ड्रग्स तस्करों की चपेट में आईआईटी कानपुर, निदेशक ने डीएम से मांगी मदद

लखनऊ। देश का जाना माना इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थान आईआईटी कानपुर इन दिनों ड्रग्स स्मगलरों की चपेट में है। यहां होने वाली ड्रग्स की सप्लाई के चलते कुछ लड़कों का जीवन भी खतरे पड़ गया है। ड्रग्स स्मगलरों की कमर तोड़ने के लिए आईआईटी निदेशक प्रोफेसर मणीन्द्र अग्रवाल ने कानपुर जिलाधिकारी को एक पत्र भी लिखा है। निदेशक ने मांग की है इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जाये। ड्रग्स लेने वाले 24 छात्रों को चिन्हित भी किया गया है।
जिलाधिकारी ने लिया मामले का संज्ञान
ड्रग्स स्मगलरों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जिलाधिकारी ने पूरे मामले के संज्ञान में लिया है। जिलाधिकारी ने ये कहा है कि इतने बड़े जान्ो माने संस्थान में ड्रग्स सप्लाई होना चिंता का विषय है। इस पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है। जिलाधिकारी की ओर आईआईटी प्रशासन को भी हर जरूरी कदम उठाने की अनुमति भी प्रदान की गयी है। जिलाधिकारी ने बताया कि इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन आईआईटी प्रशासन की पूरी मदद करेगा। छात्रों को ड्रग्स सप्लाई करने वालों की धरपकड़ कराने की रूपरेखा बनाई जा रही है। जल्द ही ये लोग पुलिस की पकड़ में होंगे।
आईआईटी परिसर में बाहरी लोगों का बंद होगा प्रवेश
आईआईटी प्रशासन के मुताबिक बाहरी लोगों का प्रवेश बंद करने की तैयारी की जा रही है। कुछ अधिकारियों ने ये भी बताया कि आईआईटी में बाहरी छात्रों की वजह से ही यहां पढ़ाई कर रहे छात्रों में ड्रग्स की लत लगी है। ऐसे में एक सप्ताह के अंदर यहां नई व्यवस्था लागू कर दी जायेगी। बाहरी व्यक्ति वही परिसर के अंदर प्रवेश कर सकेगा जो आईआईटी के ही काम से आया हो उसका पूरा ब्योरा तो दर्ज ही होगा साथ में उसके लिए प्रवेश का रास्ता भी अलग तय किया जायेगा।
हॉस्टल में मौज मस्ती भी करने आते हैं बाहरी छात्र-छात्राएं
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आईआईटी के हॉस्टलों में बाहरी छात्र-छात्राएं मौज मस्ती के लिए आते हैं। ऐसी स्थिति में कुछ छात्र ड्रग्स सप्लायरों से मिले हुए हैं। और ड्रग्स सप्लाई करने वाले बाहरी लोग पूरी तर से सक्रिय हैं। यहां तक कई बार आईआईटी के कुछ कार्यक्रमों में भी बाहर के छात्र-छात्राएं भी आते हैं। इसी दौरान ड्रग्स सप्लाई करने वाले गिरोह नए छात्र-छात्राओं को भी ड्रग्स का लती बना देते हैं। इसके बाद छात्रों को हॉस्टल में भी सप्लाई की जाती है। जिस पर आईआईटी प्रशासन पूरी तरह से शिकंजा कसने जा रहा है।
फैकेल्टी मेंबर्स और वार्डेंन से मिली जानकारी
आईआईटी निदेशक मणींन्द्र अग्रवाल ने बताया कि इस बारे में हमें जानकारी नहीं थी। लेकिन जब फैकेल्टी मेंबर्स और वार्डेंन से जानकारी मिली तो मामले को गंभीरता से लिया गया। जिसके बाद इसकी निगरानी करायी गयी कुछ छात्रों में ड्रग्स की लत को महसूस किया गया। उन्होंने बताया कि ड्रग्स सप्लाई करने वालों को गिरफ्तार करने के लिए जिला प्रशासन से मदद मांगी गयी है।

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