मंत्री की समीक्षा बैठक में निदेशक ने कहा बच्चे बैठते हैं जमीन पर, फर्नीचर जरूरी, तो मंत्री ने दिया आश्वासन

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों की स्थिति में बीते कुछ समय में सुधार हुआ है। क्योकि स्कूलों में छात्रों की नामांकन संख्या भी बढ़ी हुई है। लेकिन आज भी हमारे बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते हैं उनके बैठने के लिए स्कूलों में फर्नीचर तक नहीं है। ये बात शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठïान में बेसिक शिक्षा मंत्री डा. सतीश द्विवेदी की ओर से हुई समीक्षा बैठक के दौरान बेसिक शिक्षा निदेशक डा. सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने हमे इस बात की खुशी है कि हमारे सभी अधिकारियों और शिक्षकों के अथक प्रयासों से स्कूलों की दशा इतनी सुधरी है कि थर्ड पार्टी की रिपोर्ट आयी है कि पिछले कुछ समय निजी स्कूलों में सरकारी स्कूलों की अपेक्षा नामांकन संख्या दो प्रतिशत घट गयी है। उन्होंने कहा कि स्कूलों का बदलाव इसी तरह से धीरे-धीरे ही संभव है, क्योकि हमारे पास बहुत सारे ऐसे भी विद्यालय हैं जो आजादी से पहले के हैं, उनकी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी हैं, ऐसे में स्कूलों की दशा में सुधार की जरूरत है, इस स्थिति में यदि किसी खंड शिक्षा अधिकारी और या प्रधानाध्यापक से बात होती है तो स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध कराने की बात की जाती है, इसलिए फर्नीचर जरूरी है और जब हमारे स्कूल स्मार्ट होंगे तो लोगों का भी आकर्षण बढ़ेगा।
500 करोड़ के बजट में मिला सिर्फ 100 करोड़
बेसिक शिक्षा निदेशक ने का कि स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के लिए पिछले साल 500 करोड़ मिलने वाले थे लेकिन उसमें से सिर्फ 100 करोड़ ही मिल पाया था। ऐसी स्थिति में सभी स्कूलों में सुविधाएं पहुंच पाना बेहद मुश्किल था, लेकिन इस बार शासन से 500 करोड़ रूपए का बजट मिलेगा उससे काफी स्तर पर सुधार हो जायेगा, साथ ही बीआरसी स्तर पर भी सुधार होगा।

प्रदेश के सभी अधिकारियों की सुविधाओं का प्रदेश सरकार रखेगी पूरा ध्यान- डॉ सतीश चन्द्र द्विवेदी

खंड शिक्षा का अधिकारियों का ध्यान रखेगी सरकार, मिलेंगे 12 हजार प्रतिमाह वहीं प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने कहा है कि खण्ड शिक्षा अधिकारियों को पर्यवेक्षण व यात्रा मद में व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु 12 हजार रूपये प्रतिमाह दिये जाने का आदेश पूर्व में ही निर्गत किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त तीन योग्य व दक्ष कार्मिकों की खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तैनाती का निर्णय लिया जा चुका है। कालान्तर में ऐसे स्टाफ को प्रशिक्षण व संसाधनयुक्त बनाये जाने का भी प्रस्ताव है।
डॉ0 द्विवेदी ने कहा कि एबीआरसी पद पर नवीन तैनाती तत्काल प्रभाव से रोक दी गयी है। आगे ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि एबीआरसी पद खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रभावी न रहे तथा गुणवत्ता संवर्द्धन हेतु नयी व्यवस्था की जा रही है। जो भी राज्य मुख्यालय स्तर से पत्राचार स्थानीय स्तर के लिए जारी हो, उसकी प्रति सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को भी सीधे ई-मेल द्वारा प्रेषित की जाये। खण्ड शिक्षा अधिकारियों के लिए सुसज्जित मीटिंग हॉल व आवश्यक कार्यालय संसाधन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जा चुका है।
डॉ. सतीश चन्द्र द्विवेदी ने आज गोमतीनगर स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में आयोजित प्रदेश के खण्ड शिक्षाधिकारियों की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खण्ड शिक्षा अधिकारियों की सुविधाओं का प्रदेश सरकार पूरा ध्यान रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन खण्ड शिक्षा अधिकारियों द्वारा विभागीय नियमों का पालन न करने व किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत पाये जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही भी की जायेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की नवीन, एकीकृत सेवा नियमावली प्रख्यापित किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। प्रत्येक विकास खण्ड में कार्यालय/आवास अवस्थापना के लिए शैक्षिक सत्र 2020-21 में पी0ए0बी0 की बैठक हेतु (भारत सरकार) के समक्ष प्रस्ताव रखे जाने की कार्यवाही की जा रही है। प्रत्येक वर्ष फरवरी महीने में सभी स्कूलों में वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन कराया जाये।
ऑपरेशन कायाकल्प, स्वेटर क्रय, निशुल्क यूनिफार्म, वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 में स्वीकृत अवस्थापना कार्यों का सत्यापन, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं को पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने शैक्षिक सत्र 2019-20 में छात्र नामांकन तथा उसके सापेक्ष परिषदीय अनुदानित/मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आधार पर नामांकन की प्रगति, स्कूल बैग, जूता-मोजा का वितरण, ग्राम शिक्षा समितियों एवं विद्यालय प्रबंध समितियों के खातों अप्रयुक्त धनराशि के सम्बंध में कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।
चार हजार फर्जी शिक्षक होंगे बाहर
उन्होंने यह भी कहा कि 4 हजार फर्जी शिक्षकों के चिन्हांकन एवं उनके विरूद्ध की गयी कार्यवाही का विवरण, सेवा समाप्त, एफआईआर एवं पैरवी का कार्य प्रभावी ढंग से किया जाय।
इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारियों ने अपने अच्छे कार्यों का पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण सतीश कुमार त्रिपाठी खण्ड शिक्षा अधिकारी लखनऊ, पवन भाटी खण्ड शिक्षा अधिकारी गाजियाबाद, आरपी यादव खण्ड शिक्षा अधिकारी देवां बाराबंकी, राज लक्ष्मी पाण्डेय खण्ड शिक्षा अधिकारी शामली तथा अजय कुमार तिवारी खण्ड शिक्षा अधिकारी कुशीनगर ने किया। इसके अलावा खण्ड शिक्षा अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री पद्म शेखर मौर्या ने खण्ड शिक्षा अधिकारियों की समस्याओं से मंत्री जी को अवगत कराया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार, विशेष सचिव बेसिक शिक्षा डीपी सिंह व विजय किरण आंनद सिंह, निदेशक बेसिक शिक्षा डॉ. सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह, राज्य परियोजना निदेशक सर्वशिक्षा अभियान विजय किरन आनंद, संयुक्त निदेशक बेसिक शिक्षा गणेश कुमार सहित खण्ड शिक्षा अधिकारी व अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित थे।

