एकेटीयू के 15 वें दीक्षांत समारोह में डिग्री के साथ मेडल पाकर खुश हुए मेधावी

लखनऊ। डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) का 15 वां दीक्षांत समारोह बड़ी धूमधाम के साथ मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मनाया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में नई दिल्ली अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल डी. सहस्त्रबुद्धे ने शिरकत की। साथ ही प्राविधक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन और कुलाधिपति राज्यपाल राम नाईक भी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलन के साथ हुई। इस दौरान एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी विश्वविद्यालय के लिए और उससे भी अधिक उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के जीवन में एक विश्ोष अवसर होता है। दीक्षांत समारोह का आयोजन एक औपचारिक कार्यक्रम है जो कि विश्वविद्यालय के लिए गौरवशाली क्षण होता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षण संस्थान के रूप में विश्वविद्यालय को ऐसा मानव संसाधन विकास का केन्द्र होना चाहिए जो सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तन के लिए पे्ररणा देने वाला कार्य कर सके। इस दौरान आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन ( एआईसीटीई) के प्रेसीडेंट प्रो. अनिल डी. सहस्त्रबुद्धे को मानद की उपाधि कुलाधिकपति की ओर से प्रदान की गयी। साथ ही 81 मेधावियों को पीएचडी की भी उपाधि प्रदान की गयी।

इन्हें कुलाधिपाति ने दी पीएचडी की उपाधि 

संतोष कुमार सिंह, अभिष्ोक श्रीवास्तव, अंजू यादव, रिया श्रीवास्तव, अविनाश गुप्ता, दीपक कुमार, अविनाश सिंह, पल्लवी सिंह, संतोष कुमार मिश्रा, अंशु नाईक, ज्योति अग्रवाल, संंजय क्रिसतोफेर रेबेलो, प्रशांत सिंह चौहान, सोनाली खंडूजा, प्रभाकर यादव, लक्ष्मी प्रभा सिंह, मेधा कपूर, प्रियका मिश्रा, देवेन्द्र कुमार, लोकेश शुक्ल, प्राची श्रीवास्तव, अमृता कौशिक, काकोड़िया प्रवीण राघव, ऋतु त्रिपाठी, संगीता कांडपाल, रिम्पा जयसवाल, प्रवेश सोती, करीना भाटिया, राजीव गुप्ता, स्मृति श्रीवास्तव, मेघा विरमानी, निशा सिंह, राकेश कुमार जयसवाल, राधिका चौधरी, प्रोपा गोस्वामी, सतीश चन्द्र ओझा, सुशील गुप्ता, पुष्पेन्द्र कुमार शर्मा, मार्केण्डेय, पारुल पाण्डेय, विनीत कुमार, सुमन पान्डेय, अनुराग श्रीवास्तव, रेनुका नागपाल, अभय कुमार अग्रवाल, मोनिका वर्मा, शाची मल्ल, प्रकाश श्रीवास्तव, विमल कुमार, दीपक गुप्ता, सुशील कुमार, सत्येन्द्र सिंह, सारिका श्रीवास्तव, खादिम मुईन सिद्दीकी, विशाल अवस्थी, सुरेन्द्र कुमार श्रीवास, सारिका पाल, मनोज कुमार जैन, नीरज कुमार मिश्रा, विमल कुमार मिश्रा, अंहिसा त्रिपाठी, सुदीप यादव, निताश कौशिक, कीर्ति श्रीवास्तव, भगवान दास गिदवानी, अनूप कुमार शुक्ल, सुचित्र कौशिक राजीव गुप्ता, प्रदीप कुमार शर्मा, गिरीश कुमार त्रिपाठी, स्वतंऋ कुमार सिंह कुशवाहा, आकाश वेद, जयदीप मजमूदार, सलाहुददीन, सुजीत कुमार गुप्ता, भूमिका योगी, नितिन कुमार, विजय शर्मा, सनील कुमार जयसवाल, आलोक कुमार शाही, एस ए योगानाथन,

