यूपी में मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं मंगलवार से, 557 बनाये गये केन्द्र

लखनऊ। मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो जायेंगी। इस परीक्षा में एक लाख 82 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होने जा रहे हैं। परीक्षाएं पूर्व में जारी तय शेड्यूल के अनुसार ही शुरू होंगी। सोमवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज, राजनैतिक पेंशन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री, नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी‘ ने कहा कि वर्ष-2020 की परीक्षायें 25 फरवरी, पांच मार्च तक होंगी। इस वर्ष परीक्षा प्रदेश के 557 परीक्षा केन्द्रों पर दोनों पालियों में होगी, जिसमें कुल 1,82,258 छात्र-छात्रायें शामिल हो रहे हैं। परीक्षा में 97,348 छात्र व 84,910 छात्रायें हैं। वहीं कुल परीक्षार्थियों में 1,38,241 संस्थागत तथा 44,017 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं।
श्री नन्दी ने बताया कि वर्ष-2020 की परीक्षा में कई नवीन अभिनव प्रयोग किये गये हैं, यथा- सेकेण्डरी (मुंशी मौलवी) की परीक्षा में प्रश्न-पत्रों की संख्या-6 तथा सीनियर सेकेण्डरी (आलिम) की परीक्षा में प्रश्न-पत्रों की संख्या-5 कर दी गई है, जिससे पूर्व की तरह परीक्षा उबाऊ और लम्बी से मुक्ति मिल सके तथा प्रश्न पत्रों का स्वरुप ज्यादा बेहतर व प्रासंगिक रहे। अन्य बोर्डो के साथ-साथ मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षायें भी समय से सम्पादित हो रही हैं। इस वर्ष परीक्षा से पूर्व माॅडल प्रश्न-पत्र तथा पाठ्यक्रम से सम्बन्धित विस्तृत विवरण छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराये गये है, जिससे उन्हें परीक्षा की तैयारियों में काफी आसानी हुई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सेकेंडरी (मुंशी ौलवी) में 20 अंकों एवं सीनियर सकेण्डरी (आलिम) में 30 अंकों का सेशनल (प्रयोगात्मक) परीक्षा को भी शामिल किया गया है, जिससे परीक्षार्थियों के अन्य पहलुओं जैसे-उपस्थिति, अनुशासन तथा पठन-पाठन में उनकी रूचि का भी मूल्यांकन सम्भव हो सके। इन आधारांे पर भी प्रत्येक परीक्षार्थी को अंक प्राप्त होंगे। इस व्यवस्था को पहली बार अरबी-फारसी बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल किया गया है जो परीक्षा को अधिक व्यापक व वैज्ञानिक स्वरुप देगा।
प्रत्येक जिले में है माॅडल परीक्षा केन्द्र
श्री नन्दी ने बताया कि मदरसा शिक्षा परिषद की वर्ष-2020 की परीक्षा में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में “माॅडल परीक्षा केन्द्रों के भी निर्धारण” का प्रयास किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक जनपद में कम से कम एक परीक्षा केन्द्र को माॅडल परीक्षा केन्द्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके आधार पर सबसे बेहतर परीक्षा केन्द्र के स्वरूप को अगले वर्ष सभी परीक्षा केन्द्रों पर लागू करने का प्रयास होगा। यह अपने आप में सभी बोर्डों से एक अलग अभिनव प्रयोग है, जिसे आगे और विस्तार दिया जायेगा। इस वर्ष भी बोर्ड की परीक्षा सीसीटीवी कैमरो की निगरानी में हो रही है तथा अन्य सभी आवश्यक यथा स्वच्छ पेयजल, शौचालय, डेस्क आदि व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं, जो नकलविहीन सुव्यवस्थित तथा साफ-सुथरी परीक्षा सम्पन्न कराने के लिये आवश्यक है।

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