यूपी में भडक़ाऊं भाषण दिया तो अब खैर नहीं, डीजीपी ने जारी किया दिशा निर्देश, तत्काल दर्ज होगी दोषियों पर एफआईआर

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If you give a rash speech in UP, now it is not good, DGP has issued guidelines, FIR will be lodged immediately on the culprits
यूपी में सार्वजनिक स्थलों और सोशल मीडिया पर भडक़ाऊ भाषण दिया तो अब उसकी खैर नहीं होगी। डीजीपी ओपी सिंह ने ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने का निर्णय लिया है। ऐसे में जो भी अब भडक़ाऊं भाषण देगा या फिर सोशल मीडिया पर आपत्ति जनक व भडक़ाऊ समाग्री पोस्ट करेगा उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जायेगी। डीजीपी ने इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस कप्तानों और आईजी, डीआईजी रेंज के अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बारे में डीजीपी ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों की साक्ष्य के आधार पर तत्काल गिरफ्तारी भी की जाये।
सोशल मीडिया पर मौजूद शरारती तत्वों की तैयार होगी सूची जायेंगे जेल
सोशल मीडिया पर मौजूद शरारती तत्वों की सूची भी तैयार की जायेगी। ऐसे लोग यदि चेतावनी के बाद भी नहीं सुधर रहे हैं तो जेल जाने के लिए तैयार रहे। गुरूवार डीजीपी की ओर से जारी दिशा निर्देश के मुताबिक ऐसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। डीजीपी ने कहा कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर प्रसारित ऐसी पोस्ट को अत्यंत गंभीरता से लेने की जरूरत है जिनसे साम्प्रदायिक सद्भाव तथा प्रकारान्तर से लोक व्यवस्था को प्रभावित करने की कुचेष्टा दिख रही हो।

                    पुलिस महानिदेशक,  द्वारा सभी को निर्देशित किया गया

ऽ विद्धेषकारी पोस्ट प्रेषित करने वाले व्यक्ति की जानकारी होने पर उसके निवास के जनपदीय पुलिस द्वारा तत्काल चिन्हित कर उसके विरूद्ध अविलम्ब स्वप्रेरणा (ैनव उवजव) से सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया जाय और साक्ष्य के आधार पर ऐसे व्यक्ति की गिरफ्तारी सुनिश्चित करायी जाय।
ऽ ट्वीट/यूट्यूब आदि पर विद्धेषकारी, आपत्तिजनक वीडियों/मैसेज पोस्ट करने वाला किसी भी क्षेत्र का निवासी हो परन्तु उस पोस्ट/ट्वीट/वीडियो का प्रभाव जिस भी जनपद में पड़ रहा सम्बन्धित जनपद द्वारा इस सम्बन्ध में सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट तत्परता से दर्ज की जाय।
ऽ तत्परता से प्राथमिकी पंजीकृत करने के साथ-साथ ऐसे लोगों का चिन्हांकन भी कर लिया जाय, जो सुनियोजित रूप से ऐसे विद्धेषकारी पोस्ट कर रहे हैं और समझाने के पश्चात भी वह ऐसी प्रवृत्ति को नही छोड़ रहे हैं, ऐसे व्यक्तियों का पूरा अभिलेखीकरण करके निरोधात्मक कार्यवाही की जाय।
ऽ ऐसे तत्वों के विरूद्ध प्रकरण की गम्भीरता एवं संवेदनशीलता का आंकलन करते हुये रासुका जैसे प्राविधानों के तहत भी कार्यवाही की जाय ।
ऽ आपत्तिजनक सामग्रीयुक्त पोस्ट का खण्डन तत्परता से किया जाय, जहां से यह पोस्ट जनरेट हुई है अथवा उस जनपद से किसी प्रकार सम्बन्धित रही है, का प्रत्युत्तर उस जनपद द्वारा रूटीन अथवा सतही तौर पर न करते हुए प्रत्येक पोस्ट का समुचित तथ्यपरक् खण्डन उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक ट्वीटर हैण्डल के माध्यम से तत्परता से करते हुये विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।
ऽ किसी सोपान पर यदि किसी भी प्रकार की जटिल तकनीकी अथवा विधिक पहलू पर मार्गदर्शन की आवश्यकता पडती है तो पुलिस महानिरीक्षक, साइबर अपराध/पुलिस अधीक्षक, साइबर सेल, उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में कर्तव्यरत् साइबर क्राइम यूनिट के कर्मियों से सम्पर्क कर यथापेक्षित सहयोग अथवा मार्ग दर्शन प्राप्त किया जाय।

Posted By-Ravi Gupta

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