इन मेधावियों को मिला गोल्ड मेडल 

वैभव गर्ग-बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन-काइट गाजियाबाद, सौरभ वर्मा-बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन-एके गर्ग इंजी. कॉलेज गाजियाबाद, अनमोल अग्रवाल-बीटेक मैकेनिकल-जेएसएस एकेडमी गौतमबुद्ध नगर, अरुणिमा सिह-बीटेक टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी-नित्रा टेक्निकल कैंपस गाजियाबाद, अंशुमन वत्स-बीटेक एग्रीकल्चर-एसआर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कोमल शर्मा-बीटेक केमिकल इंजी.-मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिग, हर्षिता गुप्ता-बैचलर ऑफ फार्मेसी-कानपुर इंस्टी. ऑफ टेक्नोलॉजी एंड फार्मेसी, राहुल शर्मा-होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिग टेक्नोलॉजी-एचआर इंस्टी.गाजियाबाद, लक्ष्मी राजपूत- एमबीए-राजकुमार गोयल इंस्टी. गाजियाबाद, योगेश पांडेय-एमसीए- गल्गोटिया कॉलेज ऑफ इंजी.गौतमबुद्ध नगर, राहुल कुमार तोमर-बीआर्क-सुंदरदीप कॉलेज, गाजियाबाद, आश्रुति कौशिक-बीटेक आइटी-मेरठ इंस्टी. ऑफ इंजी., अंजलि तिवारी-बीटेक सिविल-श्रीरामस्वरूप मेमो. कॉलेज लखनऊ, मोहित अग्रवाल-बीटेक कम्प्यूटर साइंस एंड इंजी.-एके गर्ग इंजी. कॉलेज गाजियाबाद, शिवानी सिह-बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिग- बंसल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिग एंड टेक्नोलॉजी लखनऊ, विनीता जुनेजा-बैचलर ऑफ फैशन डिजाइ-एक्सेस इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, कानपुर।

इन मेधावियों को मिला सिल्वर मेडल

भावना द्बिवेदी-बीटेक सिविल इंजी.- बीबीडीएनआइटीएम लखनऊ, काव्या गर्ग- बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजी.-जीएल बजाज इंस्टी.ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, प्रिया अग्रवाल-इले.इंजी.-मुरादाबाद इंस्टी.ऑफ टेक्नोलॉजी मुरादाबाद, अखिलेश कुमार यादव-बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजी.-काइट गाजियाबाद, ऋषभ नागपाल-बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजी.-एके गर्ग इंजीनियरिग कॉलेज गाजियाबाद, सिद्धांत उमर-बीटेक मैकेनिकल इंजी.-काइट गाजियाबाद, वर्षा सिह-बीटेक टेक्सटाइल केमिस्ट्री-नित्रा टेक्नीकल कैंपस गाजियाबाद, हर्षित गुप्ता-बीटेक एग्रीकल्चर-एसआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी लखनऊ, पूरेंद्र कुमार सिह- बीटेक बायोटेक्नोलॉजी-एसआर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट लखनऊ, श्रद्धा तोमर- बैचलर ऑफ फार्मेसी-श्री राम मूर्ति स्मारक कॉलेज ऑफ इंजी.बरेली, कबीर चढ्डा- बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट-आइआइएमटी मेरठ, तंजीम फातिमा-एमबीए-जीएल बजाज इंस्टी.एंड मैनेजमेंट, प्रगति अग्रवाल-एमसीए-काइट गाजियाबाद, रजनी कुमारी-बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर-राजा बलवंत सिह इंजी.एंड टेक्नो.कैंपस आगरा, इतिशा-बीएफए-विद्या इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नो.मेरठ, सुगंधा बिस्वास- बीटेक आइटी-जीएल बजाज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट

इन्हें मिला ब्रॉन्ज मेडल

अभिषेक श्रीवास्तव-बीटेक सिविल इंजी.-काइट गाजियाबाद, दीप्ती मित्तल-बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजी.-एके गर्ग इंजी.कॉलेज गाजियाबाद, अंशिका दलाल-बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजी.-जेएसएस एकेडमी ऑफ टेक्निकल एजूकेशन गौतमबुद्धनगर, संचीता अरोरा-बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजी.-एके गर्ग इंजी.कॉलेज गाजियाबाद, नमन जैन- बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजी-काइट गाजियाबाद, अजय सिह कुशवाहा-बीटेक मैकेनिकल इंजी.-बीबीडी नेशनल इंस्टी.ऑफ टेक्नो.लखनऊ, सचिन गंगवार-बीटेक टेक्सटाइल केमेस्ट्री नित्रा टेक्निकल कैंपस गाजियाबाद, गायत्री यादव- बीटेक एग्री.इंजी.-एसआर इंस्टी.ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी लखनऊ, सृष्टि गुप्ता-बीटेक बायोटेक्नोलॉजी-नोएडा इंस्टी.ऑफ टेक्नोलॉजी, अनमोल गुप्ता-बीफार्मा-प्रावीर सिह इंस्टी.ऑफ टेक्नो.कानपुर, सागर गौरांग-बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट-सुंदर दीप कॉलेज ऑफ होटल मैनेजमेंट गाजियाबाद, भाव्या गोयल-एमबीए-एकेगर्ग इंजी.कॉलेज गाजियाबाद, अंजलि- एमसीए- मेरठ इंस्टी.ऑफ इंजी. एंड टेक्नो., जसीम अहमद सैफी-बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर-सुंदर दीप कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर गाजियाबाद, शुभम अग्रवाल-बीटेक आइटी- एके गर्ग इंजी.कॉलेज गाजियाबाद, वर्तिका मिश्रा- बैचलर ऑफ फैशन एंड एप्रेरल डिजाइनिग-एक्सिस इंस्टी.ऑफ फैशन टेक्नो.कानपुर।

सरकारी कॉलेजों के इन होनहारों को भी मिला मेडल

हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजी कानपुर की शिवांगी गुप्ता-कैमिकल इंजी. को गोल्ड और अभिषेक खत्री व महक अग्रवाल-कैमिकल इंजीनियरिग क्रमशरू सिल्वर व ब्रॉन्ज मेडल। उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट कानपुर की दीप्ती मिश्रा को टेक्सटाइल केमिस्ट्री में गोल्ड, ईशनीत कौर व सौम्या श्रीवास्तव-टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में क्रमशरू सिल्वर व ब्रॉन्ज। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिग एंड टेक्नोलॉजी लखनऊ के रजत कुमार सिह-कैमिकल इंजीनियरिग को गोल्ड ,कमला नेहरू इंस्टीट्यूट सुल्तानपुर की प्रिया सिसौदिया-इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिग को गोल्ड, विनय कुमार चैबे-इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी व रजत राय-मैकेनिकल इंजीनियरिग को क्रमशरू सिल्वर व ब्रॉन्ज मेडल। बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिग झांसी की मनीषा अग्रवाल-इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी को गोल्ड, दिशा जैन-इलेक्ट्रिक इंजीनियङ्क्षरग को सिल्वर व बिनीता जोशी-कैमिकल इंजीनियरिग को ब्रॉन्ज मेडल। कुशल सोनी-मैकेनिकल इंजीनियङ्क्षरग को सिल्वर व हिमांशु पटेल-इलेक्ट्रिक इंजी. को ब्रॉन्ज पदक के लिए चुना गया है।

रिहर्सल का फोटो छपने से होता है मजा किरकिरा-राज्यपाल

राज्यपाल ने रामनाईक ने कहा कि हर यूनिवर्सिटी का दीक्षांत का एक महात्व होता है। लेकिन दीक्षांत से पहले ही अगर रिहर्सल का फोटो अखबार में छप जाये तो मजा किरकिरा हो जाता है। उन्होंने कहा कि मेरा यह मानना है कि इस बारे में विचार होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि कई बार दीक्षांत से पहले बहुत लोग इधर उधर बहुत करने की कोशिश करते हैं इसीलिए मैने इससे पूर्व रजिस्ट्रार पर कार्रवाई करते हुए उन्हें हटाया।
परीक्षा में नकल हैं कैंसर की तरह
राज्यपाल ने कहा कि मैं परीक्षा में नकल को एक कैंसर की तरह से मानता हूं। उन्होंने कहा कि इसे रोकने के लिए कुलपति प्रो. विनय पाठक की ओर से यूनिवर्सिटी में काफी कुछ प्रयास किए गये हैं। उन्होंने बताया कि इससे जहां नकल माफिया की कमर टूटी है उससे यूनिवर्सिटी को करीब डेढ़ करोड़ रुपयों का फायदा भी हुआ है।
दस दिनों को स्पीड पोस्ट से मिलेगी डिग्री, न मिले तो करें शिकायत
राज्यपाल ने कहा कि एकेटीयू के सभी छात्रों की डिग्री दस दिनों के अंदर में उनके घर स्पीड पोस्ट से भेजी जाएगी। यह एकेटीयू की बड़ी उपलब्धता है। उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में भी कहता हूं कि डिग्री न मिलने पर कोई समस्या आये तो उस पर शिकायत भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत विद्यार्थी के जीवन का पहला पड़ाव होता है। दूसरे क्या बोलते है उस ओर ध्यान मत दो असफलता आने पर फिर से कोशिश करो। हिम्मत कभी नहीं हारना चाहिए।काम करते रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एकेटीयू का अगला दीक्षान्त समारोह न्यू कैम्पस में ही कराया जाये

