मीडिया के सामने पीडि़ता ने कहा हादसा नहीं, सेंगर ने उसे मरवाने की कोशिश की

क्राइम न्यूज डेस्क। सडक़ दुर्घटना की शिकार हुई उन्नाव रेप पीडि़ता घटना के बाद पहली बार मीडिया के सामने आयी और अपनो बयान में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पोल खोली। पीडि़ता ने बताया कि बीते 28 जुलाई को उसके साथ सडक़ दुर्घटना नहीं बल्कि उसे सेंगर ने खुद मरवाने की साजिश रची थी। बता दें घटना में बुरी तरह से घायल पीडि़ता का इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा है जहां उसकी स्थिति तेजी से अब सुधर रही है।
गुरूवार को मीडिया से बातचीत में पीडि़ता ने बताया कि पूरा हाथ कुलदीप सिंह सेंगर का था। पीडि़ता के मुताबिक दो दिन से पहले कुछ बेहतर महसूस कर रही पीडि़त ने कहा कि कार और ट्रक की भिडंत के जरिए कुलदीप सिंह सेंगर ने मुझे मारने की साजिश रची थी। इसमें किसी को भी संदेह नहीं होना चाहिए। हादसे पर पीडि़त ने बताया कि मैंने देखा कि ट्रक हमारी कार को रौंदने के लिए सीधा हमारी तरफ आ रहा है। सेंगर ने मुझे मारने के लिए इस साजिश को अंजाम दिया। वह कैद में रहकर भी किसी भी हद तक जा सकता है। मेरे वकील जो गाड़ी चला रहे थे उन्होंने कार को बैक करने की कोशिश की ताकि बचा जा सके। लेकिन बचा नहीं जा सका।
घटना में पीडि़ता की चाची और मौसी की हो चुकी है मौत
बता दें कि बीते 28 जुलाई को हुई इस घटना को सामान्य एक्सिडेंट बताने का प्रयास किया गया था। लेकिन मीडिया ने जब मामले को प्रमुखता से उठाया तो बात कुछ और ही निकली और जांच शुरू की गयी। घटना के दौरान पीडि़ता की चाची व मौसी की भी मौत हो गयी थी।
उन्नाव कोर्ट जाने पर भी मिलती थी जान से मारने की धमकी
पीडि़ता ने मीडिया को बताया कि जब से ये मामला चल रहा है तब से मुझे जान से मारने की धमकी मिलती रही है। पीडि़ता के मुताबिक जब वह कोर्ट जाती थी तब भी उसे विधायक के गुर्गे जान से मारने की धमकी देते थे।
कई पत्र लिखने के बाद भी नहीं जागे अधिकारी
मीडिया से भावुक होकर पीडि़ता ने बताया कि सेंगर के गुर्गे उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, इस संबंध में कई बार पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचना दी गयी लेकिन किसी ने नहीं सुना। पीडि़ता ने ये बयान सीबीआई को भी दिया है।
सीबीआई दे चुकी है सुप्रीम कोर्ट को पूरी रिपोर्ट
इस मामले की जांच सीबीआई से करायी गयी है। सीबीआई को पुलिस के अधिकारियों को भी लापरवाही मिली है। सीबीआई की रिपोर्ट में रिपोर्ट में फोरेसिंक विशेषज्ञों, ट्रक ड्राइवर व क्लीनर का नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग टेस्ट, पीडि़त, परिवारीजनों और स्थानीय लोगों के बयान का जिक्र कर तथ्य निकाला गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच कर रही सीबीआई से रिपोर्ट देने को कहा था। सीबीआई ने कोर्ट से जांच रिपोर्ट देने की समय अवधि तीन बार बढ़वाई थी।

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