एसडीआई ने कहा हमारी समस्याओं पर दिया जाये ध्यान

लखनऊ। सर हमारी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाये, हम बहुत ही विषम परीस्थितियों में काम करते हैं, हमारे पास न तो निरीक्षण करने के लिए वाहन है न ही वाहन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के लिए बजट है। हमारे आफिसों की स्थिति इतनी खराब है कि ऊपर बारिश एक दिन होती है आफिस के अंदर बारिश तीन दिनो तक होती है। ऐसी ही कई समस्याओं को प्रदेश भर के खंड शिक्षा अधिकारियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री के सामने रखी। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारियों ने मंत्री के सामने स्लाईड शो के माध्यम से अपने द्वारा किए गये कार्यों का प्रदर्शन भी किया। इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष पदम शेखर मौर्य ने मंच पर बैठे बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकरियों और मंत्री के सामने खुल कर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों की समस्याएं रखी। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर हमारा शोषण होता आया है, माध्यमिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठï अधिकारियों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी आज की स्थिति ये है कि वर्षों बीत गये खंड शिक्षा अधिकारियों के प्रमोशन नहीं हो पा रहे हैं, उन्होंने कहा बीआरसी स्तर पर अधिकारी कितनी मुसीबत से काम कर रहे हैं, आये दिन अधिकारी सडक़ हादसे का शिकार हो रहे हैं, उनको सरकार वाहन मुहैया करवा दे तो जिदंगी बच सकती है।
खंड शिक्षा अधिकारियों ने रखी ये मांगे
-बीआरसी की बिल्डिंग सही करायी जाये
-मूलभूत सुविधाएं दी जाये
-सरकारी वाहन या उसके लिए बजट दिया जाये
-कार्रवाई के लिए एक अधिकारी का नियम बने
-कम्प्यूटर मुहैया कराया जाये
-हर बीआरसी पर दो बाबू और एक चपरसी हो
-स्कूलों की जमीन अभिलेखों में दर्ज की जाये
-स्कूलों की बाउंड्री का निर्माण कराया जाये
-शासन में उन्हे भी बुलाया जाये।
अपनी ओर से विद्यालयों की बदली तस्वीर
एसडीआई को मिलेंगे 12 हजार प्रति माह
अब प्रदेश भर के खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों के निरीक्षण के लिए बजट दिया जायेगा। इस बात की घोषणा बेसिक शिक्षा मंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठïान में आयोजित समीक्षा बैठक में खंड शिक्षा अधिकारियों की समस्याओं को सुनने के बाद की। उन्होंने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारियों को निरीक्षण में समस्या नहीं आयेगी, उन्होंने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी यदि महीने में 20 दिन निरीक्षण करते हैं तो उनको 12 हजार दिए जायेंगे यदि उससे कम दिन निरीक्षण करते हैं उनको 600 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से दिए जायेंगे। लेकिन इसके पीछे की शर्त ये है कि निरीक्षण का पूरा ब्योरा प्रेरणा ऐप पर देना होगा, ब्योरा मिलने के बाद ही निरीक्षण मान्य किया जायेगा। इस दौरान मंत्री ने सभी स्कूलों तत्काल प्रभाव से योग क्लास और खेलकूद कराये जाने के आदेश दिए उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में एसडीआई निरीक्षण करें जहां भी लापरवाही मिले वह कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हैं।
बीआरसी पर एसडीआई को मिलेगा स्टाफ
मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि बीआरसी स्तर पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को स्टॉफ मुहैया कराया जायेगा, उन्होंने बताया कि बीआरसी स्तर पर एबीआरसी और एनपीआरसी की तैनाती अब नहीं होगी। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों को ईमेल के माध्यम से शासन की सभी जानकारी भेजी जायेगी।
सभी स्कूलों में फरवरी माह में मनाया जायेगा वार्षिकोत्सव
मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों की तर्ज पर सभी सरकारी स्कूलों में अब वार्षिकोत्सव मनाया जायेगा। इससे बच्चों और माता पिता का उत्साहवर्धन होगा। वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य किसी भी रूप में दे सकेंगे।

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