कैसे करें जहरीली हवा के प्रकोप से अपना बचाव

लखनऊ। राजधानी समेत प्रदेश के पांच जिले अधिक धूंध /smog व प्रदूषण की चपेट में आ गये। ऐसे में लखनऊ का एयर क्वालिटी इंडेक्स 484 रहा तो गाजियाबाद का 467, कानपुर का 448, मुरादाबाद 42० जबकि नोएडा 41० तक पहुंच गया था। ऐसे में कई राज्यों में फैली धुंध की खबरों से लोगों में चिंता का विषय बन गया तो वहीं सेहत पर भी काफी असर पड़ने लगा। ऐसे में जहरीली हवा के असर से कैसे बेअसर रहे इस बारे में आपको बता रहा है इंडिया न्यूज टाइम्स डॉट इन
इन शहरों की इसी सप्ताह ऐसी हुई स्थिति
लखनऊ-484
गाजियाबाद-467
कानपुर-448
मुरादाबाद-42०
नोएडा-41०

स्मॉग से कैसे करे अपना बचाव

  • -एलो वेरा, आइवी और स्पाइडर प्लांट जैसे Air Purifying plants को घर और कार्यालयों में रखा जा सकता है।
  • -कारों का इस्तेमाल कम करे. जितना हो सके बाइक, कारपूल, और सार्वजनिक परिवहन जैसे बस, मेट्रो का उपयोग करें।
  • -जितना हो सके एक्सरसाइज घर पर ही करें।
  • -अगर आखों में जलन होती है तो पानी से अच्छी तरह से आँखे धोएं. अगर तब भी आराम नहीं मिलता तो डॉक्टर का पास जाएँ।
  • -अगर आपका ज्यादा बाहर आना जाना लगा रहता है तो फेस मास्क का इस्तेमाल करें।
  • -आप अपने घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल भी कर सकते है ।
  • – घर के पास किसी भी प्रकार का constructon हो रहा है तो उसे कुछ दिनों के लिए बंद करवा दे।
  • -कूड़ा करकट या पत्तियों का बिलकुल भी न जलाए।
  • -घर के आस पास रेत या धुल मिट्टी जमा है तो वहां पानी डाल दे. इससे धुल हवा के साथ नहीं उड़ेगी।
  • -विटामिन सी, मैग्नीशियम, ओमेगा फैटी एसिड से समृद्ध पदार्थों का ज्यादा सेवन करें।
  • -अदरक, तुलसी, काली मिर्च की चाय पीने से भी immune system बेहतर होता है. ये हमारी बिमारियों से लड़ने की क्षमता को बढाता है ।

क्या है स्मोग 

धूंध /smog एक प्रकार का वायु प्रदूषण है, जो हवा में धुएं और कोहरे का मिश्रण होता है. यह कोहरे, धूल और वायु प्रदूषक जैसे कि नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, पीएम 10, वाष्पशील कार्बनिक यौगिकों आदि का एक हानिकारक मिश्रण है जो सूर्य के प्रकाश के साथ मिलकर ग्राउंड-स्तरीय ओजोन की घनी परत बनाते हैं। ये हानिकारक केमिकल आमतोर पर कारखानों और गाड़ियों के धुएँ, झूम खेती, औद्योगिक संयंत्रों से निकलते है। धूंध /smog भारी यातायात, उच्च तापमान, धूप और शांत हवाओं के कारण भी होती है. वातावरण में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के पीछे ये कुछ कारक हैं। सर्दियों के महीनों के दौरान जब हवा की गति कम हो जाती है, तो यह धुएं और कोहरे को धूंध /smog बनाने में मदद करती है और जमीन के निकट प्रदूषण के स्तर को बढाती है।

स्मोग के कारण दिख सकते है ये लक्षण –

  • -धूंध के कारण खांसी, गले और सीने में जलन जैसी समस्याएं।
  • -ओजोन का उच्च स्तर हमारी श्वसन प्रणाली में दिक्कत पैदा कर सकते हैं।
  • आमतौर पर ये लक्षण हमारे स्मॉग के संपर्क में आने के कुछ घंटों के बाद चले जाते हैं।
  • हालांकि, लक्षणों के गायब होने के बाद भी ये हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • -सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
  • -अस्थमा होने का खतरा रहता है।
  • -भारी धूंध /smog के कारण विटामिन डी का उत्पादन प्राकृतिक तौर पर कम होता है जिससे लोगों में रिकेट्स की समस्या हो सकती हैं।                                           प्रस्तुति अमृता जी 

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