अन्तराज्यीय लुटेरे ऐसे करते थे लूट , लखनऊ पुलिस ने दबोचा

 

-यूपी के कई जिलों से लेकर दिल्ली तक लुटेरों का नेटवर्क
-दर्जनों मोबाइल के साथ नगदी और व दो मोटरसाइकिल बरामद
लखनऊ। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो यूपी के कई जिलों में लूट और डकैती की घटनाओं को अजांम दे चुका है। पकड़े गये लुटेरों का नेटवर्क दिल्ली में भी फैला हुआ है। पुलिस ने गिरोह के सभी सदस्यों से दर्जनों मोबाइल और चोरी की बाइक के साथ नगदी भी बरामद की है। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि ये अलीगंज थाना क्ष्ोत्र में पकड़े गये लुटेरे बहुत ही शातिर हैं पलक झपकते ही घटना को अजांम देते हैं।
उन्होंने बताया कि एसपी ट्रांसगोमती, हरेन्द्र कुमार, सीओ अलीगंज डा. मीनाक्षी और अलीगंज थाना प्रभारी जय शंकर सिंह के नेतृत्व में टीम ने लुटेरों को पकड़ा है। पूछताछ के दौरान लुटेरों ने पूर्व में हुई कई घटनाओ में शामिल होना कुबूल किया है। उन्होंने बताया कि लुटेरों का यह एक अन्तराज्यीय गिरोह है जो पर्स, चैन स्नैचिंग और मोबाइल लूट की घटनाओं का एक प्लानिंग के साथ अंजाम देता था। गिरोह का सरगना आरिफ है जो कि हसनगंज खदरा क्ष्ोत्र में किराये के मकान में रहता है। वहीं से अपने गिरोह का संचालन भी करता है। गिरोह के सभी सदस्य लूटपाट करके सरगना आरिफ को सब देते थे उसमें से 5० प्रतिशत हिस्सा आरिफ रख लेता था श्ोष आधा गिरोह के अन्य सदस्य आपस में बटवारा करते थे । उन्होंने बताया कि गिरोह का सदस्य आरिफ इतना शातिर है किसी भी सदस्य को अपने घर नहीं ले जाता था न ही अपने ठिकाने के बारे में बताता था।

शियापीजी कॉलेज के गेट पर बनती थी लूट की योजना
गिरोह के सरगना आरिफ अपने सभी साथियों को रोजाना शिया पीजी कॉलेज के गेट पर बुलाता था। वहां पर एक मीटिंग करने के बाद सभी को अलग-अलग दिशा में जाने को बोलता था। उसके बाद रास्ते में जो भी मिलता था वहीं से लूट की घटनाएं शुरू करता था। जब भी कोई अकेली महिला को देखते उसका मोबाइल या पर्स छीनकर फरार हो जाते थ्ो। आरिफ ने अपने साथी अजीम को भी एक कमरा दिलवा रखा था। आरिफ लूट की घटनाओं में मिली संपत्ति को आधा पैसा अपने पास रखता था। आधी संपत्ति को अपने गिरोह के अन्य सदस्यों में बांट देता था।

गमछे या पॉलीथीन में छुपाते थे लूट का सामान
गिरोह के सभी सदस्य एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। जैसे ही कोई लूट की घटना को अंजाम देता था, तुरंत उसको छुपाने के लिए गमछा या फिर पॉलीथीन का इस्तेमाल किया जाता था। ताकि चेकिंग के दौरान पुलिस किसी भी तरह से शक न करे और आसानी से बचकर निकल जाये। जैसे ही एक घटना के बाद इसी तरह से वह दूसरी घटना को भी अजांम देते थे

गाजियाबाद और दिल्ली के चोर बाजार में बेचते थे माल
गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह लूट का सामान एक जगह एकत्र करते थ्ो। जब एक दर्जन से अधिक मोबाइल और चेन या फिर लूट का अन्य सामान एकत्र हो जाता था तो उस्ो ले जाकर दिल्ली और गाजियाबाद की चोर बाजार में ले जाकर बेच देते थे।

16० घटनाओं को दिया अंजाम
पूछताछ में लुटेरों ने अभी तक 16० घटनाओं में शामिल होना बताया है। इसमें 6० से अधिक नखनऊ में लूटपाट की घटनाओं में शामिल होना बतायास है। वहीं 8० लूटपाट की घटनाओं को गाजियाबाद में अंजाम दिया है। इसके अलावा दिल्ली के अलग-अलग थाना छेत्र में 2० से अधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक ये वह घटनाएं हैं जिनके मामले थानों में दर्ज हैं।

परिचित के खातों में जमा करता था पैसा
गिरोह का सरगना लूट का पैसा अपने रिश्तेदारों के खाते मेंजमा करता था। लूट के पैसे से ही अपने शौक पूरे करता था। लूट के पैसे से ही अपाचे मोटरसाइकिल भी खरीदी थी। आरिफ पैसे इसलिए दूसरे के खातों में जमा करता था ताकि पुलिस अगर पकड़े भी तो लूट की रकम को जब्त न कर सके।

गिरोह ने महानगर में की थी पांच लाख की लूट
लखनऊ। एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक बीते मई माह में इस गिरोह ने महानगर थाना क्ष्ोत्र में सुजीत कुमार से वायरलेस चौराहे से 5 लाख रुपए लूट लिए थे । उस समय ये पुलिस की पकड़ में नहीं आ सके थे। उसके बाद 27 अक्टूबर को ये सीतापुर गये थ्ो, जहां लूट करने में सफल नहीं हुए। इनके बारे में पुलिस को जानकारी मिल चुकी थी। लेकिन इससे पहले ही गिरोह के सभी लोग बारबंकी भागने के फिराक में थ्ो और पकड़े गये थ्ो। पकड़े गये लुटेरे आरिफ पुत्र अजीज, आजिम पुत्र नौसाद, फैजान उर्फ कल्लन पुत्र मुन्ने, इमरान पुत्र नाजिर, रेहान पुत्र तबीब गाजियाबाद के प्रेम नगर के रहने वाले हैं। जो कि अलग-अलग खदरा में रहते थ्ो। इनके पास से लूट के एक लाख 4० हजार रुपए और एक लेडिज पर्स, वोटर कार्ड, आधार कार्ड, रोडवेज टिकट और दो मोटरसाइिकल यूपी 32 एचजेड 9०39 व डीएल 5 एस एएक्स 5244 बरामद हुई है।

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