एलयू के कुलपति ने डीजीपी को लिखा पत्र, फर्जी मार्कशीट और बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच की मांग

लखनऊ। लविवि की छवि पिछले एक वर्ष में काफी धूमिल हुयी है। फर्जी मार्कशीट का प्रकरण अभी सुलझ नहीं पाया था कि लविवि प्रशासन पर बैंकिंग धोखाधड़ी का एक और दाग लग गया। चारो तरफ आलोचना झेल रहे विवि प्रशासन ने अपना रूख स्पष्ट रखते हुये डीजीपी को पत्र लिखा है। इसमें दोनों प्रकरण की जांच कराने के लिए आग्रह किया है और यह पत्र राज्यपालए सचिव उच्च शिक्षाए शासन और एसएसपी को भी भेजा गया है।
लविवि में कुछ माह पूर्व फर्जी मार्कशीट घोटाला हुआ थाए जिसमें विवि के शिक्षक और क्लर्क जांच के घेरे में आए थे। जिसमें भी कोई ठोस नतीजा निकलकर नहीं आया है। जांच की सुस्त रफ्तार ने विवि प्रशासन और घोटाले में लिप्त अधिकारियों के सहयोग न करने की चर्चा हो रही है। यहीं नहीं हाल ही में हुए बैंकिग धोखाधड़ी घोटाले में विवि प्रशासन के ऊपर एक और बदनुमा दाग लगा दिया है। मामले की जांच हसनगंज पुलिस से की जा रही है। मामले में अभी तक पुलिस प्रकरण के तार बिहारए दिल्लीए सिलीगुड़ी और मध्य प्रदेश में तलाश रही है। मध्य प्रदेश में इस प्रकरण के मास्टर माइंड होने की संभावना जतायी जा रही है।
विवि प्रशासन ने फर्जी मार्कशीट प्रकरण में अपनी सफाई देते लिखा है कि परीक्षा नियंत्रक के पद पर प्रध्यापक रहता है जो कि सरकार की ओर से कुछ वर्षों के लिए नियुक्त किया जाता है। बैंक फ्रॉड मामले को लेकर कुलपति प्रोण् एसपी सिंह ने बताया कि प्रध्यापक नियुक्त होते हैं। यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों घोटालों में विवि प्रशासन और शिक्षक पुलिस को सहयोग दे रहे है यदि कोई भी शिक्षक और कर्मचारी जांच में सहयोग नहीं देता है तो उस पर भी सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। कुलपति डीजीपी को दोनों प्रकरणों की जांच जल्द करने का आग्रह भी किया है।

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