सचिन की पुस्तक से जानिए लखनऊ विश्वविद्यालय का शून्य से 100 तक पूरा इतिहास, राज्यपाल ने किया विमोचन

लखनऊ विश्वविद्यालय में शनिवर को वरिष्ठ पत्रकार व लेखक सचिन त्रिपाठी की पुस्तक शून्य से 100 तक का विमोचन करते हुए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा व कुलपति प्रो. अलोक राय के साथ सचिन त्रिपाठी

लखनऊ विश्वविद्यालय Lucknow University देश का नौवां ऐसा विश्वविद्यालय है जो 100 वर्ष की उम्र का हो चुका है। इस विश्वविद्यालय ने इन 100 वर्षों में देश को एक से बढ़कर एक महान हस्तियां दी है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायमूूर्ति ,राजनेता,अफसर, आचार्य और वैज्ञानिक के साथ देश के बड़े व्यापारी भी शामिल हैं। इस विश्वविद्यालय की 100 वर्ष की शानदार यात्रा को राजधानी के वरिष्ठ पत्रकार सचिन त्रिपाठी ने अपने शब्दों में  लखनऊ विश्वविद्यालय शून्य से 100 तक   पुस्तक में संजोया है। सचिन त्रिपाठी ने बातचीत में बताया कि इस एतिहासिक विश्वविद्यालय के इतिहास पर पुस्तक लिखना उनके लिए गौरव की बात है।

पुस्तक में महानुभावाओं के रोचक भाषणों को भी किया शामिल
लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ, यहां के कुलपति, आजादी की लड़ाई में यहां की भागीदारी, यहां के प्रमुख शिक्षक, स्थापना के समय यहां के विभाग-शिक्षक, यहां के प्रमुख उत्सव तथा दीक्षांत समारोह में दिए गए महानुभावों के भाषण भी इस पुस्तक के अलग-अलग अध्याय में शामिल किए गए हैं। इतिहास को जानना हमेशा बेहतर भविष्य की आधारशिला होता है। पूरा प्रयास किया गया है कि यह पुस्तक लखनऊ विश्वविद्यालय और इसके सहयुक्त कालेजों में पढ़ने वाले और पढ़कर निकल चुके विद्यार्थियों के लिए उपयोगी, रोचक और ज्ञानवर्धक हो। लखनऊ में यह पुस्तक ऑफलाइन 21 नवम्बर से मिलेगी पर आप इसे अमेजन पर नीचे दिए गए लिंक पर जाकर ऑर्डर कर सकते हैं।

विश्वविद्यालय के बिना अधूरा है लखनऊ का इतिहास— सचिन
सचिन कहते हैं कि लखनऊ विश्वविद्यालय सिर्फ एक शिक्षण संस्थान नहीं है। लखनऊ का इतिहास लखनऊ विश्वविद्यालय के इतिहास के बिना अधूरा है। यह लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक भी है। इसे अवध के हिन्दू और मुस्लिम ताल्लुकेदार ने चंदा जमा करके स्थापित किया था। इसकी स्थापना से जुड़े तमाम किस्से और तथ्य हैं। इनको प्रामाणिक दस्तावेज के माध्यम से पुस्तक- लखनऊ विश्वविद्यालय शून्य से 100 तक, में शामिल किया गया है। लखनऊ विश्वविद्यालय के साथ ही इसके सभी एसोसिटेड कॉलेज का इतिहास और उनकी स्थापना की कहानी भी इस किताब का भाग है।

सचिन लखनऊ विश्वविद्यालय के भी रहे हैं छात्र
पुस्तक शून्य से 100 तक को लिखने वाले लेखक व पत्रकार सचिन बताते हैं कि उन्होंने अपनी शिक्षा दीक्षा भी लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी की है। वर्तमान में वह विश्वविद्यालय से जुड़ी तमाम जानकारियां शहर के प्रमुख समाचार पत्र अमर उजाला के माध्यम से लोगों तक पहुंचाते रहते हैं। वह पिछले काफी समय से इस समाचार पत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

एमेजॉन पर उपलब्ध है पुस्तक
अब एमेजॉन पर भी उपलब्ध है लखनऊ विश्वविद्यालय का पूरा इतिहास। मेरी पुस्तक-
लखनऊ विश्वविद्यालय शून्य से 100 तक, आप ऑनलाइन मंगाकर भी पढ़ सकते हैं। इसके लिये आप नीचे दिए गए लिंक का प्रयोग कर सकते हैं- http://www.amazon.in/dp/B08NJGPR9B?ref=myi_title_dp