प्रदेश सरकार शिक्षको की कमी दूर करने का कर रही प्रयास-टंडन

प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि एकेटीयू, छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा मुहैया कराने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश सरकार टीचरों की कमी को दूर करने की लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस छात्र को माता-पिता और गुरुजनों का आशीर्वाद मिलता है। वहीं जीवन में सफलता प्राप्त करता है।

देश बदलने के साथ हमें भी बदलने की जरूरत- मुख्य अतिथि प्रो. अनिल

इस मौके पर मुख्य अतिथि आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन ( एआईसीटीई) के प्रेसीडेंट प्रो. अनिल डी. सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि भारत एक ऐसा देश है। जहां सबसे ज्यादा युवा रहते है। देश बदल रहा है लेकिन उसके साथ हमें भी बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एकेटीयू का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है। इंजीनियरिग और टेक्नोलॉजी के फील्ड में काफी बदलाव आया है।छात्रों द्बारा शुरू किए गए स्टार्टअप ने देश में विकास की नई क्रांति ला दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को मिलकर एक शशक्त भारत बनाना है। जीवन में असफलता भी आती है लेकिन उससे घबराना नहीं चाहिए।असफलताओं से सीखने का मौका मिलता है।उसे निराश नहीं होना चाहिए।

कुलपति प्रो. विनय पाठक ने विश्वविद्यालय की ये उपलब्धियां प्रस्तुत की

कर्मचारियों के लिए आर्थिक सहायता हुआ प्रावधान
कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि जिन कर्मचारियों के दम पर यूनिवर्सिटी चल रही उनकी वर्षों पुरानी समस्या का निदान हो गया है। ऐसे में अब कर्मचारियों की आर्थिक सहायता के लिए एक लाख रुपए देने का प्रावधान किया गया है। यदि कोई कर्मचारी के साथ दुर्घटना होती होती है तो उस स्थिति में कर्मचारी को इलाज के लिए तीन लाख तक दिया जायेगा।
आईआईटी में हुई योग्य शिक्षकों की नियुक्ति
कुलपति ने बताया कि पिछले 24 सालों के बाद विश्वविद्यालय के घटक संस्थान आईईटी में योग्य शिक्षकों की नियुक्तियां हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सरकारी सहायतित संस्थानों में प्रदेश सरकार के संकल्पपत्र की संकल्पना को एक अंतिम रूप देने के लिए शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए शिक्षक भर्ती प्रक्रिया की गयी।
गूगल ने लैब के लिए एकेटीयू को दिए एक लाख डॉलर                                               कुलपति ने बताया कि गूगल की ओर से विश्वविद्यालय को लैब के विकास के लिए एक लाख डॉलर की आर्थिक सहायता प्रदान की गयी है जो कि एक अपने में बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की पूरी कार्य प्रणाली का डिजिटलीकरण के साथ सभी कामों और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए फाइल ट्रेकिंग सिस्टम भी लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षो से विश्वविद्यालय के पास अपना भवन नहीं था जो अब हो गया है। निजी भवन का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया।
एकेटीयू ने शुरू किए हैं नये दो संस्थान
कुलपति ने बताया कि वर्ष 2०17 में एकेटीयू की ओर से दो नये संस्थान भी शुरू किए गये हैं। जिसमें सेंटर फॉर स्टडीज, लखनऊ और इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन उत्तर प्रदेश शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में सत्र 2०17-18 में एकटेक इन साबर सिक्योरिटी शुरू किया गया है। साथ ही साथ सत्र 2०18-19 में दो नयी ब्रांच्ो नेनो टेक्नोलॉजी और मैकाट्रोनिक्स में एमटेक शुरू करने की योजना पर जोर दिया जा रहा है।
बी-डेस पाठ्यक्रम की भी शुरूआत हुई
कुलपति ने बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन में सत्र 2०17-18 में बी-डेस पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। संस्थान में गुणवत्तापरक शिक्षा प्रणाली के विकास के लिए आईआईटी, गुहाटी के साथ करार करने की कवायद की जा रही है। उन्होंने बताया कि किसी भी विश्वविद्यालय का मुख्य ध्येय शोध-नवाचारों को बढ़ावा देना है वर्ष 2०17 में विश्वविद्यालय की ओर से प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को नवाचारों से जोड़ने के कई रिसर्च प्रमोशन स्कीम के अंतर्गत वर्ष 2०17 लगभग 21 शोध प्रस्तावों को 5 लाख तक की शोध ग्रांट भी प्रदान की गयी है।
47 छात्र-छात्राओं को टीचिंग असिस्टेंस प्रदान की गयी
कुलपति ने बताया कि वर्ष 2०17 में होमी भाभा टीचिंग असिस्टेंस प्रोग्राम के अंतर्गत विश्वविद्यालय के पीएचडी पाठ्क्रम के लगभग 47 छात्र-छात्राओं को टीचिंग असिस्टेंस प्रदान की गयी है। जिसके अंतर्गत उन्हे शोध के लिए 4० हजार रुपए प्रति माह का स्टाइपेंड प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2०17 में ही विक्रम सारा भाई टीचिंग असिस्टेंसशिप की शुरूआत की गयी। जिसके अंतर्गत पीएचडी के छात्र-छात्राओं को टीचिंग असिस्टेंसशिप प्रदान करने की कार्यवाही की जा रही है।          मुख्यमंत्री से विश्वविद्यालय को मिले 2०० करोड़
इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2०० करोड़ रुपए दिये हैं। जिससे विश्वविद्यालय की गुणवत्ता में और सुधार किया जायेगा। उन्होंने बताया कि यह धनराशि पंडित दीनदयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार योजना के अंतर्गत प्रदान की गयी।

