जानिए यूपी पुलिस की नये मुख्यालय की क्या है खासियत और कैसे होगा क्राइम कंट्रोल

न्यूज डेस्क लखनऊ। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अपराधियों में जहां पुलिस का खौफ बढ़ा है वहीं दूसरी ओर योगी सरकार भी पुलिसिया सिस्टम को लगातार मजबूत करने में जुटी हुई है। यही कारण है कि राजधानी लखनऊ में यूपी पुलिस का नया मुख्यालय पूरी तरह से तैयार है और इसका लोकार्पण भी प्रदेश के पुलिस मुखिया डीजीपी (OP Singh) की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aadityanath) ने लोकार्पण सोमवार को कर दिया। ये पुलिस मुख्यालय पूरे प्रदेश में किस तरह से क्राइम कंट्रोल के काम करेगा ये आपका बता रहा है www.arnewstimes.in इस पुलिस मुख्यालय को नौ मंजिल के साथ 4 टावरों में विभाजित किया गया है।
पुलिस के इन विभागों के स्थापित हुए मुख्यालय
– मुख्यालय पुलिस महानिदेशक
– पुलिस मुख्यालय प्रयागराज
-ईओडब्लू
– एन्टीकरप्शन
-फायर सर्विस
– तकनीकी सेवायें
-विशेष जांच
– यातायात निदेशालय
-पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय
– लॉजिस्टिक
– एसआईटी
– राजकीय रेलवे पुलिस के मुख्यालय
सभी विभाग एक ही बिल्डिंग में होने से ये होगा फायदा
पुलिस महकमें के वरिष्ठï अधिकारियों के मुताबिक सभी विभागों को एक ही बिल्डिंग में स्थापित किए जाने से आपस में सूचनाओं के आदान-प्रदान में तेजी आयी है। सभी कर्मचारियों को काम करने भी आसानी होगी।
प्रथम फ्लोर पर स्थित प्रशिक्षण निदेशालय की ये है खासियत
टावर-1 फ्लोर प्रथम में स्थित प्रशिक्षण निदेशालय में पुलिस महानिदेशक, उ.प्र. द्वारा प्रशिक्षण निदेशालय व 31 केन्द्रो पर स्थापित वर्चुअल क्लास रूम तथा जनपदों के प्रशिक्षण के नये-नये आयामों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जा सकेगी। सोमवार को लोकार्पण के समय भी प्रजेन्टेशन प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रशिक्षण क्षमता में वृद्वि एवं लर्निग मैनेजमेन्ट सिस्टम व डिजिटल कन्टेन्ट के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गयी। इसमें प्रदेश के 31 केन्द्रों में स्थापित वर्चुअल क्लास रूम के माध्यम से तथा फेस बुक लाइव के माध्यम से शेष सभी प्रशिक्षण केन्द्र जुड़े रहें।
टॉवर टू फ्लोर सप्तम तल
टावर-2 फ्लोर-सप्तम तल पर स्थित नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण एवं भ्रमण सीएम योगी के साथ डीजीपी ओपी सिंह ने भी किया तथा सी-प्लान इस मौके पर एप का डिजिटल लोकार्पण किया गया, जिसका उद्देश्य कम्यूनिटी पुलिसिंग, आमजन से सीधा संवाद, बेहतर कानून-व्यवस्था, पुलिस से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र निस्तारण, पुलिस के कार्यो में जनता की महत्तम भागीदारी है। सी-प्लान का लाभ किसी भी घटना की तथ्यात्मकता का तत्काल परीक्षण, वास्तविक परिस्थिति के अनुरूप पुलिस रिस्पांस, ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी वार्डो तथा कस्बों के सम्भ्रान्त व्यक्त्यिों से सीधा सम्पर्क, आमजन का पुलिस से जुडऩे पर सुरक्षा का भाव, जनहित एवं जनसुरक्षा संदेशों का व्यापक प्रेषण किया जा सकता है। अब तक 1 लाख 6 हजार से अधिक गांव एवं कस्बों के 11 लाख से अधिक सम्भ्रान्त सदस्यों के मोबाइल नम्बरों की फिडिग़ की गयी है। लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2019 में इसका सफल परीक्षण किया गया। 31 हजार 520 सदस्यों को बच्चा चोरी की अफवाहों के विषय में जागरूक करने हेतु एसएमएस प्रेषित किया गया। यूपी 100 से एकीकरण व सदस्यता का निरन्तर परीक्षण एवं अध्यावधिक करना प्रस्तावित है।
नये मुख्यालय को लेकर कहते हैं डीजीपी ओपी सिंह
पुलिस के नये मुख्यालय को लेकर डीजीपी ओपी आज का दिन वास्तव में ऐतिहासिक है, क्योकि अब उ0प्र0 पुलिस को अपना मुख्यालय प्राप्त हुआ है। वर्ष 1937 में ही जनपद प्रयागराज से लखनऊ स्थानान्तरित किया गया था, जो कालान्तर में पुलिस महानिदेशक मुख्यालय के रूप में कार्य कर रहा था।
