लखनऊ-महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को जलाया और राख फेक दी नहर में, घटना के सात साल बाद एसटीएफ ने किया खुलासा

लखनऊ। लखनऊ में करोड़ों की संपत्ति और प्रेमी के साथ जीवन बिताने के लिए एक महिला ने ऐसा कदम उठाया कि जिसने भी सुना वह हैरान रह गया। घटना चिनहट थाना क्ष्ोत्र की है जिसका खुलासा एसटीएफ ने किया है। महिला ने पति को बेहोश कर पहले उसे डंडो से पीटा और फिर घर में ही उसे जला दिया। फिर उसकी राख को भरकर गोमती नदी स्थित शारदा नहर में प्रेमी के साथ मिलकर फेकवा दिया।
7 साल पहले दिया था घटना को अंजाम
जून 2०12 में चिनहट थाना क्ष्ोत्र गौरव विहार कालोनी निवासी गुड्डी कोरी पत्नी स्व. राम प्रसाद को राम चन्द्र कोरी निवासी सतरिख रोड से प्रेम प्रसंग चल रहा था। गुड्डी के पति राम प्रसाद के पास अकूत संपत्ति थी वहीं लेकिन गुड्डी राम प्रसाद की जगह राम चन्द्र कोरी से प्यार करती थी। लेकिन उसके प्यार में उसका पति राम प्रसाद रोड़ा बना हुआ था। ऐसे में गुड्डी और राम चन्द्र ने मिलकर पहले राम प्रसाद के बेहोश किया और बाद में उसे डंडो से पीट-पीट कर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को जलाया और उसकी राख को नहर में फेंक दिया।

घटना के बाद दर्ज करवा दिया गुमशुदगी का मुकदमा
इस घटना को अंजाम देने के बाद पत्नी गुड्डी की ओर से चिनहट कोतवाली में पति गुगशुदगी का मुकदमा दर्ज करवा दिया। , जिसमें पुलिस को ग़ुड्डी ने बताय था कि उनके पति राम प्रसाद पेंटर 27-०9-2०12 को विक्रम डाला क्रय करने के वास्ते चिनहट स्थित मकान से शहर गये, जो कि घर वापस नही आये हैं। इस घटना की पुष्टि के लिए निरीक्षक हेमन्त भूषण ने थाना चिनहट से जानकारी की तो पता चला कि गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज है तथा विवेचना उपनिरीक्षक रामबहादुर पाल द्बारा की जा रही थी। गुगशुदगी का मुकदमा 6 जून 2०13 को दर्ज किया गया था। लेकिन एसटीएफ को एक ऐसे मुखबिर ने पूरे प्रकरण की सूचना तो एसपी एसटीएफ अभिष्ोक सिंह ने इस मामले को खुलासे के लिए टीम को लगाया तो सारा सच सामने आ गया। और दोनो आरोपी गुड्डी और राम चन्द्र को गिरफ्तार कर लिया गया।

मुखबिर तंत्र से खुला इस तरह से पूरा राज
पुलिस को मुखबिर ने बताया कि गुमशुदा राम प्रसाद की हत्या हो चुकी है यदि रामू जैसवाल जो उस समय राम प्रसाद के मकान में किरायेदार था एवं वर्तमान समय में लगभग डेढè-दो वर्ष पूर्व राम प्रसाद की बेटी लल्ली जैसवाल से प्रेम विवाह कर लिया है, से पूछताछ की जाये तो उसकी हत्या का पर्दाफाश हो सकता है। मुखबिर से मिली जानकारी के बाद निरीक्षक हेमन्तभूषण सिंह ने रामू जैसवाल को गणेशपुर, रहमानपुर थाना चिनहट जनपद लखनऊ से दबोच लिया। उससे जब सख्ती से पूछताछ कि तो उसने पुलिस को बताय कि राम प्रसाद के मकान में वर्ष 2०12 में किराये पर रहकर चटाई बेचने का काम कर रहा था। वह चटाई बेचने जनपद फतेहपुर गया था जब वह वापस आया तो राम प्रसाद उसे नही मिले। जब अपने कमरे में जाने लगा तो मुझे जाने नही दिया गया तथा मुझे गुड्डी ने अपने दूसरे मकान मे रहने को भेज दिया। बाद में एक दिन गुड्डी और उसके साथ एक व्यक्ति, जो राम चन्दर था तथा गुड्डी का जिसके साथ अनैतिक सम्बन्ध है, ने मुझसे कहा कि हमारी मोटर साईकिल से हमारे साथ चले चलो। वह तथा राम चन्दर व गुड्डी मोटर र्साकिल लेकर चले गुड्डी के पास बड़े झोले में कुछ समान था, जिसे लेकर गुड्डी और रामचन्दर ने गोमती से सटी शारदा नहर में फेंक दिया, जिसमे से कुछ बदबू आ रही थी। बदबू के बारे में पूछने पर कहा कि बाद में बतायेंगे।
नश्ो की हालात में आरोपी ने खुद बतायी थी पूरी घटना
रामू ने पुलिस को बताया कि मेरे बार-बार पूछने पर एक दिन राम चन्दर ने शराब के नशे में मुझे बताया कि हमने और गुड्डी ने मिलकर राम प्रसाद को शराब में नींद की गोली डाल कर खिलाया और फिर जब वह बेहोश हो गया तो डन्डा मारकर और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और हत्या के बाद डीजल लाकर कमरे के अन्दर उसकी लाश जला दी गयी और उसी की राख को तुम्हारे साथ हम लोगों ने फेंका था।

हत्या के बाद गुड्डी और राम चन्द्र एक साथ रहने लगे थ्ो

रामू ने बताया कि हत्या के बाद से गुड्डी और राम चन्दर एक साथ रहने लगे थे। यदि गुड्डी और राम चन्दर से कड़ाई से पूछताछ की जाये तो घटना खुल सकती है। इस सूचना पर निरीक्षक हेमन्त भूषण सिंह विवेचक राम बहादुर पाल के साथ गुड्डी व राम चन्दर की तलाश करते हुए गौरव विहार कालोनी में उसके मकान पर गये तो दोनों ही घर मौजूद मिले। दोनों से मौके पर ही अलग-अलग पूछताछ की गयी तो उन दोनों ने अपना-अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। बयान के आधार पर एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया, जहाँ उपनिदेशक, एफएसएल सुरेश चन्द्र व उनकी टीम ने मौके से गढढे के अन्दर से जलने के नमूने एकत्र कर परीक्षण के लिए लिये।
मौके से शव जलाये जाने की पुष्टि होने पर गुड्डी और रामचन्दर को गिरफ्तार कर कर लिया।