लोहिया प्रशासन की लापरवाही से तीसरे माले से गिरा मरीज, मौत

लखनऊ। सरकारी अस्पताल हो या अनुदानित अस्पताल हो यहां आदमी इस आस के साथ जाता है कि उसका अच्छा और फ्री इलाज होगा। लेकिन अस्पतालों और डॉक्टरों की लापरवाही ऐसी होती है कि मरीज को अपनी जान तक गंवानी पड़ जाती है। लखनऊ के लोहिया अस्पताल में लोहिया प्रशासन की लापरवाही से एक गरीब मरीज की मौत हो गयी। लोहिया संस्थान के हृदय रोग विभाग के सीटीवीएस वार्ड में भर्ती मरीज शनिवार सुबह करीब पांच बजे तीसरी मंजिल की खुली जगह (डक्ट) से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हुई।
अस्पताल प्रशासन ने घटना छिपाने का किया प्रयास
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन भी संवेदनहीन नजर आया और मरीज की लाश और घटना दोनो ही छुपाने का प्रयास किया। अस्पताल प्रशासन ने घटना को छिपाने का प्रयास किया और बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को तीमारदारों को सौंप दिया। पुलिस को भी इस मामले की भनक नहीं लगी थी।
गोरखपुर निवासी राम प्यारे 1० जनवरी को हुए थ्ो भर्ती
जानकारी के मुताबिक गोरखपुर निवासी 62 वर्षीय राम प्यारे गुप्ता को हार्ट में दिक्कत पर 1० जनवरी को हृदय रोग विभाग में भर्ती कराया गया था। य रोग विभाग के सीटीवीएस वार्ड में भर्ती था, शौचालय जाने पर वह धोख्ो नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गयी। गिरने के बाद कई घंटों तक उसका शव कचरे में पड़ा रहा।
जांच के लिए कमेटी गठित
बिना पीएम के ही परिजनों को मरीज का शव सौंपा गया। किसकी लापरवाही से ये घटना हुई इसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित कर जांच शुरू कर दी गयी है। कमेटी के अध्यक्ष डीन डा. मुकुल प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो गयी है। वहीं संस्थान के निदेशक डा. दीपक माल ने बताया कि ने बताया कि सीटीवीएस सिस्टर इंचार्ज व वार्ड ब्वाय को निलंबित कर दिया गया गया है। वहीं सिविल इंजीनियर को नोटिस जारी की गई है। साथ ही जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।

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