धूमधाम से मनाया गया गुरूनानक देव का जन्मदिवस, मेयर संयुक्ता भाटिया ने की स्मारक बनाने की घोषणा

लखनऊ। श्री गुरुनानक देव जी के 550वें जन्मदिवस पर प्रकाश पर्व का आयोजन राजधानी में बड़ी धूमधाम के साथ किया गया। इस अवसर पर गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा नाका की ओर से डीएवी पीजी कॉलेज में गुरु पर्व का आयोजन वृहद स्तर पर किया गया, जिसमे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन जी के साथ महापौर संयुक्ता भाटिया ने सहभागिता कर सच्चे बादशाह का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त महापौर ने आलमबाग, टेढ़ी पुलिया एवं आशियाना गुरुद्वारे में मत्था टेककर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान मेयर ने कहा कि गुरु नानक देव जी सिर्फ सिख पंथ ही धरोहर नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा पुंज है। श्री गुरु नानक जी के जन्म के समय समाज घोर गिरावट की ओर था, बाल्यकाल से ही गुरु जी का झुकाव परमात्मा एवं सत्य के प्रति रहा था। एक बार कुछ धर्म गुरुओं ने उनसे योग के बारे में पूछा जिसका उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि जीवित रहते हुए ही इच्छा विहीन, त्यागी एवं अहम विहीन जीवन जीना ही वास्तविक योग है। श्री गुरु नानक ने धर्म का सच्चा व सही स्वरूप दिखाया एवं सदियों से वैचारिक गुलामी भोग रहे व्यक्तियों को मानवीय स्वतंत्रता संकल्प दिलाया और उन्हें सिर उठाकर जीने की युक्ति प्रदान की। उन्होंने लोगों को समझाया कि गृहस्थ जीवन ही मानव जीवन की भलाई का उचित मार्ग है, सामाजिक जीवन से मुँह मो? कर जीवन को उन्नति के पथ पर अग्रसर नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री की पहल पर खुला करतारपुर कॉरिडोर
मेयर आगे कहा कि हमारे यश:स्वी प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी ने गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश-उत्सव से पहले, इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट, करतारपुर साहिब कॉरिडोर का खोलकर, हम सभी के लिए दोहरी खुशी प्रदान की है. इस कॉरिडोर के बनने के बाद, अब गुरुद्वारा दरबार साहिब के दर्शन आसान हो जाएंगे. जहाँ हमारे सिख श्रद्धालुओं को पहले पाकिस्तान में लाहौर जाकर वहां से 120 किलोमीटर की दूरी तय कर गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाना पड़ता था अब डेरा बाबा नानक से भारतीय सीमा तक जाने के बाद मात्र चार किलोमीटर की दूरी तय कर करतारपुर गुरुद्वारा में सच्चे बादशाह का आशीर्वाद ले सकेंगे। यह कॉरिडोर माननीय मोदी जी की सबका साथ सबका विकास की नीति में पारदर्शिता को भी प्रदर्शित करता है।
कुर्बानियों से भरा है सिख इतिहास
सिख इतिहास कुर्बानियों से भरा हुआ है। मेरी यह दिली एवं व्यक्तिगत इक्षा है कि सिख समाज के शौर्य, वीरता और त्याग के इतिहास को संरक्षित करने एवं जिससे हमारी आने वाली पीडिय़ों को प्रेरणा मिले सके, साथ ही वहाँ चले लंगर से लखनऊ का कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। ऐसे किसी स्मारक या म्यूजियम या स्थल का निर्माण लखनऊ क्षेत्र में करने में अगर मेरे द्वारा कोई भूमिका निभायी जाती है तो इसे मैं अपना सौभाग्य समझूँगी, उन्होंने सभी गुरुद्वारा कमिटी से आवाहन करते हुए कहा कि मेरा आपसे आग्रह है कि आप सभी गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के लोग बैठकर इस ओर कोई योजना बनाकर मुझे देंगे तो मैं इस अनमोल और पीडिय़ों को प्रेरणा दायक कुछ खड़ा करने की नींव डालने में सफल होंगी।

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