कुलपति ने ये भी बतायी उपलब्धियां

-सेमिनार ग्रांट के तहत चयनित प्रस्ताव को एक लाख रुपए की मिलेगी ग्रांट।
-परीक्षा और परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू की गयी।
– प्रणाली में च्वाइस बेस्ट के्रडिट सिस्टम सीबीसीएस प्रणाली लागू की गयी।
-वर्ष 2०17 में 1०० प्रतिशत सफल डिजिटल मूल्यांकन किया गया।
-विश्वविद्यालय में स्टूडेंट सर्विस ऐप भी लांच किया गया।
-सर्विस ऐप से छात्रों को माइग्रेशन, डिग्री प्राप्त करने की आसानी होगी।
-छात्र को अब प्रमाणपत्रों को जिलों से राजधानी नहीं आना पड़ेगा। एप से ही काम होगा।
– छात्र-छात्राओं को मुफ्त इंटरनेट के लिए जियो के साथ एमओयू साइन किया गया।
-विश्वविद्यालय के तीन संस्थानों में सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना की गयी है।
-टीचिंग लर्निंग की गुणवत्ता में सुधार के लिए हस्ताक्षरित साझा पत्र का समया बढ़ाया गया।
-कौशल विकास की ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए इंडिया मार्ट से भी एमओयू साइन किया गया है।
-कैंपस सेलेक्शन के लिए दो बार रोजगार मेले का आयोजन किया गया।
-मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सों के लिए आईआईटी कानपुर के साथ पहल की गयी है।
-गूगल के साथ विश्वविद्यालय के नोएडा परिसर में आईटी लैब के लिए कवायद की जा रही है।
-पारदर्शी तरीके से कॉलेजों को संबद्धता प्रदान करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गयी।
-शिक्षकों की सही जानकारी के लिए पैन की अनिवार्यता की गयी।
-संबद्ध संस्थानों के बच्चों के नामांकन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया भी शुरू की गयी है।
-डा. कलाम मेमोरियल इंटरनेशनल यूथ कानक्लेव ऑन क्रिएटिंग लाइवेबल प्लेनेट का आयोजन किया गया।

 

 

 

 

 

 

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