यूपी में अब 68,5०० शिक्षकों की ऐसे होगी भर्ती, सरकार की ये है तैयारी

लखनऊ। यूपी बेसिक शिक्षा परिषद ने 68,5०० शिक्षकों की भर्ती के तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी कराने के लिए अगस्त से सितंबर के बीच का समय तय किया है। वहीं नवंबर में शिक्षकों भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

शिक्षा मित्रों को मिलेगी राहत
5० प्रतिशत पद रिक्त होने से एक बार फिर से टीईटी कराने की तैयारी सरकार ने की है। ऐसे में अब अगस्त से सितंबर तक टीईटी और नवंबर में शिक्षकों की भर्ती की तैयारियों का खाका तैयार किया है। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षामित्रों की समस्या के समाधान व शिक्षक भर्ती के लिए अगस्त-सितंबर के बीच फिर से टीईटी कराने की तैयारी की है। टीईटी का परिणाम जारी करने के बाद नवंबर तक शेष रिक्त 68,5०० पदों पर सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी किया जायेगा।

2०19 तक है पद भरने की तैयारी
अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शिक्षक भर्ती की तैयारियां लगभग पूरी हैं। ऐसे में पूरी प्रक्रिया के साथ 2०19 तक शिक्षकों के खाली पड़े सभी पदों को भर लिया जायेगा। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा राजप्रताप सिंह का भी यही कहना है कि सहायक अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन नवंबर तक जारी किया जायेगा।

यूपी  में सत्ता परिवर्तन के बाद इस तरह चला क्रम
-25 जुलाई 2०17 को 1.37 लाख शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द
-15 अक्टूबर 2०17 को टीईटी का आयोजन किया गया।
-नवंबर 2०17 में 68,5०० सहायक अध्यापकों की भर्ती परीक्षा का विज्ञापन जारी कर दिया।
-जिसमें पहले चरण में 5० प्रतिशत अध्यापकों भर्ती होनी थी।
-5० प्रतिशत भर्ती होने के बाद भी 68,5०० पद रिक्त रहेंगे।

लिखित परीक्षा को मिली मंजूरी
इस बार शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा कराये जाने को लेकर कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में संशोधन कर दिया है। अभी तक नियमावली में यह 22 वां संशोधन किया जा चुका है। बेसिक शिक्षा विभाग में 685०० शिक्षकों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा करायी जा रही है। हालांकि सरकार को फैसले को कोर्ट में चुनौती भी दी गयी थी जिसमें याचियों का तर्क था कि शिक्षक भर्ती की न्यूनतम अर्हता राष्ट्रीय अध्यापक सेवा परिषद की ओर से निर्धारित की जाती है जब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा लिखित परीक्षा करायी जा रही है तब फिर भर्ती के लिए एक और लिखित परीक्षा का क्या मतलब है। जिस पर विभाग का कहना है कि टीईटी सिर्फ पात्रता परीक्षा है भर्ती लिखित परीक्षा से ही करायी जायेगी। जिसके बाद कैबिनेट इसकी मंजूरी बीते मंगलवार को दी दी थी।

2०19 को ध्यान में रखकर सरकार कर रही काम
हालांकि शिक्षा मित्रों को राहत देने की बात हो या फिर जल्द ही एक बार फिर टीईटी कराने के बाद शिक्षकों की भर्ती के विज्ञापन निकालने की बात हो, ऐसे में सरकार जो मंशा है 2०19 में लोक सभा चुनाव की तैयारियों पर भी है। ऐसे में एक लाख 37 हजार शिक्षा मित्रों को सरकार नाराज नहीं करना चाहती है। दरअसल समायोजन रद्द होने के बाद सरकार को कााफी किरकिरी का सामना करना पड़ा था। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सरकार पर तंज कसते हुए कहा समायोजन रद्द होना सरकार की नाकामी बताया था। अखिलेश यादव ने कहा था कि सरकार अगर कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखती तो समायोजन रद्द नहीं होता।

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