बागबानी का भारतीय अर्थव्यस्था में बड़ा योगदान-प्रो. आरबी राम

लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय गुरूवार को लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144 वीं जयंती, नेशनल यूनिटी डे के अवसर पर स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी, डिपार्टमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर द्वारा बागवानी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए संगोष्ठï आयोजित की गयी। इस मौके पर मुख्य अतिथि डीन एकेडमिक प्रोफेसर आरपी सिंह, विशिष्ट अतिथि कलीम उल्लाह खान, राम शरण वर्मा, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर एस विक्टर शामिल हुए। इस मौके पर प्रोफेसर आरबी राम ने कहा कि बागवानी का भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम योगदान है इसके अंतर्गत तैयार होने वाली सभी फल और सब्जियों से किसानों को तुलनात्मक दृष्टि से अधिक शुद्ध लाभ प्राप्त होता है जितना अनाज के उत्पादन में नही मिल सकता। विभागाध्यक्ष डॉ संजय कुमार ने संगोष्ठी की विषयवस्तु पर चर्चा करते हुए बताया कि भारत सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कार्य कर रही है और बागवानी सरकार के इस प्रयास में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी । इस बात को ध्यान में रखते हुए इस संगोष्ठी का यह विषय निर्धारित किया गया है। कलीम उल्लाह खान ने संगोष्ठी के विषय की सराहना करते हुए कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में कृषि पर चर्चा की जानी चाहिए क्योंकि आज के समय का यह आवश्यक विषय है। हमें किसानों की आय और उनके सामाजिक स्तर को बढ़ाने की जरुरत है। प्रगति करने के लिए हमें तार्किक होने की आवश्यकता है। अपने उद्बोधन में उन्होंने गिरते जल स्तर पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि तालाबों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने द्वारा तैयार मोदी, ऐश्वर्या व अखिलेश आम की किस्म के बारे में बताया और कहा कि हर आम की अपनी अलग विशेषता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आम के अंदर औषधीय गुण होते हैं हमें इसपर शोध करने की आवश्यकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

2 + 3 =