उन्होंने कहा कि जब वह सरकारी सेवा में आये थे, तो बहुत ही कम संसाधनों में पुलिसिंग की जाती थी। अभी कुछ माह पहले तक पुलिस मुख्यालय के सभी अधिकारी/कर्मचारी बहुत ही सीमित जगह में कार्य कर रहे थे। नियंत्रण कक्ष भी काफी छोटा था एवं सोशल मीडिया की मानीटरिंग करने के लिए जगह की कमी थी परन्तु पिछले 2 वर्षो में सरकार द्वारा त्वरित गति से धनराशि प्रदान की गयी, जिससे यह पुलिस मुख्यालय इतना शीघ्र बनकर तैयार हो गया।
कुल 40 हजार वर्गमीटर में बना है ये मुख्यालय, ये खासियत
-नियंत्रण कक्ष 24 घंटे निगरानी
-नियंत्रण कक्ष के यूपी 100 से मिलेगी तत्काल राहत
-सोशल मीडिया की व्यापक मानीटरिंग व्यवस्था — बिल्डिंग में सात रिक्टर स्केल तक भूकम्प सहने की क्षमता है।
-एडवांस फायर फाइटिंग सिस्टम लगाये गये हैं।
-भवन में एक वातानुकुलित कैफेटेरिया जिसमें एक साथ पुलिस के अधिकारी/कर्मचारी ब्रेकफास्ट एवं डिनर कर सकते हैं।
भवन में ही पुलिस कर्मियों की मूलभूत सुविधाओं के लिए बैंक, एमआई रूम आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है।
-भवन में एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यहां खर्च होने वाले पानी को बर्बाद नहीं होने दिया जायेगा। तकनीक का प्रयोग किया गया है ।
-उत्तर प्रदेश पुलिस का नया मुख्यालय 40,178 वर्गमीटर में बना है. इसमें 4 टावर बने हुए हैं.
-किसी बड़े आयोजन के लिए 500 सीटर का ऑडिटोरियम भी बनाया गया है.
-ग्राउंड फ्लोर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास को दिखाने वाला म्यूजियम भी बनाया गया है.
-पूरी तरह से वातानुकूलित कैफेटेरिया भी है, जिसमें एक साथ 350 पुलिसकर्मी ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर कर सकेंगे.
बिजली की बचत के लिए सभी फ्लोर और इमारत में ग्लास यूनिट का इस्तेमाल किया गया है. ताकि दिन में खूब रोशनी रहे.
-नए मुख्यालय में 18 लिफ्ट लगाई गई हैं.
-बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए 150 सीसीटीवी कैमरा और 10 मेटल डिटेक्टर को लगाया गया है
-अधिकृत पास और एक्सिस कार्ड के बिना बिल्डिंग में किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी.
-बिल्डिंग 4 साल से ज्यादा समय में बनी है. इसे एशिया का सबसे शानदार पुलिस मुख्यालय बताया जा रहा है.
क्या कहते हैं प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ
सोमवार को लोकार्पण के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के सबसे बड़े संगठन सिविल पुलिस के पास 82 वर्षो से लखनऊ में अपना मुख्यालय नहीं था। आज का दिन सिविल पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन है, जिसे अपना अत्याधुनिक सुविधा से युक्त मुख्यालय प्राप्त हुआ है। शासन उन्हें सुविधा उपलब्ध करा सकता है। शासन की उन सुविधाओं से अनुरूप अपने व्यवसायिक क्षमता को बढ़ाते हुए अपने आप को साबित करना पुलिस के सभी वरिष्ठ अधिकारियों का दायित्व है और मुझे विश्वास है कि वर्ष 2019 अनेक ऐसी घटनाओं का साक्षी है, जब यूपी पुलिस ने देश दुनिया के सामने अपनी व्यवसायिक दक्षता के साथ-साथ अपनी कार्य क्षमता का भरपूर प्रदर्शन किया है। इस अवसर पर सबसे पहले उ0प्र0पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों को बधाई देता हूं। प्रदेश में कानून का राज्य हो और सुशासन आम नागरिक महसूस कर सके। इस दृष्टि से उ0प्र0पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुझे ढाई वर्ष के दौरान पुलिस बल के साथ जुडऩे, उनकी कार्य पद्वति को बहुत नजदीक से देखने का अवसर प्राप्त हुआ। जब प्रदेश पुलिस को अवसर प्राप्त हुआ है, उसने कुशलतापूर्वक उन कार्यक्रमों को उसी ऊर्जा एवं प्रतिभा के साथ प्रस्तुत किया है। आम जनता में बेहतर माहौल बनाने की दिशा में उ0प्र0पुलिस आगे बढ़ी है और एक सामायिकता का प्रयास है। यह एक टीम वर्क का परिणाम है, जो उ0प्र0 पुलिस के व्यापक अनुभूति को बदलने में एक बड़ी भूमिका का निर्माण उ0प्र0 पुलिस ने करीब 02 से सवा 02 वर्षो के दौरान अपनी कार्यक्षमता के माध्यम से साबित किया है। सुरक्षा की गारन्टी से ही उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ा है।

इनपुट डीजीपी मुख्यालय से भेजे गये ईमेल के आधार पर

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