल रहा है। लेकिन सवाल ये है जब रिकवरी की नौबत आयेगी तो कैसे प्रक्रिया पूरी होगी।

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