एक ही जमीन पर दो बोर्डों से मान्यता प्राप्त चल रहा था लखनऊ का ये विद्यालय, डीआईओएस ने की कार्रवाई

मान्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच में हुआ खुलासा, एफआईआर के आदेश
-चिनहट स्थित डायमंड पब्लिक गल्र्स हायर सेकेण्ड्री स्कूल का मामला
लखनऊ। राजधानी के निजी कॉलेजों के खेल भी निराले हैं, जमीन एक, बिल्डिंग एक फिर भी दो बोर्डों से मान्यता ली और धड़ल्ले से विद्यालय चलाने लगे। मामला चिनहट स्थित डॉयमंड पब्लिक गल्र्स हायर सेकेण्डरी स्कूल का है। प्रबंधक के इस खेल का खुलासा तब हुआ जब जिला विद्यालय निरीक्षक की टीम ने कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में प्रधानाचार्य और प्रबंधक दोनो का पद संभाल रहे निसार अहमद अधिकारियों को कई सवालों का जवाब नहीं दे पाये। फिलहाल कॉलेज के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गयी है और इसकी रिपोर्ट भी माध्यमिक शिक्षा निदेशक और जिलाधिकारी, संयुक्त शिक्षा निदेशक, उप शिक्षा निदेशक को भेज दी गयी है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच अधिकारी जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय के नेतृत्व में टीम ने डॉयमंड पब्लिक गल्र्स हॉयर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया गया था, निरीक्षण के दौरान विद्यालय में कक्षाएं संचालित होते मिली लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं पाये गये। डीआईओएस ने बताया ने किया विद्यालय में प्रबंधक और प्रधानाचार्य दोनो पदों को संभाल रहे निसार अहमद से बातचीत की गयी तो एक ही बिल्डिंग में दो बोर्डों से मान्यता प्राप्त कॉलेज चलाने के विषय में जवाब नहीं दे पाये। इस स्थिति में उन्होंने कॉलेज के दस्तावेज उपलब्ध कराये उसके मुताबिक 31 मार्च 2001 में यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट की मान्यता प्राप्त की गयी थी, जबकि वर्ष 2009 में सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त की गयी थी। डीआईओएस ने बताया कि नियम के मुताबिक दो बोर्डों से मान्यता पर एक ही बिल्डिंग में कॉलेज का संचालन नहीं हो सकता है। ऐसे में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गयी है, साथ ही उच्च अधिकारियों को इस बारे में पत्र भी भेज दिया गया है।
कॉलेज के दस्तावेजों से ये हुआ खुलासा
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि मान्यता का सत्यापन कराये जाने के बाद जब इस राज का खुलासा हुआ तो प्रबंधक को तलब किया लेकिन कोई सहयोग नहीं किया गया। इस स्थिति में जांच टीम ने कॉलेज का औचक निरीक्षण किया, निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधक की ओर से जो दस्तावेज उपलब्घ कराये गये उसमें सीबीएसई की मान्यता 2009 से प्राप्त है। जबकि विद्यालय में वर्ष 2018-19 में कक्षा 9 में 80 और कक्षा 11 में 108 छात्र पंजीकृत कराये गयें होंगे जो इस वर्ष माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर कक्षा 10 में 80 और कक्षा 12 में 108 प्रदर्शित कर रहा था। जिससे ये स्पष्टï है कि विद्यालय की ओर गैरकानूनी रूप से एक ही परिसर में दो मान्यताओं पर विद्यालय का संचालन हो रहा है, जो कि आईपीसी तहत अपराध की श्रेणी में आता है।
एफआईआर दर्ज कराने के आदेश
प्रबंधक की इस करतूत का खुलासा होने के बाद अब एफआईआर दर्ज कराये जाने के आदेश भी दे दिए गये हैं। डीआईओएस ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय को पत्र भेज दिया गया है कि जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज करायें।
इस विद्यालय के खेल के बारे में जानकारी मिलने के बाद प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस दिया गया था, लेकिन नोटिस का भी जवाब नहीं दिया गया, और मान्यता संबंधी दस्तावेजों के मुताबिक दो बोर्डों से मान्यता प्राप्त कॉलेज का संचालन एक ही बिल्ंिडग में पाया गया है जो नियम के मुताबिक गलत है।
डा. मुकेश कुमार सिंह जिला विद्यालय निरीक्षक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

sixteen − 9 =